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हेंवल नदी से बैरागढ़ ब्रिज को खतरा
हेमवती नंदन भट्ट /ऋषिकेश।
Updated Fri, 14 Apr 2017 01:37 AM IST
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बैरागढ़ में पीडब्लूडी द्वारा निर्माणाधीन स्टील गार्डर ब्रिज की साइट,
- फोटो : amar ujala.
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यमकेश्वर के बैरागढ़ में हेंवल नदी पर निर्माणाधीन मोटर ब्रिज का भविष्य खतरे में है। जानकारों की मानें तो ब्रिज की साइट डेंजर जोन में है। पुल की बैरागढ़ वाली साइट जहां पर ब्रिज का पिलर बनाया गया है। उसके समीप ही पहाड़ी से बड़ा नाला गिरता है।
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इसी नाले से 2014 में आई बाढ़ और मलबे ने बैरागढ़ गांव को तबाह कर दिया था। दूसरी ओर ब्रिज की जोगियाणा साइट पर निर्माणाधीन पिलर इसी बाढ़ में आंशिकरूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। यह साइट लैंड स्लाइडिंग जोन में भी आती है।
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लोक निर्माण विभाग प्रखंड के बैरागढ़ और अन्य समीपवर्ती गांवों की आवागमन की सुविधा के लिए हेंवल नदी पर स्टील गार्डर ब्रिज निर्माण करा रहा है। गौरतलब है कि बरसात के समय हेंवल नदी में उफान आने पर बैरागढ़ समेत आसपास के कई अन्य गांवों के लोग घरों में कैद हो जाते हैं।
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उन्हें जरूरी कार्य के लिए भी नदी के पार महज ढाई सौ मीटर की दूूरी पर पड़ने वाले इलाकों तक पहुंचने के लिए चार से पांच किलोमीटर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बाढ़ के दौरान स्कूली बच्चे पठन-पाठन से महरूम हो जाते हैं। इसी असुविधा को देखते हुए हेंवल नदी पर करीब ढाई करोड़ की लागत से स्टील गार्डर ब्रिज निर्माणाधीन है।
अगस्त-2014 में यमकेश्वर आपदा के दौरान हेंवल नदी का लगभग दायरा दोगुना से अधिक बढ़ गया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था, उन्होंने ब्रिज साइट का भी मुआयना किया था।
उन्होंने ब्रिज साइट के नुकसान के कारण हेंवल नदी को ही बताया था और ट्रीटमेंट कराने की बात कही थी, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। उधर, दूसरी ओर ब्रिज के बैरागढ़ साइट के चयन के वक्त विभाग के इंजीनियरों और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने इसका संज्ञान लेना मुनासिब नहीं समझा। बहरहाल उक्त तकनीकी खामियों की अनदेखी के चलते स्थानीय लोग ब्रिज के वजूद को लेकर आशंकित हैं।
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साइट को भू-वैज्ञानिक द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। जिस बिज की साइट ने यमकेश्वर में 2014 का आपदा झेल ली है, अब कोई भी आपदा उसे क्षति नहीं पहुंचा सकती।
रंजीत सिंह भंडारी, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी दुगड्डा।