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Nainital News: साक्ष्यों के अभाव में हत्या के मामले का आरोपी बारी
Mon, 10 Aug 2026 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:22 PM IST
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रामनगर। वर्ष 2022 में हुए हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह की अदालत ने आरोपी रियासत अली को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दलीलों पर सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया गया।
मामला कालाढूंगी-बैलपड़ाव के ग्राम नूनियागांजा खत्ता का है। यहां रहने वाले गुलाम नबी की पोती आमना का रियासत अली से गौना हुआ था। हालांकि उसकी रुखसती नहीं हुई थी। 26 अप्रैल 2022 को आमना की मौत हो गई थी। गुलाम नबी की तहरीर पर कालाढूंगी पुलिस ने रियासत अली के खिलाफ आमना की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने घटना के अगले दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 25 जुलाई को आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। वादी और बचाव पक्ष की ओर से जिरह की गई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी रियासत अली को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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मामला कालाढूंगी-बैलपड़ाव के ग्राम नूनियागांजा खत्ता का है। यहां रहने वाले गुलाम नबी की पोती आमना का रियासत अली से गौना हुआ था। हालांकि उसकी रुखसती नहीं हुई थी। 26 अप्रैल 2022 को आमना की मौत हो गई थी। गुलाम नबी की तहरीर पर कालाढूंगी पुलिस ने रियासत अली के खिलाफ आमना की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज किया था।
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पुलिस ने घटना के अगले दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 25 जुलाई को आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। वादी और बचाव पक्ष की ओर से जिरह की गई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी रियासत अली को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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