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पंचेश्वर बांध के विरोध में कलक्ट्रेट पर धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:12 PM IST
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धरना देते महाकाली की आवाज संगठन के लोग
- फोटो : अमर उजाला
अब तक पंचेश्वर बांध के विरोध में प्रदर्शन और पुतला दहन कर रही महाकाली की आवाज संगठन ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पर धरना देकर बांध निर्माण का विरोध किया। कहा कि जब सरकार को गांवों में की गई बैठकों के दौरान मिले सुझावों को पुनर्वास और पुनर्स्थापना के मसले में शामिल ही नहीं करना था तो ऐसी बैठकों का औचित्य क्या रह जाता है।
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महाकाली की आवाज संगठन डूब क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहा है। बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सामने आने के तुरंत बाद गठित इस संगठन ने अब तक डूब क्षेत्र के हर गांव में लोगों को जागरूक किया है। संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने कहा कि जब उत्तराखंड में वनाधिकार कानून 2006 के प्रावधान ही लागू नहीं हुए हैं तो उसके आधार पर अनापत्ति के प्रमाण ग्रामीणों से कैसे लिए जा सकते हैं। वनभूमि और वन पंचायतों की जो जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है, उसकी अनापत्ति प्रमाणपत्र देने के लिए गांव के लोगों को विवश न किया जाए।
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उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में बांध प्रस्तावित है वह आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। 2013 में पूरा इलाका आपदा की चपेट में आ चुका है। सरकार आपदा के इस मुद्दे को क्यों नजरअंदाज कर रही है। धरने पर पूर्व विधायक मयूख महर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रदीप पाल, खीमराज जोशी, त्रिलोक महर, जीवन कोहली, संतोष गोस्वामी, शकुंतला दताल समेत भारी संख्या में ग्रामीण बैठे। बाद में इन्होंने डीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
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