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युवाओं का साइकिलिंग दल टगलांगला दर्रा पहुंचा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:24 PM IST
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लेह के टगलंगला दर्रे पर पहुंचे पिथौरागढ़ के साइकिल सवार
- फोटो : अमर उजाला
यहां के युवाओं का साइकिलिंग अभियान दल दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे टगलांगला दर्रे तक पहुंच गया है। लेह में स्थित इस दर्रे की समुद्र सतह से ऊंचाई 5328 मीटर है। इस दर्रे तक पहुंचने के लिए युवाओं ने 3900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा, 4845 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बारालाछाला दर्रा, 5000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नाकीला दर्रा और 5200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लचुंगला दर्रा पार किया था। पूरा सफर बेहद रोमांच से भरा रहा।
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दस सदस्यीय इस दल ने आठ जुलाई को पिथौरागढ़ से सफर शुरू किया। यहां से मनाली तक यह लोग वाहन से गए। वहां से साइकिल से सफर शुरू किया गया। मनाली से लेह पहुंचने में दल के सदस्यों को सात दिन लगे। टगलांगला दर्रे से फोन पर अभियान दल के सदस्य सुरेंद्र पंवार ने बताया कि इतनी ऊंचाई पर स्थित दर्रों को साइकिल से पार करना एक अलग अनुभव है। उन्होंने कहा कि अब तक के सफर में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई। शुक्रवार को अभियान दल के सदस्य खारदुंगला दर्रे को रवाना होंगे। यह दल उच्च हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण, जनजीवन का अध्ययन करने निकला है।
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दल में हिमांशु बिष्ट, जगदीश भट्ट, मोहन पांडे, वीरेंद्र दरियाल, राजेश जोशी, इमरान हुसैन, सुरेश पांडे, नरेंद्र पंत और राकेश शामिल हैं। इन सदस्यों ने पहले भी कई साइकिलिंग अभियानों में हिस्सा लिया था। दल के सदस्य अगले चरण में श्रीनगर होते हुए वापस लौटेंगे। आठ जुलाई को अभियान दल के सदस्यों को महान पर्वतारोही लवराज धर्मशक्तू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
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