{"_id":"6ad10d0ff602f9bfbd0fcaa1","slug":"lakshman-parashuram-dialogue-audience-left-mesmerized-pithoragarh-news-c-230-1-pth1022-147950-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"लक्ष्मण-परशुराम संवाद : दर्शक हुए मंत्रमुग्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लक्ष्मण-परशुराम संवाद : दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
Thu, 15 Oct 2026 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 15 Oct 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
मुवानी (पिथौरागढ़)। रामलीला के तीसरे दिन जनक दरबार में सीता स्वयंवर और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का जीवंत मंचन किया गया जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। स्वयंवर में देश-विदेश के राजाओं और लंका नरेश रावण ने शिव धनुष तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान राम ने धनुष तोड़ा और सीता ने उनके गले में वरमाला डाली।
धनुष टूटने की आवाज सुनकर पहुंचे परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ। राम की भूमिका विनीत जोशी, लक्ष्मण की कुलदीप मेहरा, सीता की आर्यन बोरा, जनक की गिरीश चंद्र पंत, रावण की नील पंत और परशुराम की भूमिका चंद्रमोहन पुजारा ने निभाई। श्यामाचरण उप्रेती ने हारमोनियम और श्याम राम ने तबले पर संगत दी। संचालन भुवन चंद्र जोशी ने किया। यहां कमेटी के अध्यक्ष रमेश बम, दीपक कार्की, संजय वर्मा, विक्रम सिंह, संजय भट्ट मौजूद थे।
विज्ञापन
धनुष टूटने की आवाज सुनकर पहुंचे परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ। राम की भूमिका विनीत जोशी, लक्ष्मण की कुलदीप मेहरा, सीता की आर्यन बोरा, जनक की गिरीश चंद्र पंत, रावण की नील पंत और परशुराम की भूमिका चंद्रमोहन पुजारा ने निभाई। श्यामाचरण उप्रेती ने हारमोनियम और श्याम राम ने तबले पर संगत दी। संचालन भुवन चंद्र जोशी ने किया। यहां कमेटी के अध्यक्ष रमेश बम, दीपक कार्की, संजय वर्मा, विक्रम सिंह, संजय भट्ट मौजूद थे।
विज्ञापन