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Pithoragarh News: ओम पर्वत से फिर गायब हुई बर्फ, दिखने लगा काला तो बढ़ी चिंता

Tue, 18 Aug 2026 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 18 Aug 2026 10:49 PM IST
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Snow vanishes from Om Parvat again; black rock becomes visible, raising concerns
फोटो-18 पीटीएच 26 पी-चार महीने पूर्व इस तरह बर्फ से  लकदक नजर आता था ओम पर्वत। संवाद
धारचूला। सीमांत जिले के धारचूला में उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध ओम पर्वत फिर से चर्चा का विषय बन गया है। यह चर्चा स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यावरण प्रेमियों की चिंता बढ़ा रहा है। ऐसा इसलिए कि ओम पर्वत से बर्फ पिघल चुकी है और यह काला नजर आ रहा है। हालात यह है कि इसकी पहचान ओम की आकृति पूरी तरह गायब हो चुकी है। ऐसे में स्थानीय लोग भी हैरत में हैं।
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गौर करने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष भी ओम पर्वत से कुछ समय के लिए बर्फ पूरी तरह गायब हो गई थी और इस दौरान ओम की आकृति दिखाई देना बंद हो गया था। वर्ष 2024 में भी इस घटना के पीछे विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों ने कम बर्फबारी, बढ़ते तापमान, वाहनों के प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे कारण बताए थे। करीब छह हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित ओम पर्वत हिमालय की उन अद्भुत चोटियों में शामिल है जहां बर्फ के जमाव से प्राकृतिक रूप से ॐ की आकृति बनती है। यही आकृति इस पर्वत को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी खास बनाती है। संवाद
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बार-बार बर्फ का गायब होना कर रहा है कई सवाल खड़े
धारचूला। स्थानीय निवासी उमा सनवाल गुंज्याल ने बताया कि ओम पर्वत से बार-बार बर्फ का गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह मौसम में बदलाव का असर है या फिर हिमालयी क्षेत्र में बढ़ता तापमान, कम बर्फबारी, मानवीय गतिविधियां और पर्यावरणीय दबाव इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जब ओम पर्वत बर्फ विहीन हुआ था तब विशेषज्ञों ने इसे जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान से इसे जोड़कर चिंता जताई थी। बाद में बर्फबारी होने पर ओम की आकृति दोबारा दिखाई देने लगी थी। उन्होंने कहा कि इसके असल कारण खोजने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत है ताकि ओम पर्वत की आगे भी धार्मिक पहचान कायम रह सके। संवाद
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पर्यावरणीय संकट का संकेत तो नहीं
उमा सनवाल गुंज्याल ने बताया कि उन्होंने नजदीक से देखा है कि ओम पर्वत से बर्फ गायब हो चुकी है। ऐसे में यह पर्यावरणीय संकट का संकेत तो नहीं है इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ओम पर्वत और इसके आसपास मानवीय दबाव भी बढ़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए भी उचित कदम उठाए जाने चाहिए।


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कोट:::
जिस समय बारिश अधिक होती है उस समय हिमालय में बर्फ पिघलने की रफ्तार बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए कि पानी का तापमान बर्फ से अधिक होता है। फिलहाल हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी भी नहीं हो रही है। ऐसे में ओम पर्वत से बर्फ का गायब होना विशेष चिंता की बात नहीं है।
-डॉ. नवीन चंद्र जोशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक, यूकॉस्ट, देहरादून

फोटो-18 पीटीएच 26 पी-चार महीने पूर्व इस तरह बर्फ से  लकदक नजर आता था ओम पर्वत। संवाद

फोटो-18 पीटीएच 26 पी-चार महीने पूर्व इस तरह बर्फ से  लकदक नजर आता था ओम पर्वत। संवाद

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