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मुनस्यारी में मात्र 10 फीसदी पर्यटकों ने की बुकिंग
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मुनस्यारी का विहंगम दृश्य।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। पर्यटन नगरी मुनस्यारी में कोरोना काल की मार होटल व्यवसायियों पर भारी पड़ रही है। पर्यटकों से गुलजार रहने वाली पर्यटन नगरी अनलॉक के बाद भी शांत है। कोरोना के कारण अभी तक मात्र 10 फीसदी ही बुकिंग हुई है। इससे होटल व्यवसायी मायूस हैं।
लॉकडाउन के बाद जारी आनलॉक में पर्यटन व्यवसायियों को कुछ उम्मीद नजर आई थी, लेकिन पर्यटन कारोबार पर कोरोना की मार ऐसी पड़ी कि कारोबार चौपट होता नजर आ रहा है। मुनस्यारी में 51 होटल, पेइंग गेस्ट हाउस और रिजार्ट हैं। इनमें साल भर देश- विदेश से पर्यटक सैर सैपाटे आते रहते हैं। दीपावली, होली के अलावा नए साल में तो यहां सैलानियों की काफी भीड़ रहती है। लेकिन इस साल अभी तक मात्र 10 फीसदी ही बुकिंग पर्यटन कारोबारियों को मिली है। जबकि पिछले साल तक 90 से 95 फीसदी बुकिंग से पर्यटन नगरी गुलजार रही। पिछले साल जहां सभी होटल व्यवसायी पर्यटकों के साथ नये साल के जश्न मनाने की तैयार में मशगूल रहते थे। इस बार अभी तक वह सिर्फ धूप सेंकते नजर आ रहे हैं।
सड़क बदहाल होने के कारण भी नहीं पहुंच रहे पर्यटक
पिथौरागढ़। होटल एसोसिएशन मुनस्यारी के अध्यक्ष पूरन पांडे ने बताया कि थल मुनस्यारी सड़क बदहाल होने से भी पर्यटक यहां का रुख नहीं कर रहे हैं। सड़क जगह-जगह इतनी खराब है कि पर्यटक पर्यटन नगरी आने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन व्यवसाय को देखते हुए इस सड़क की दशा सुधारी जानी चाहिए।
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उनका कहना है कि कोरोना से पर्यटन नगरी के व्यवसाय पर भारी मार पड़ी है। इस कारोबार से जुड़े 700 लोगों के घरों का चूल्हा चलाना मुश्किल हो रहा है। पिछले वर्ष 90 से 95 फीसदी की बुकिंग होटल व्यवसायियों को मिलती थी। लेकिन इस साल मात्र 10 फीसदी ही बुकिंग मिली है।
700 लोग प्रभावित
पिथौरागढ़। पर्यटन नगरी मुनस्यारी में पर्यटन व्यवसाय को रफ्तार नहीं मिलने से 700 लोग प्रभावित हो रहे हैं। पर्यटकों के न आने से ट्रेकर, पर्वतारोही, गाइड, पोर्टर-पोनी, होटल कर्मी समेत कई होटल व्यवसायी प्रभावित हैं। ऐसे में इनके लिए घर चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
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लॉकडाउन के बाद जारी आनलॉक में पर्यटन व्यवसायियों को कुछ उम्मीद नजर आई थी, लेकिन पर्यटन कारोबार पर कोरोना की मार ऐसी पड़ी कि कारोबार चौपट होता नजर आ रहा है। मुनस्यारी में 51 होटल, पेइंग गेस्ट हाउस और रिजार्ट हैं। इनमें साल भर देश- विदेश से पर्यटक सैर सैपाटे आते रहते हैं। दीपावली, होली के अलावा नए साल में तो यहां सैलानियों की काफी भीड़ रहती है। लेकिन इस साल अभी तक मात्र 10 फीसदी ही बुकिंग पर्यटन कारोबारियों को मिली है। जबकि पिछले साल तक 90 से 95 फीसदी बुकिंग से पर्यटन नगरी गुलजार रही। पिछले साल जहां सभी होटल व्यवसायी पर्यटकों के साथ नये साल के जश्न मनाने की तैयार में मशगूल रहते थे। इस बार अभी तक वह सिर्फ धूप सेंकते नजर आ रहे हैं।
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सड़क बदहाल होने के कारण भी नहीं पहुंच रहे पर्यटक
पिथौरागढ़। होटल एसोसिएशन मुनस्यारी के अध्यक्ष पूरन पांडे ने बताया कि थल मुनस्यारी सड़क बदहाल होने से भी पर्यटक यहां का रुख नहीं कर रहे हैं। सड़क जगह-जगह इतनी खराब है कि पर्यटक पर्यटन नगरी आने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन व्यवसाय को देखते हुए इस सड़क की दशा सुधारी जानी चाहिए।
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उनका कहना है कि कोरोना से पर्यटन नगरी के व्यवसाय पर भारी मार पड़ी है। इस कारोबार से जुड़े 700 लोगों के घरों का चूल्हा चलाना मुश्किल हो रहा है। पिछले वर्ष 90 से 95 फीसदी की बुकिंग होटल व्यवसायियों को मिलती थी। लेकिन इस साल मात्र 10 फीसदी ही बुकिंग मिली है।
700 लोग प्रभावित
पिथौरागढ़। पर्यटन नगरी मुनस्यारी में पर्यटन व्यवसाय को रफ्तार नहीं मिलने से 700 लोग प्रभावित हो रहे हैं। पर्यटकों के न आने से ट्रेकर, पर्वतारोही, गाइड, पोर्टर-पोनी, होटल कर्मी समेत कई होटल व्यवसायी प्रभावित हैं। ऐसे में इनके लिए घर चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है।