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Pithoragarh News: ट्राउट मछली का उत्पादन छह गुना तक बढ़ा
Sun, 18 Oct 2026 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:32 PM IST
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में शीतजल मत्स्य पालन लोगों की आजीविका का प्रमुख आधार बना है। यही कारण है कि सरकार ने शीतजल क्षेत्रों में मत्स्य पालन के क्षेत्र में 2,299 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। यही कारण है कि देश में एक दशक में ट्राउट मछली का छह गुना तक उत्पादन बढ़ा है। यह बात कही मुनस्यारी पहुंचे केंद्रीय मत्स्य विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने।
डॉ. लिखी ने मुनस्यारी कोल्डवॉटर फिशरीज क्लस्टर का किया दौरा किया। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों में 5,600 से अधिक रेसवे, 54 हैचरी, 293 कोल्ड स्टोरेज और 260 फीड मिल स्वीकृत किए गए हैं। पिछले एक दशक में ट्राउट मछली के उत्पादन में छह गुना वृद्धि हुई है और यह लगभग 5,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष तक पहुंच गया है।
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डॉ. लिखी ने मुनस्यारी कोल्डवॉटर फिशरीज क्लस्टर का किया दौरा किया। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों में 5,600 से अधिक रेसवे, 54 हैचरी, 293 कोल्ड स्टोरेज और 260 फीड मिल स्वीकृत किए गए हैं। पिछले एक दशक में ट्राउट मछली के उत्पादन में छह गुना वृद्धि हुई है और यह लगभग 5,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष तक पहुंच गया है।
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