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Pithoragarh News: चामी क्षेत्र की पांच हजार की आबादी को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सुविधा
Sun, 13 Oct 2024 10:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 13 Oct 2024 10:15 PM IST
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पिथौरागढ़। पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। बंगापानी के चामी क्षेत्र की पांच हजार की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है। लोगों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय या धारचूला की दौड़ लगानी पड़ती है। आए दिन दिक्कतों का सामना कर रहे लोगों ने क्षेत्र में अस्पताल खोलने की मांग की है।
सीमांत तहसील बंगापानी के मल्ला लुमती, लौल, मेतली समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए पांच से 10 किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। इसके बाद लोग वाहन से अस्पताल पहुंचते हैं। सबसे अधिक परेशानियों का सामना गर्भवती महिलाओं को करना पड़ता है। उन्हें जांच से लेकर प्रसव तक के लिए डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। छोटी सी छोटी जांच के लिए भी धारचूला या पिथौरागढ़ जाना लोगों की मजबूरी बन चुका है। क्षेत्र में एकमात्र आयुर्वेदिक अस्पताल बरम में है लेकिन वहां भी सीमित चिकित्सा सुविधाएं हैं। स्वास्थ्य सुविधा से परेशान लोगों ने प्रदेश सरकार से क्षेत्र में अस्पताल खोलने की मांग की है।
स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बेहाल हैं। शासन-प्रशासन ने सीमांत के लोगों की चिंता नहीं है। अगर व्यवस्थाएं होतीं तो लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता।
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- हयात सिंह, पूर्व प्रधान, लुम्ती
शासन-प्रशासन और विभाग से लगातार क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग करते आए हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए यहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए।
- पुष्कर सिंह परिहार, सामाजिक कार्यकर्ता मेतली
गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई गांवों तक तो सड़क ही नहीं है। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए पैदल ही सड़क तक आना पड़ता है।
- संदीप सिंह, स्थानीय व्यापारी चामी
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सीमांत तहसील बंगापानी के मल्ला लुमती, लौल, मेतली समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए पांच से 10 किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। इसके बाद लोग वाहन से अस्पताल पहुंचते हैं। सबसे अधिक परेशानियों का सामना गर्भवती महिलाओं को करना पड़ता है। उन्हें जांच से लेकर प्रसव तक के लिए डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। छोटी सी छोटी जांच के लिए भी धारचूला या पिथौरागढ़ जाना लोगों की मजबूरी बन चुका है। क्षेत्र में एकमात्र आयुर्वेदिक अस्पताल बरम में है लेकिन वहां भी सीमित चिकित्सा सुविधाएं हैं। स्वास्थ्य सुविधा से परेशान लोगों ने प्रदेश सरकार से क्षेत्र में अस्पताल खोलने की मांग की है।
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स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बेहाल हैं। शासन-प्रशासन ने सीमांत के लोगों की चिंता नहीं है। अगर व्यवस्थाएं होतीं तो लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता।
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- हयात सिंह, पूर्व प्रधान, लुम्ती
शासन-प्रशासन और विभाग से लगातार क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग करते आए हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए यहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए।
- पुष्कर सिंह परिहार, सामाजिक कार्यकर्ता मेतली
गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई गांवों तक तो सड़क ही नहीं है। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए पैदल ही सड़क तक आना पड़ता है।
- संदीप सिंह, स्थानीय व्यापारी चामी