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खेती के लिए संजीवनी बन बरसी बारिश
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डीडीहाट के देवीसूना में लहलहाती रबी की फसल।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। करीब एक माह बाद सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हुई है। इससे किसानों के चेहरे खिले हैं। किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। बारिश और बर्फबारी सूखे के कारण बरबाद होने की कगार पर पहुंच चुकी खेती- बागवानी के लिए संजीवनी साबित होगी।
सीमांत जिले में लंबे बारिश न होने से रबी की फसल पर सूखे के असर हो गया था। मौसम की बेरुखी और पर्वतीय जिलों में सिंचाई की व्यवस्था न होने के कारण किसान चिंतित थे। रबी की फसल की बुआई के बाद अक्तूबर 2019 में 32 और वर्ष 2020 में 0.1 मिमी बारिश हुई। नवंबर 2020 में 24 और नवंबर 2019 में 58.2 मिमी बारिश हुई। दिसंबर 2020 में 8.1 मिमी और पिछले वर्ष जनवरी में 131.7 और इस साल जनवरी में 27.5 मिमी बारिश हुई। बारिश के न होने से सीमांत जिले के करीब 73 हजार से अधिक किसान परेशान थे। इस वर्ष सीमांत जिले में किसानों ने 42 हजार हेक्टेयर में रबी की फसल की बुआई की है। इसमें 3200 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र, करीब 38 हजार हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र है। जिले में इस वर्ष 22 हजार हेक्टेयर में गेहूं, 3300 हेक्टेयर में जौ, 4180 हेक्टेयर में मसूर, 552 हेक्टेयर में सरसों की बुआई की है। बारिश न होने से किसानों के चेहरे पर चिंता थी। फरवरी में बारिश होने के बाद किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर है। किसानों को उम्मीद है कि बारिश से फसलों को संजीवनी मिलेगी।
बारिश न होने के कारण फसल पीली पड़ रही थी। बारिश के बाद फसलों में सुधार होने की उम्मीद है।
- प्रकाश बोरा, किसान
बारिश न होने के कारण खेतों की नमी खत्म हो गई थी। सब्जियां भी बढ़ नहीं पा रही थी। बारिश के बाद फसलों के ठीक होने की उम्मीद है।
-महेश कन्याल, किसान
बारिश से रबी की फसल को राहत मिली थी। बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए संजीवनी है। बारिश के बाद फसलों में सुधार की उम्मीद है।
- अमरेंद्र चौधरी, जिला कृषि अधिकारी पिथौरागढ़।
बारिश न होने से सब्जी और बागवानी में काफी असर पड़ रहा था। बारिश के बाद सब्जी और फलों का उत्पादन अच्छा होगा।
- आरएस वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी पिथौरागढ़।
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सीमांत जिले में लंबे बारिश न होने से रबी की फसल पर सूखे के असर हो गया था। मौसम की बेरुखी और पर्वतीय जिलों में सिंचाई की व्यवस्था न होने के कारण किसान चिंतित थे। रबी की फसल की बुआई के बाद अक्तूबर 2019 में 32 और वर्ष 2020 में 0.1 मिमी बारिश हुई। नवंबर 2020 में 24 और नवंबर 2019 में 58.2 मिमी बारिश हुई। दिसंबर 2020 में 8.1 मिमी और पिछले वर्ष जनवरी में 131.7 और इस साल जनवरी में 27.5 मिमी बारिश हुई। बारिश के न होने से सीमांत जिले के करीब 73 हजार से अधिक किसान परेशान थे। इस वर्ष सीमांत जिले में किसानों ने 42 हजार हेक्टेयर में रबी की फसल की बुआई की है। इसमें 3200 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र, करीब 38 हजार हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र है। जिले में इस वर्ष 22 हजार हेक्टेयर में गेहूं, 3300 हेक्टेयर में जौ, 4180 हेक्टेयर में मसूर, 552 हेक्टेयर में सरसों की बुआई की है। बारिश न होने से किसानों के चेहरे पर चिंता थी। फरवरी में बारिश होने के बाद किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर है। किसानों को उम्मीद है कि बारिश से फसलों को संजीवनी मिलेगी।
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बारिश न होने के कारण फसल पीली पड़ रही थी। बारिश के बाद फसलों में सुधार होने की उम्मीद है।
- प्रकाश बोरा, किसान
बारिश न होने के कारण खेतों की नमी खत्म हो गई थी। सब्जियां भी बढ़ नहीं पा रही थी। बारिश के बाद फसलों के ठीक होने की उम्मीद है।
-महेश कन्याल, किसान
बारिश से रबी की फसल को राहत मिली थी। बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए संजीवनी है। बारिश के बाद फसलों में सुधार की उम्मीद है।
- अमरेंद्र चौधरी, जिला कृषि अधिकारी पिथौरागढ़।
बारिश न होने से सब्जी और बागवानी में काफी असर पड़ रहा था। बारिश के बाद सब्जी और फलों का उत्पादन अच्छा होगा।
- आरएस वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी पिथौरागढ़।