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‘असंतुलन से बढ़ा वन्यजीवों और मानव में संघर्ष’
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ब्यूरो/अमर उजाला/ ऋषिकेश।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय खदरी सडकमाफ में विश्व जैव विविधता दिवस पर वन विभाग की ओर से परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस दौरान राजकीय उच्च शिक्षा सेवा के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. केएस राणा ने ग्रामीणों को जैव विविधता का अर्थ व महत्व समझाते हुए वन्य जीवों के संरक्षण की बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि, प्रकृति और मानव के असंतुलन के कारण वन्यजीवों और मानव में संघर्ष बढ़ता जा रहा है।
बुधवार को विद्यालय में आयोजित परिचर्चा के दौरान बताया गया कि वन्यजीवों के आश्रयस्थल कम होने के कारण वन्यजीव गांवों और नगरों में प्रवेश कर रहे हैं। इस मौके पर समाज सेवी विनोद जुगलान विप्र ने कहा कि जिस तरह से विकास के लिए हम पहाड़ों को काटकर सड़कें और बड़े बांधों के निर्माण के लिए वनों को नष्ट कर रहे हैं। इससे न केवल वन कम हो रहे हैं बल्कि, ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ने से वन और वन्यजीवों की कई प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर हैं। इस अवसर पर प्रधान सरोप सिंह पुंडीर, मनीषा वर्मा, राय सिंह गौड़, तुलसा देवी, वन दरोगा सुरेंद्र कुमार, स्वयंबरदत्त कंडवाल, शिवराज सिंह, लोकेंद्र नेगी, सुनील कुमार, शशी रानकोटी, शेखर, रतन सिंह, मुन्ना सिंह, रणजीत सिंह, पन्ना लाल, ममता देवी, पार्वती देवी, कुटी देवी, पूनम देवी, आशा देवी, ऊषा देवी, मीना देवी, निशा देवी, पार्वती देवी, हीरा देवी मौजूद रहे।
उधर, गुमानीवाला स्थित प्रेम पाठशाला जूूनियर हाईस्कूल में विश्व जैव विविधता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य नीलू शर्मा ने छात्रों को नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। संस्थान के प्रमुख श्यामलाल भाई व अन्य सदस्यों ने 200 छात्रों को गंगा नदी व उसकी सहायक नदियों और तालाब के किनारे को प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नदियों-नालों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने के लिए पुराने कपड़े के थैले का उपयोग करने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर कैलाशचंद्र पंवार, शशि लता, सरिता, विष्णु आदि मौजूद रहे।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय खदरी सडकमाफ में विश्व जैव विविधता दिवस पर वन विभाग की ओर से परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस दौरान राजकीय उच्च शिक्षा सेवा के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. केएस राणा ने ग्रामीणों को जैव विविधता का अर्थ व महत्व समझाते हुए वन्य जीवों के संरक्षण की बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि, प्रकृति और मानव के असंतुलन के कारण वन्यजीवों और मानव में संघर्ष बढ़ता जा रहा है।
बुधवार को विद्यालय में आयोजित परिचर्चा के दौरान बताया गया कि वन्यजीवों के आश्रयस्थल कम होने के कारण वन्यजीव गांवों और नगरों में प्रवेश कर रहे हैं। इस मौके पर समाज सेवी विनोद जुगलान विप्र ने कहा कि जिस तरह से विकास के लिए हम पहाड़ों को काटकर सड़कें और बड़े बांधों के निर्माण के लिए वनों को नष्ट कर रहे हैं। इससे न केवल वन कम हो रहे हैं बल्कि, ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ने से वन और वन्यजीवों की कई प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर हैं। इस अवसर पर प्रधान सरोप सिंह पुंडीर, मनीषा वर्मा, राय सिंह गौड़, तुलसा देवी, वन दरोगा सुरेंद्र कुमार, स्वयंबरदत्त कंडवाल, शिवराज सिंह, लोकेंद्र नेगी, सुनील कुमार, शशी रानकोटी, शेखर, रतन सिंह, मुन्ना सिंह, रणजीत सिंह, पन्ना लाल, ममता देवी, पार्वती देवी, कुटी देवी, पूनम देवी, आशा देवी, ऊषा देवी, मीना देवी, निशा देवी, पार्वती देवी, हीरा देवी मौजूद रहे।
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उधर, गुमानीवाला स्थित प्रेम पाठशाला जूूनियर हाईस्कूल में विश्व जैव विविधता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य नीलू शर्मा ने छात्रों को नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। संस्थान के प्रमुख श्यामलाल भाई व अन्य सदस्यों ने 200 छात्रों को गंगा नदी व उसकी सहायक नदियों और तालाब के किनारे को प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नदियों-नालों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने के लिए पुराने कपड़े के थैले का उपयोग करने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर कैलाशचंद्र पंवार, शशि लता, सरिता, विष्णु आदि मौजूद रहे।
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