फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   pregnant refer, delivery in ambulance

Pithoragarh News: खून की जांच रिपोर्ट घर भूले तो गर्भवती को कर दिया रेफर, एंबुलेंस में प्रसव

Sun, 09 Apr 2023 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 09 Apr 2023 11:28 PM IST
विज्ञापन
pregnant refer, delivery in ambulance
डीडीहाट की गर्भवती 108 एंबुलेंस में डिलीवरी के बाद नवजात के साथ। संवाद
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती को सीएचसी से देर रात सिर्फ इसलिए रेफर कर दिया गया क्योंकि घर वाले उसकी खून की जांच रिपोर्ट घर भूल आए थे। वे गुहार लगाते रहे लेकिन डॉक्टर नहीं पसीजे। हार थककर 108 एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया मगर करीब 22 किमी जाने पर उसने एंबुलेंस में ही बेटी को जन्म दे दिया।
विज्ञापन



चौसाल भागीचौरा के भूपेंद्र सिंह अपने पत्नी करुणा देवी को लेकर शनिवार रात 11 बजे अपने निजी वाहन से डीडीहाट सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने एक घंटे तक जांच की। भूपेंद्र सिंह का आरोप है कि डॉक्टरों ने खून की जांच संबंधित रिपोर्ट दिखाने के लिए कहा। वह इस रिपोर्ट को हड़बड़ी में घर ही छोड़ आए थे। वह गुहार लगाते रहे लेकिन उनकी पत्नी को हायर सेंटर पिथौरागढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन



भूपेंद्र के अनुसार 108 एंबुलेंस से वह पत्नी को जिला अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन करीब 22 किमी दूर कनालीछीना के पास अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ गई। 108 एंबुलेंस के स्टाफ विजेंद्र सिंह धानिक और कपिल मेहरा ने रात दो बजे सफल प्रसव कराया। करुणा ने बेटी को जन्म दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन






यह मामला गंभीर है। इसकी जांच की जाएगी। किन कारणों से उसे रेफर किया गया इसका पता लगाया जाएगा।

-डॉ. फुरकान मिरकानी, प्रभारी चिकित्साधिकारी


हल्ला बेस अस्पताल का, डॉक्टर सिर्फ चार

पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में बेस अस्पताल का संचालन मजाक बनकर रह गया है। बिना पदों को स्वीकृति दिए बगैर ही बेस अस्पताल को जिला अस्पताल की एक्सटेंशन (विस्तार) यूनिट के तौर पर संचालित किया जा रहा है। अस्पताल में सिर्फ चार डॉक्टर ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं।


पिथौरागढ़ के लिंठ्यूड़ा और पुनेड़ी के बीच में करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से बेस अस्पताल का निर्माण किया गया है। लोगों को लगा था कि उन्हें यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएंगी। सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने भी पिथौरागढ़ भ्रमण के दौरान जल्द बेस अस्पताल शुरू करने का भरोसा दिया था। इसके बावजूद सरकार ने बेस अस्पताल के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग पिथौरागढ़ की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को अभी तक स्वीकृति नहीं दी है। पदों के प्रस्ताव की फाइल शासन स्तर पर धूल फांक रही है।



बेस के संचालन के लिए इस स्टाफ की है जरूरत

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, न्यूरो फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, दो सर्जन, ईएनटी सर्जन, आर्थो सर्जन, दो आई सर्जन, पैथोलॉजिस्ट, छह जीडीएमओ, छह ईएमओ, दो गाइनो, एक चर्म रोग विशेषज्ञ, दो बाल रोग विशेषज्ञ, दो निश्चेतक, एक मनोचिकित्सक, चार एलएमओ, एक वरिष्ठ दंत शल्यक, एक दंत चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, दो मैटर्न, 18 सिस्टर, 36 स्टाफ नर्स, एक प्रभारी अधिकारी फार्मेसी, पांच चीफ फार्मासिस्ट, नौ फार्मासिस्ट, तीन एलटी, दो ईसीजी टेक्नीशियन, दो एक्स-रे टेक्नीशियन, एक डार्क रूम सहायक, दो सिटी स्कैन टेक्नीशियन, दो डायलसिस टेक्नीशियन, तीन नेत्र सहायक, डेंटल हाईिजनिस्ट, 15 डाटा एंट्री ऑपरेटर, एक मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक प्रशासनिक अधिकारी, दो प्रधान सहायक, दो वरिष्ठ सहायक, छह कनिष्ठ सहायक, एक स्टोर कीपर, एक स्टीवर्ड, एक इलेक्ट्रीशियन, एक प्लंबर, दो वाहन चालक और 60 चतुर्थ श्रेणी की जरूरत है।






बेस अस्पताल के संचालन के लिए शासन को पदों को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक पदों के प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। अभी बेस अस्पताल में जिला अस्पताल की एक्सटेंशन यूनिट ही चलाई जा रही है।

-एचएस ह्यांकी, सीएमओ पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed