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Rishikesh News: आग पर रोकथाम के लिए बनाए क्रू स्टेशन
Sat, 19 Apr 2025 01:37 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:37 AM IST
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भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन के गोहरी रेंज की ओर से आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए विकासखंड यमकेश्वर में जगह-जगह क्रू स्टेशन बनाए गए हैं।
आग की घटनाओं पर नजर रखने और नियंत्रण के लिए मास्टर कंट्रोल रूम लैंसडौन में स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम से प्रत्येक रेंज के जंगलों की आग की घटना स्थलों पर रवाना करने के लिए टीम को निर्देशित किया जाता हैं। इसके अलावा आग की घटनाओं की सूचना देने के लिए वन विभाग ने 1926 का टोल फ्री नंबर भी उपलब्ध करवाया है। जिस पर कोई भी व्यक्ति आग लगने की सूचना वन विभाग को दे सकता है।
प्रत्येक क्रू स्टेशन में तीन फायर वाचर तैनात किए गए हैं। जो आग लगने की सूचना मिलते ही घटना स्थल की ओर रवाना होंगे। इन फायर वाचरों को वन विभाग की ओर से फायर रैक, फायर गार्ड जैकेट, मेडिकल किट, हेलमेट, दस्ताने, पानी की बोतल, पाठल और टॉर्च उपलब्ध करवाए गए हैं। आग बुझाने गए टीम को अधिक समय लगने पर प्रत्येक क्रू स्टेशन में गुड़ और चना भी उपलब्ध करवाया गया है।गोहरी रेंज के अंतर्गत 82 राजस्व ग्रामों में कुल चार क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। यह क्रू स्टेशन 30 जून तक काम करते रहेंगे।
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कोट-
जंगलों में लगने वाली आग से जंगली जानवरों के नवजात, घोंसले, पंछी, वनस्पति, पेड़ आदि जलकर नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा वनाग्नि से जल स्रोत भी सूख जाते हैं। जंगली जानवर गांव के अंदर रिहायशी क्षेत्रों में जाते हैं। ग्रामीणों से अपील करते हैं कि वह अपने नापखेत कृषि भूमि में आड़ा न जलाएं। - सुनील रावत, वन क्षेत्राधिकारी गोहरी
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आग की घटनाओं पर नजर रखने और नियंत्रण के लिए मास्टर कंट्रोल रूम लैंसडौन में स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम से प्रत्येक रेंज के जंगलों की आग की घटना स्थलों पर रवाना करने के लिए टीम को निर्देशित किया जाता हैं। इसके अलावा आग की घटनाओं की सूचना देने के लिए वन विभाग ने 1926 का टोल फ्री नंबर भी उपलब्ध करवाया है। जिस पर कोई भी व्यक्ति आग लगने की सूचना वन विभाग को दे सकता है।
प्रत्येक क्रू स्टेशन में तीन फायर वाचर तैनात किए गए हैं। जो आग लगने की सूचना मिलते ही घटना स्थल की ओर रवाना होंगे। इन फायर वाचरों को वन विभाग की ओर से फायर रैक, फायर गार्ड जैकेट, मेडिकल किट, हेलमेट, दस्ताने, पानी की बोतल, पाठल और टॉर्च उपलब्ध करवाए गए हैं। आग बुझाने गए टीम को अधिक समय लगने पर प्रत्येक क्रू स्टेशन में गुड़ और चना भी उपलब्ध करवाया गया है।गोहरी रेंज के अंतर्गत 82 राजस्व ग्रामों में कुल चार क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। यह क्रू स्टेशन 30 जून तक काम करते रहेंगे।
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कोट-
जंगलों में लगने वाली आग से जंगली जानवरों के नवजात, घोंसले, पंछी, वनस्पति, पेड़ आदि जलकर नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा वनाग्नि से जल स्रोत भी सूख जाते हैं। जंगली जानवर गांव के अंदर रिहायशी क्षेत्रों में जाते हैं। ग्रामीणों से अपील करते हैं कि वह अपने नापखेत कृषि भूमि में आड़ा न जलाएं। - सुनील रावत, वन क्षेत्राधिकारी गोहरी
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