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खुमती गांव को जोड़ने वाले 6 पैदल पुल बहे, जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं ग्रामीण
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खुमती पैदल रास्ते में अस्थाई पुलों के बहने के बाद लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर ह?
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। धारचूला विकासखंड के खुमती गांव को जोड़ने वाले 6 पैदल पुल आपदा में बह गए हैं। लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है।
27 जुलाई को हुई आफत की बारिश ने खुमती गांव में जमकर तबाही मचाई थी। भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। गांव को जोड़ने वाले घटीगाड़ (हुनरी) घटबगड़, सकपडा़, पदीगाड़ रोलाताली, मल्लाछीड़ा और कटौजिया में बने पैदल पुल बह गए हैं। पुलों के बहने के बाद ग्रामीण गांव तक खाने-पीने की चीजें और बीमार बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं। इसके बाद शासन-प्रशासन और सरकार को आपदा प्रभावितों का दर्द नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों ने लोगों की समस्या को देखते शीघ्र अस्थायी पुलों का निर्माण कर लोगों को राहत पहुंचाने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता कांग्रेस नेता हरी चिराल का कहना है कि पैदल पुलों के बहने से खुमती गांव की 1500 से अधिक की आबादी परेशान है। इसके बाद भी सरकार और शासन-प्रशासन को सीमांत के लोगों का दर्द नहीं दिख रहा है।
कोट....
खुमती गांव को जोड़ने वाले 6 पैदल पुल बह गए हैं। डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर लोनिवि और बीडीओ को पुलों का निर्माण शीघ्र करने के निर्देश जारी किए हैं। शीघ्र ही पुलों का निर्माण हो जाएगा। -अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम धारचूला।
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मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क बंद 22 किमी पैदल चलने रहे हैं लोग
पिथौरागढ़। 27 जुलाई से जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क बंद चल रही है। पांच दिन बाद भी ग्रिफ सड़क को नहीं खोल पाया है। सड़क बंद होने से 40 गांवों के लोगों को 22 किमी अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है।
सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण पहले ही लोग काफी परेशान हैं। भारी बारिश के कारण जौलजीबी- मुनस्यारी सड़क 27 जुलाई से सुरिंग बैंड, कैंची बैंड, भदेली और धुपवागाड़ में पुल के बहने से सड़क बह गई थी। सड़क के बंद होने से मुनस्यारी विकासखंड के 40 गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही है। इसके बाद भी सड़क खोलने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता हीरा सिंह चिराल का कहना है कि ग्रिफ के पास इतनी बड़ी जिम्मेदारी होने के बावजूद पर्याप्त संसाधन तक नहीं है। बता दें कि ग्रिफ की कार्यप्रणाली को लेकर राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा मुख्य सचिव को शिकायती पत्र भेज चुके हैं। इसके बाद भी सड़क खोलने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। सड़क के बंद होने से ग्रामीण 22 किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। लोगों ने शीघ्र सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं कराने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट.
ग्रिफ की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठा चुका हूं। आपदा काल में जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क के बंद होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। इसके बाद भी ग्रिफ को सीमांत के लोगों का दर्द नहीं दिख रहा है। - हरीश धामी, विधायक धारचूला।
पेयजल योजना टूटने से पांच तोक के लोग प्यासे
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। भूस्खलन से ननिगाड़ा पेयजल योजना ध्वस्त होने से पांच तोकों को पानी नहीं मिल रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी हैं। ग्रामीण ने शीघ्र पेयजल योजना की मरम्मत करने की मांग की है।
जाखपंत, बर्तियाकोट में भूस्खलन से अरपाटा-जाखपंत, नैनगाड़ा-ढाड़ा और धरकुटी को पानी की सप्लाई करने वाली योजना क्षतिग्रस्त हो गई, जिस कारण लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा हैं। प्रधान जाखपंत राजेश्वरी रावत ने योजना टूटने की सूचना राजस्व उपनिरीक्षक और जलसंस्थान के अधिकारियों को दे दी है। भूस्खलन से देवी दत्त पंत के खेतों में मलबा आने से फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। जल संस्थान के जेई एमएस रावत ने बताया योजना ग्रामसभा की है। मरम्मत का कार्य आपदा फंड मिलने के बाद
बमडोली सड़क की दीवार गिरने से दो मकान आए खतरे की जद में
पिथौरागढ़। देवलथल- बमडोली सड़क पर मसराड़ी के पास सुरक्षा दीवार टूटने से रूप राम और गोविंद राम और हरीश राम के मकान को खतरा पैदा हो गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग की है। संवाद
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27 जुलाई को हुई आफत की बारिश ने खुमती गांव में जमकर तबाही मचाई थी। भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। गांव को जोड़ने वाले घटीगाड़ (हुनरी) घटबगड़, सकपडा़, पदीगाड़ रोलाताली, मल्लाछीड़ा और कटौजिया में बने पैदल पुल बह गए हैं। पुलों के बहने के बाद ग्रामीण गांव तक खाने-पीने की चीजें और बीमार बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं। इसके बाद शासन-प्रशासन और सरकार को आपदा प्रभावितों का दर्द नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों ने लोगों की समस्या को देखते शीघ्र अस्थायी पुलों का निर्माण कर लोगों को राहत पहुंचाने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता कांग्रेस नेता हरी चिराल का कहना है कि पैदल पुलों के बहने से खुमती गांव की 1500 से अधिक की आबादी परेशान है। इसके बाद भी सरकार और शासन-प्रशासन को सीमांत के लोगों का दर्द नहीं दिख रहा है।
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कोट....
खुमती गांव को जोड़ने वाले 6 पैदल पुल बह गए हैं। डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर लोनिवि और बीडीओ को पुलों का निर्माण शीघ्र करने के निर्देश जारी किए हैं। शीघ्र ही पुलों का निर्माण हो जाएगा। -अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम धारचूला।
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मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क बंद 22 किमी पैदल चलने रहे हैं लोग
पिथौरागढ़। 27 जुलाई से जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क बंद चल रही है। पांच दिन बाद भी ग्रिफ सड़क को नहीं खोल पाया है। सड़क बंद होने से 40 गांवों के लोगों को 22 किमी अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है।
सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण पहले ही लोग काफी परेशान हैं। भारी बारिश के कारण जौलजीबी- मुनस्यारी सड़क 27 जुलाई से सुरिंग बैंड, कैंची बैंड, भदेली और धुपवागाड़ में पुल के बहने से सड़क बह गई थी। सड़क के बंद होने से मुनस्यारी विकासखंड के 40 गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही है। इसके बाद भी सड़क खोलने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता हीरा सिंह चिराल का कहना है कि ग्रिफ के पास इतनी बड़ी जिम्मेदारी होने के बावजूद पर्याप्त संसाधन तक नहीं है। बता दें कि ग्रिफ की कार्यप्रणाली को लेकर राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा मुख्य सचिव को शिकायती पत्र भेज चुके हैं। इसके बाद भी सड़क खोलने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। सड़क के बंद होने से ग्रामीण 22 किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। लोगों ने शीघ्र सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं कराने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट.
ग्रिफ की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठा चुका हूं। आपदा काल में जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क के बंद होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। इसके बाद भी ग्रिफ को सीमांत के लोगों का दर्द नहीं दिख रहा है। - हरीश धामी, विधायक धारचूला।
पेयजल योजना टूटने से पांच तोक के लोग प्यासे
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। भूस्खलन से ननिगाड़ा पेयजल योजना ध्वस्त होने से पांच तोकों को पानी नहीं मिल रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी हैं। ग्रामीण ने शीघ्र पेयजल योजना की मरम्मत करने की मांग की है।
जाखपंत, बर्तियाकोट में भूस्खलन से अरपाटा-जाखपंत, नैनगाड़ा-ढाड़ा और धरकुटी को पानी की सप्लाई करने वाली योजना क्षतिग्रस्त हो गई, जिस कारण लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा हैं। प्रधान जाखपंत राजेश्वरी रावत ने योजना टूटने की सूचना राजस्व उपनिरीक्षक और जलसंस्थान के अधिकारियों को दे दी है। भूस्खलन से देवी दत्त पंत के खेतों में मलबा आने से फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। जल संस्थान के जेई एमएस रावत ने बताया योजना ग्रामसभा की है। मरम्मत का कार्य आपदा फंड मिलने के बाद
बमडोली सड़क की दीवार गिरने से दो मकान आए खतरे की जद में
पिथौरागढ़। देवलथल- बमडोली सड़क पर मसराड़ी के पास सुरक्षा दीवार टूटने से रूप राम और गोविंद राम और हरीश राम के मकान को खतरा पैदा हो गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग की है। संवाद