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Pithoragarh News: दो दिन जीवन-मृत्यु से संघर्ष करते रहे घायल और बीमार
Tue, 26 Aug 2025 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 26 Aug 2025 10:48 PM IST
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बंगापानी के कनार गांव में बिजली गिरने से घायल महिला और बीमार बुजुर्ग को रेस्क्यू करने पहुंचा हे
बंगापानी (पिथौरागढ़)। सड़क सुविधा से वंचित कनार गांव के घायल और बीमार की जान आफत में पड़ गई। बिजली गिरने से घायल महिला और सांस की दिक्कत से जूझ रहे बुजुर्ग सड़क न होने से दो दिन तक घर पर ही जीवन और मौत से संघर्ष करते रहे। मौसम का साथ मिला तो डीएम की पहल पर दोनों को हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया जा सका। दोनों को 36 घंटे बाद इलाज मिला।
बंगापानी तहसील के दूरस्थ गांव कनार गांव में 50 वर्षीय देवकी देवी बीते 24 अगस्त को बिजली गिरने से घायल हो गईं। लंबे समय से सांस की दिक्कत से जूझ रहे 58 वर्षीय मान सिंह की तबीयत अधिक बिगड़ गई। गांव तक सड़क न होने से भारी बारिश, दरकती पहाड़ी, उफनाए गधेरों और बदहाल रास्ते पर पैदल सफर कर अस्पताल पहुंचना असंभव था। खराब मौसम में हेलिकॉप्टर भी उड़ान नहीं भर सका। ऐसे में घायल और बीमारों के लिए घर पर ही जीवन और मौत से संघर्ष करना मजबूरी बन गया।
मंगलवार को मौसम का साथ मिला तो स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर डीएम विनोद गोस्वामी ने दोनों को रेस्क्यू करने के लिए हेलिकॉप्टर कनार भेजा। हेलिकॉप्टर खेतों में उतरा गया और 36 घंटे बाद दोनों को हेली एंबुलेंस से रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तब जाकर इन्हें इलाज नसीब हुआ। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक दोनों का इलाज चल रहा है। संवाद
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सड़क न होने से आए दिन बीमारों और गर्भवतियों की फंस रही है जान आफत में
कनार गांव तक सड़क न पहुंचने से आए दिन बीमारों और गर्भवतियों की जान आफत में फंस रही है। समय पर अस्पताल न पहुंचने और इलाज न मिलने से कई लोग काल के गाल में भी समा चुके हैं। बीमारों और गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए सिर्फ डोली सहारा है। बदहाल और जोखिम भरे रास्ते पर 16 किलोमीटर पैदल चलकर इन्हें बरम तक पहुंचाया जाता है। यदि मौसम खराब हुआ तो यह सफर काफी कठिन होता है। ऐसे में जीवन और मौत से संघर्ष करना ही कनार के गांवों के ग्रामीणों की नियति बन गया है।
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बंगापानी तहसील के दूरस्थ गांव कनार गांव में 50 वर्षीय देवकी देवी बीते 24 अगस्त को बिजली गिरने से घायल हो गईं। लंबे समय से सांस की दिक्कत से जूझ रहे 58 वर्षीय मान सिंह की तबीयत अधिक बिगड़ गई। गांव तक सड़क न होने से भारी बारिश, दरकती पहाड़ी, उफनाए गधेरों और बदहाल रास्ते पर पैदल सफर कर अस्पताल पहुंचना असंभव था। खराब मौसम में हेलिकॉप्टर भी उड़ान नहीं भर सका। ऐसे में घायल और बीमारों के लिए घर पर ही जीवन और मौत से संघर्ष करना मजबूरी बन गया।
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मंगलवार को मौसम का साथ मिला तो स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर डीएम विनोद गोस्वामी ने दोनों को रेस्क्यू करने के लिए हेलिकॉप्टर कनार भेजा। हेलिकॉप्टर खेतों में उतरा गया और 36 घंटे बाद दोनों को हेली एंबुलेंस से रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तब जाकर इन्हें इलाज नसीब हुआ। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक दोनों का इलाज चल रहा है। संवाद
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सड़क न होने से आए दिन बीमारों और गर्भवतियों की फंस रही है जान आफत में
कनार गांव तक सड़क न पहुंचने से आए दिन बीमारों और गर्भवतियों की जान आफत में फंस रही है। समय पर अस्पताल न पहुंचने और इलाज न मिलने से कई लोग काल के गाल में भी समा चुके हैं। बीमारों और गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए सिर्फ डोली सहारा है। बदहाल और जोखिम भरे रास्ते पर 16 किलोमीटर पैदल चलकर इन्हें बरम तक पहुंचाया जाता है। यदि मौसम खराब हुआ तो यह सफर काफी कठिन होता है। ऐसे में जीवन और मौत से संघर्ष करना ही कनार के गांवों के ग्रामीणों की नियति बन गया है।