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कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग खतरनाक हालत में
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Thu, 14 Jul 2016 10:27 PM IST
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कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पांगला से मांगती होते हुए गर्बाधार जिप्ती तक खस्ता हाल है। हालात यह है कि सीमा सड़क संगठन एवं प्राइवेट कंपनी जी एंड जी के पास मलबा और पत्थर साफ करने के लिए एक अदद डोजर तक नहीं है। रास्तों पर पहाड़ी से गिरे मलबे एवं पत्थरों को श्रमिकों के माध्यम से हटाया जा रहा है। दलदली और उबड़-खाबड़ रास्तों के चलते पांगला से आगे व्यालधार में कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
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हैरत की बात है कि आपदा सतर्कता के नाम पर ढोल पीटने वाले प्रशासनिक महकमे ने यात्रा रूट को ज्यादा महत्व नहीं दिया है। बताया गया कि वैसे तो इस समय यात्री तवाघाट से छिरकिला होते हुए नारायणआश्रम को जाते हैं, लेकिन यदि मार्ग बंद हुआ तो उनको पांगला से मांगती के रास्ते ले जाने का विकल्प भी रखा गया है।
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कैलास यात्रा संचालन में सहयोग कर रहे हरीश बुदियाल ने बताया कि व्यास घाटी के लोगों, सेना और सुरक्षा बलों की अग्रिम चौकियों में तैनात जवानों के साथ ही आदि कैलास के यात्री विशेष तौर से इसी रूट का उपयोग करते हैं। कैलास मानसरोवर यात्री भी वापसी में इसी रूट का प्रयोग करते हैं, मगर संबंधित विभागों की लापरवाही के चलते आवाजाही करने वालों पर दुर्घटनाओं की तलवार हमेशा लटकी रहती है।
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