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Pithoragarh News: कानून व्यवस्था हुई लंगड़ी तो एक दुकानदार भी बन गया लाचार

Sat, 18 Jul 2026 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 18 Jul 2026 10:50 PM IST
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With law and order crippled, even a shopkeeper was left helpless
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लंगड़ाती पुलिस व्यवस्था ने एक दुकानदार को लाचारी की चौखट पर धकेल दिया। कार ने पैर कुचलकर दुकानदार को लाचार बना दिया। उसकी शिकायत पुलिस की मोटी फाइलों में दबकर रह गई इससे उसे न्याय से वंचित रहना पड़ा। 18 महीने से न्याय मांगने पुलिस की चौखट के चक्कर काटकर थक चुके लाचार दुकानदार को अब न्यायालय के दरवाजे खटखटाने पड़े हैं। पुलिस ने दुकानदार की लाचारी को दरकिनार कर कार चालक पर मेहरबानी दिखाई तो अब न्यायालय ने खुद आरोपी को तलब किया है।
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मामले के अनुसार, जिला न्यायालय के गेट के पास परचून की दुकान चलाने वाले बैंक रोड निवासी नरेंद्र कुमार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2025 को घर जाते समय लिंठूड़ा तिराहे पर एक कार ने उनका बायां पैर कुचल दिया और चालक मौके से भाग गया। आसपास के लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। लंबे समय तक इलाज चलने के बाद भी वह ठीक से चलने में समर्थ नहीं बन सके। घटना के कुछ दिन बाद न्याय की उम्मीद में उन्होंने किसी तरह कोतवाली पहुंचकर शिकायती पत्र दिया।
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हैरानी है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के दावे करने वाली पुलिस ने आरोपी की खोजबीन तो दूर मामले की शिकायत तक दर्ज नहीं की। लाचार दुकानदार ने खुद आरोपी चालक और कार का पता लगाकर कई बार पुलिस की चौखट पर न्याय की उम्मीद में दस्तक दी लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ। मजबूर होकर दुकानदार ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और दस्तावेजों के आधार पर आपबीती सुनाई।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश चंद्र ने भी माना है कि पुलिस की इस कार्यशैली से लाचार को न्याय से वंचित रहना पड़ा है। आरोपी चालक सटगल निवासी विजय कुमार को इस अपराध के लिए तलब किए जाने के पर्याप्त आधार हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी चालक को 31 जुलाई को न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए हैं।


एसपी से भी शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
जब कानून जिम्मेदार अधिकारी ही पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए गंभीर न हों तो निचले कर्मचारी कैसे गंभीरता दिखाएंगे। यही हुआ नरेंद्र कुमार के मामले में। नरेंद्र कुमार ने न्यायालय में पत्र देते हुए बताया कि उनके साथ घटी दर्दनाक घटना की 30 मई 2025 को एसपी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई थी। आज तक वह शिकायती पत्र फाइलों में गुम है। इस मामले ने पुलिस अधिकारियों और विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
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