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रात में वाहन संचालन रोक के नियम का पालन कराया होता
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 16 Jul 2017 10:40 PM IST
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कार हादसे में मरे लोगों के शवों को खाई से लाते स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
रात आठ बजे से सुबह 5 बजे तक वाहनों के संचालन में रोक के नियम का पालन पुलिस ने कराया होता तो चार लोगों की जिंदगियां बचाई जा सकती थी और कई परिवारों को बिखरने से रोका जा सकता था।
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रात में वाहन संचालन पर प्रतिबंध का उल्लंघन अक्सर होता आया है। यही कारण है कि आला अधिकारियों को इस नियम का पालन कराने के लिए बार-बार निर्देश जारी करने पड़ते हैं। हाल ही में जिलाधिकारी सी रविशंकर ने भी रात आठ से सुबह पांच बजे तक वाहन संचालन में रोक के नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए थे। इन नियमों का कितना पालन हो रहा है, इसके आकलन से पहले ही रात में बेहद संवेदनशील मार्ग पर वाहन संचालन होने की पुष्टि हो गई। घने कोहरे के कारण मुनस्यारी के कालामुनि क्षेत्र में रात्रि में वाहन संचालन बेहद जोखिम भरा है। इस रूट पर तो विशेष सजगता दिखनी चाहिए थी।
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मुनस्यारी के बेटुलीधार में हादसे की शिकार हुई कार के मुनस्यारी के नया बस्ती निवासी चालक गणेश राम अपनी माता देबुली देवी के पैर में आए फ्रैक्चर में प्लास्टर बंधवा कर जिला मुख्यालय से घर ले जा रहे थे। इस कार के जिला मुख्यालय से शाम को 5 बजे रवाना होने की बात सामने आ रही है। घटना के समय (करीब रात 10 बजे) के अनुसार क्वीटी के आसपास से यह वाहन रात आठ बजे बाद गुजरा होगा। क्वीटी में पुलिस चौकी है। तथ्य देखे जाएं तो नियमों का पालन कराने में बड़ी चूक हुई है। नियमों के अनुसार विशेष परिस्थिति में ही वाहन संचालन की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है।
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वाहन में एक अस्वस्थ महिला के सवार होने की बात पर भी गौर करें तो वह महिला जिला मुख्यालय से इलाज कराकर लौट रही थीं। उनको राहत मिल गई थी। उन्हें रात में सफर करने से रोक दिया गया होता तो, इसका उनके स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ता था और ये जिंदगियां बच सकती थीं। हादसे में चालक गणेश और जनक कुमार घायल है, जबकि गणेश की मां के साथ ही नयाबस्ती निवासी मंजू देवी, प्रेम राम, लक्ष्मण सिंह की मौत हो गई।
एसपी ने दो सिपाही लाइन हाजिर किए
मुनस्यारी तहसील के कालामुनि क्षेत्र में बेटुलीधार के पास हुए कार हादसे में रात्रि वाहन संचालन में रोक के नियमों का पालन न करने के मामले का पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने संज्ञान लिया है। एसपी ने क्वीटी पुलिस चौकी में तैनात कांस्टेबल धर्मेंद्र राणा और ललित नाथ को लाइन जाहिर कर दिया है। डीएसपी धारचूला को प्रकरण की जांच सौंप दी है। पुलिस अधीक्षक ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि रात्रि में वाहन संचालन में रोक के बावजूद दुर्घटनाग्रस्त वाहन के रात आठ बजे के बाद क्वीटी पुलिस बैरियर से गुजरने का अंदेशा है। वाहन को वहीं पर रोका जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। एसपी ने कहा रात में वाहन संचालन होने पर संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थिति में ही वाहन चालक की स्वयं की जिम्मेदारी पर वाहन संचालन की अनुमति देने के लिए प्रपत्र सभी बैरियरों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। वहीं, एसपी ने भट्यूड़ा की जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट के जलने के संबंध में सूचना देने के लिए 100 नंबर में किया गया फोन न उठने के मामले में अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश अपर राज्य रेडियो अधिकारी बीबी तिवारी को दिए हैं।