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Rishikesh News: सर्विस टैक्स के 5 करोड़ से भरेगी नगर निगम की झोली
Sun, 08 Feb 2026 02:26 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:26 AM IST
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नगर निगम की झोली में इस वित्त वर्ष में पांच करोड़ रुपये का इजाफा होगा। इसमें सर्विस टैक्स के रूप में एम्स से करीब 3.50 करोड़ और टीएचडीसी से 1.50 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके लिए नगर निगम ने दोनों संस्थानों को मांग पत्र भेजा है।
नगर निगम के टैक्स अनुभाग की ओर से इन दिनों गृह कर वसूली के लिए बिल बांटे जा रहे हैं। 15 हजार उपभोक्ताओं से इस साल गृहकर वसूली का लक्ष्य 2.50 करोड़ रुपये रखा गया है। इस वित्त वर्ष में अभी तक करीब दो करोड़ की वसूली की गई है। बाकी धनराशि प्रतिदिन ऑनलाइन और ऑफलाइन जमा की जा रही है।
कर वसूली के लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से केंद्रीय संस्थानों अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट काॅरपाेरेशन (टीएचडीसी) को मांग पत्र भेजा जा चुका है। दोनों विभागों की ओर से बजट उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों को पत्र भेजा जा रहा है।
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नगर निगम प्रशासन को उम्मीद है कि यह बजट मार्च आखिरी तक मिल सकता है। नगर निगम की ओर से यह टैक्स अपनी स्थापना तिथि के दिन से लिया जा रहा है।
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जीआईएस सर्वे का विवरण ले गया वन विभाग
नगर निगम के 12 वार्डों से संंबंधित जीआईएस सर्वे की फाइल के लिए वन विभाग की टीम शुक्रवार देर शाम तक नगर निगम में डटी रही। राज्य सरकार की ओर से करीब चार महीने पहले नगर निगम के रिहायशी क्षेत्र का जीआईएस सर्वे किया गया था। वन विभाग की टीम संबंधित 12 वार्डों की जीआईएस सर्वे से संबंधित पत्रावलियों की कॉपी ले गई।
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कोट-
जिस दिन से नगर निगम का गठन हुआ, उस दिन से एम्स ऋषिकेश से सर्विस टैक्स के रूप में 3.50 करोड़ और टीएचडीसी से 1.50 करोड़ रुपये का मांग पत्र भेजा गया है। संबंधित केंद्रीय संस्थानों की ओर से उस धनराशि को अपने बजट में रखा गया है। उम्मीद है कि इस वित्तीय वर्ष में यह राशि मिल जाएगी। - भारती, प्रभारी कर अधीक्षक, नगर निगम ऋषिकेश
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नगर निगम के टैक्स अनुभाग की ओर से इन दिनों गृह कर वसूली के लिए बिल बांटे जा रहे हैं। 15 हजार उपभोक्ताओं से इस साल गृहकर वसूली का लक्ष्य 2.50 करोड़ रुपये रखा गया है। इस वित्त वर्ष में अभी तक करीब दो करोड़ की वसूली की गई है। बाकी धनराशि प्रतिदिन ऑनलाइन और ऑफलाइन जमा की जा रही है।
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कर वसूली के लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से केंद्रीय संस्थानों अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट काॅरपाेरेशन (टीएचडीसी) को मांग पत्र भेजा जा चुका है। दोनों विभागों की ओर से बजट उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों को पत्र भेजा जा रहा है।
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नगर निगम प्रशासन को उम्मीद है कि यह बजट मार्च आखिरी तक मिल सकता है। नगर निगम की ओर से यह टैक्स अपनी स्थापना तिथि के दिन से लिया जा रहा है।
जीआईएस सर्वे का विवरण ले गया वन विभाग
नगर निगम के 12 वार्डों से संंबंधित जीआईएस सर्वे की फाइल के लिए वन विभाग की टीम शुक्रवार देर शाम तक नगर निगम में डटी रही। राज्य सरकार की ओर से करीब चार महीने पहले नगर निगम के रिहायशी क्षेत्र का जीआईएस सर्वे किया गया था। वन विभाग की टीम संबंधित 12 वार्डों की जीआईएस सर्वे से संबंधित पत्रावलियों की कॉपी ले गई।
कोट-
जिस दिन से नगर निगम का गठन हुआ, उस दिन से एम्स ऋषिकेश से सर्विस टैक्स के रूप में 3.50 करोड़ और टीएचडीसी से 1.50 करोड़ रुपये का मांग पत्र भेजा गया है। संबंधित केंद्रीय संस्थानों की ओर से उस धनराशि को अपने बजट में रखा गया है। उम्मीद है कि इस वित्तीय वर्ष में यह राशि मिल जाएगी। - भारती, प्रभारी कर अधीक्षक, नगर निगम ऋषिकेश