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बरसाती जल के संग्रह को सजग होने लगे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 09 Dec 2015 10:23 PM IST
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बरसाती जल के संग्रह के लिए लोगों की चेतना बढ़ने लगी है। शहरी इलाकों में तो कुछ लोगों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग के टैंक बनाए हैं। अब ग्रामीण अंचलों में लोग चाहते हैं कि बरसाती पानी के संग्रह के लिए टंकियों का निर्माण किया जाए। ताकि लोग इस पानी का सब्जियों तथा फसलों की सिंचाई के समय उपयोग में ला सकें।
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जिला पंचायत सदस्य गोदावरी देवी ने पानी की समस्या से निपटने के लिए कई सुझाव दिए हैं। डीएम को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि पहाड़ों में ऊंचाई वाले स्थानों तक पेयजल लाइन पहुंचाना और सिंचाई नहरों का निर्माण कर पाना संभव नहीं होता। ऐसे में यदि ऊंचाई वाले स्थानों में बरसाती पानी के संग्रह के लिए टंकियां बना दी जाएं तो इससे लोगों को फायदा मिल सकता है। उन्होंने मड़मानले, बंदा, ह्यूपानी, धूरा, बगौर, झाड़पोखरा, धौलकांडा में बरसाती पानी के संग्रह के लिए टंकी बनाने का आग्रह किया है। यह सारे काम मनरेगा के माध्यम से आसानी से हो सकते हैं। यदि बरसाती पानी का संग्रह हो जाए तो जमीन में नमी बढ़ जाएगी। लंबे समय तक जमीन पर सूखे का असर नहीं पड़ेगा। मनरेगा में चाल, खाल बनाने का प्रावधान तो रखा गया है लेकिन यह योजना अभी तक परवान नहीं चढ़ पाई है। जिला पंचायत सदस्य ने पंचायत अध्यक्ष से भी आग्रह किया है कि अब ज्यादा ध्यान बरसाती पानी के संग्रह पर दिया जाए। इसके लिए पंचायत की मद से धनराशि उपलब्ध कराई जाए।
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