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Pithoragarh News: थल-मुनस्यारी सड़क पर 12 घंटे तक थमी रही रफ्तार
Thu, 28 Aug 2025 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 28 Aug 2025 10:59 PM IST
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थल-सातसिलिंग सड़क पर नागीमल की पहाड़ी से गिरे बोल्डर। संवाद
नाचनी/थल। मानसूनी बारिश जिले के लोगों के लिए आफत बनकर बरसी। भारी बारिश के बाद हरड़िया के पास मलबा आने और रातीगाड़ के उफान पर आने से थल-मुनस्यारी सड़क 12 घंटे बंद रही। वहीं नागीमल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने से सातसिलिंग-थल सड़क पर भी आठ घंटे तक रफ्तार थमी रही। सड़क के दोनों तरफ यात्री और वाहन फंसे रहे।
थल और मुनस्यारी क्षेत्र में बीते बुधवार रात भारी बारिश हुई। बारिश के बाद देर रात नौ बजे के करीब रातीगाड़ उफान पर आ गई और हरड़िया के पास मलबा आ गया। ऐसे में थल-मुनस्यारी सड़क पर आवाजाही ठप हो गई। थल और मुनस्यारी के बीच आवाजाही कर रहे यात्री और पर्यटक सड़क के दोनों तरफ फंसे रहे। लंबे इंतजार के बाद भी सड़क नहीं खुली तो यात्रियों और पर्यटकों को वापस थल और मुनस्यारी लौटना पड़ा। दूसरे दिन बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई जा सकी।
वहीं थल-मुनस्यारी सड़क भी नागीमल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने से देर रात एक बजे के करीब बंद हो गई। सुबह नौ बजे दो जेसीबी की मदद से भारी-भरकम बोल्डरों को हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई। तब जाकर यात्री और वाहन चालक गंतव्य को रवाना हुए।
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इनसेट-
नाचनी-भैंसकोट सड़क बंद, रास्ता क्षतिग्रस्त, बीमार को 15 किमी दूर डोली से अस्पताल पहुंचाया
नाचनी। नाचनी-भैंसकोट सड़क भी मलबा आने से बंद हो गई। इसी बीच क्षेत्र के लेग निवासी 51 वर्षीय मोहन राम पेट दर्द से तड़प उठे। सड़क पर वाहनों की आवाजाही असंभव थी तो गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। ऐसे में बीमार को अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए चुनौती भरा साबित हुआ। बदहाल रास्ते और सड़क पर जगह-जगह आए मलबे के बीच ग्रामीणों ने बीमार को डोली के सहारे जान जोखिम में डालकर 15 किलोमीटर दूर भैंसकोट पटवारी चौकी पहुंचाया। यहां से उन्हें वाहन नसीब हुआ और वह इलाज के लिए थल के गोचर पीएचसी पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क आए दिन बंद हो रही है और क्षतिग्रस्त रास्ते को ठीक नहीं किया जा रहा है। ऐसे में बीमारों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। संवाद
चौसाला-नौलड़ा सड़क 14 घंटे बाद खुली, स्कूल नहीं जा सके बच्चे
थल। चौसाला-नौलड़ा सड़क भुरौला के पास मलबा और पेड़ गिरने से बंद रही। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को थल बाजार पहुंचने के लिए बाया पांखू 30 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ा। इस सड़क के बंद होने से क्षेत्र के विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच सके। पीएमजीएसवाई ने 14 घंटे बाद बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे मलबा और पेड़ हटाकर आवाजाही शुरू कराई। संवाद
मौसम खराब होने से देवत के आपदा प्रभावितों की सुध लेने नहीं पहुंच सके सीएम
पिथौरागढ़। सीएम पुष्कर सिंह धामी का मोस्टमानू मेले में शामिल होने के साथ ही आपदा प्रभावित गांव देवत पहुंचने का कार्यक्रम तय था। उन्हें मौसम का साथ नहीं मिला। खराब मौसम ने हेलीकॉप्टर की राह रोकी तो सीएम न तो मोस्टमानू मेले में पहुंच सके और न आपदा प्रभावितों की सुध लेने देवत गांव। देवत के आपदा प्रभावितों को उम्मीद थी कि सीएम उनकी सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करेंगे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। संवाद
पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे की सुरक्षा दीवार का निर्माण अधर में
पिथौरागढ़। चीन सीमा को जोड़ने वाले धारचूला हाईवे पर सतगढ़ के पास क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का निर्माण मौसम के फेर में फंस गया है। बीआरओ के मुताबिक यदि मानसून काल में मलबा हटाकर सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू किया गया तो भूस्खलन का खतरा है। ऐसे में हाईवे पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है। अब क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण करने के लिए बीआरओ को मानसून काल बीतने का इंतजार है। संवाद
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थल और मुनस्यारी क्षेत्र में बीते बुधवार रात भारी बारिश हुई। बारिश के बाद देर रात नौ बजे के करीब रातीगाड़ उफान पर आ गई और हरड़िया के पास मलबा आ गया। ऐसे में थल-मुनस्यारी सड़क पर आवाजाही ठप हो गई। थल और मुनस्यारी के बीच आवाजाही कर रहे यात्री और पर्यटक सड़क के दोनों तरफ फंसे रहे। लंबे इंतजार के बाद भी सड़क नहीं खुली तो यात्रियों और पर्यटकों को वापस थल और मुनस्यारी लौटना पड़ा। दूसरे दिन बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई जा सकी।
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वहीं थल-मुनस्यारी सड़क भी नागीमल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने से देर रात एक बजे के करीब बंद हो गई। सुबह नौ बजे दो जेसीबी की मदद से भारी-भरकम बोल्डरों को हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई। तब जाकर यात्री और वाहन चालक गंतव्य को रवाना हुए।
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इनसेट-
नाचनी-भैंसकोट सड़क बंद, रास्ता क्षतिग्रस्त, बीमार को 15 किमी दूर डोली से अस्पताल पहुंचाया
नाचनी। नाचनी-भैंसकोट सड़क भी मलबा आने से बंद हो गई। इसी बीच क्षेत्र के लेग निवासी 51 वर्षीय मोहन राम पेट दर्द से तड़प उठे। सड़क पर वाहनों की आवाजाही असंभव थी तो गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। ऐसे में बीमार को अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए चुनौती भरा साबित हुआ। बदहाल रास्ते और सड़क पर जगह-जगह आए मलबे के बीच ग्रामीणों ने बीमार को डोली के सहारे जान जोखिम में डालकर 15 किलोमीटर दूर भैंसकोट पटवारी चौकी पहुंचाया। यहां से उन्हें वाहन नसीब हुआ और वह इलाज के लिए थल के गोचर पीएचसी पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क आए दिन बंद हो रही है और क्षतिग्रस्त रास्ते को ठीक नहीं किया जा रहा है। ऐसे में बीमारों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। संवाद
चौसाला-नौलड़ा सड़क 14 घंटे बाद खुली, स्कूल नहीं जा सके बच्चे
थल। चौसाला-नौलड़ा सड़क भुरौला के पास मलबा और पेड़ गिरने से बंद रही। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को थल बाजार पहुंचने के लिए बाया पांखू 30 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ा। इस सड़क के बंद होने से क्षेत्र के विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच सके। पीएमजीएसवाई ने 14 घंटे बाद बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे मलबा और पेड़ हटाकर आवाजाही शुरू कराई। संवाद
मौसम खराब होने से देवत के आपदा प्रभावितों की सुध लेने नहीं पहुंच सके सीएम
पिथौरागढ़। सीएम पुष्कर सिंह धामी का मोस्टमानू मेले में शामिल होने के साथ ही आपदा प्रभावित गांव देवत पहुंचने का कार्यक्रम तय था। उन्हें मौसम का साथ नहीं मिला। खराब मौसम ने हेलीकॉप्टर की राह रोकी तो सीएम न तो मोस्टमानू मेले में पहुंच सके और न आपदा प्रभावितों की सुध लेने देवत गांव। देवत के आपदा प्रभावितों को उम्मीद थी कि सीएम उनकी सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करेंगे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। संवाद
पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे की सुरक्षा दीवार का निर्माण अधर में
पिथौरागढ़। चीन सीमा को जोड़ने वाले धारचूला हाईवे पर सतगढ़ के पास क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का निर्माण मौसम के फेर में फंस गया है। बीआरओ के मुताबिक यदि मानसून काल में मलबा हटाकर सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू किया गया तो भूस्खलन का खतरा है। ऐसे में हाईवे पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है। अब क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण करने के लिए बीआरओ को मानसून काल बीतने का इंतजार है। संवाद