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17 वें दल के कैलाश यात्री वापस धारचूला लौटे
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कैलाश यात्रा मार्ग में मालपा में बना लकड़ी का पुल भी बह गया है। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर छंकन, लामारी और मालपा में भूस्खलन से दो पुल बह गए हैं। बूंदी से मालपा के बीच में पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। रास्ते खराब होने के चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा के 17वें दल को पैदल रास्ते से धारचूला लौटा दिया गया है। दल आगे की यात्रा पर कब रवाना होगा इस पर अनिश्चितता बनीं हुई है।
मानसरोवर यात्रा के 17वें दल के 54 यात्री 16 अगस्त की शाम आधार शिविर धारचूला पहुंचे थे। 17 अगस्त को दल धारचूला से बूंदी रवाना हुआ। गर्बाधार में मार्ग बंद होने से यात्रियों को पांगला में रोका गया था। रविवार को यात्री पड़ाव बूंदी को रवाना हुए। यात्रियों को मांगती नाले को पैदल ही पार करना पड़ा। क्षेत्र में बारिश को देखते हुए यात्रियों को पैदल पड़ाव के छंकन, लामारी में स्थानीय लोगों के यहां ठहराया गया था। रविवार रात क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते मालपा और थक्ती गधेरों में बने अस्थायी लकड़ी के पुल बह गए। साथ ही लामारी, मालपा, पैलसिती में पहाड़ियों से लगातार भूस्खलन हो रहा है।
खतरे को देखते हुए यात्रा का संचालन कर रहे केएमवीएन ने दल के सभी यात्रियों को धारचूला लौटाने का निर्णय लिया। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने बताया कि छंकन और लामारी में रुके यात्रियों को सोमवार को आधार शिविर धारचूला वापस बुला लिया गया है। यात्री मंगलवार को भी धारचूला आधार शिविर में ही रुकेंगे। यात्री आगे की यात्रा पर कब रवाना होंगे। इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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14वें दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर गुंजी लौटे
कैलाश मानसरोवर यात्रा के 14वें दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर गुंजी लौट आए हैं। 15वां दल डेरापुक से जुनजुई-पू, 16वां दल नाभीढांग से तकलाकोट पहुंच गया है। 14वें दल के 58 यात्रियों को सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने लिपुपास में आईटीबीपी सुरक्षा दस्ते के सुपुर्द किया। 15वें दल के 52 यात्री जुनजुई-पू में कैलाश परिक्रमा में जुटे हैं। 16 वें दल के 55 यात्री सोमवार तड़के दो बजे नाभीढांग से लिपुपास को रवाना हुए। सुबह 8.35 बजे आईटीबीपी महिला कमांडो, मेडिकल और संचार टीम ने यात्रियों को चीनी सैनिकों के सुपुर्द किया। यात्री 11 बजे लिपुपास से तकलाकोट पहुंच गए हैं।
एक मजदूर घायल, बाल-बाल बचे अधिकारी
बूंदी से मालपा के बीच में पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। सीएम के कार्यक्रम को देखते हुए गुंजी गए अधिकारी और मेले में शामिल होने गए लोग जान जोखिम में डालकर लौट रहे हैं। रविवार शाम को लोक निर्माण विभाग का एक मजदूर गोपाल सिंह पत्थर लगने से घायल हो गया। गुंजी से लौट रहे लोनिवि के एई जीसी भट्ट सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी बाल-बाल बचे। एई ने बताया कि कैलाश यात्रा मार्ग पर ध्वस्त पुल को बनाने के लिए 35 मजदूर भेजे जा रहे हैं।
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मानसरोवर यात्रा के 17वें दल के 54 यात्री 16 अगस्त की शाम आधार शिविर धारचूला पहुंचे थे। 17 अगस्त को दल धारचूला से बूंदी रवाना हुआ। गर्बाधार में मार्ग बंद होने से यात्रियों को पांगला में रोका गया था। रविवार को यात्री पड़ाव बूंदी को रवाना हुए। यात्रियों को मांगती नाले को पैदल ही पार करना पड़ा। क्षेत्र में बारिश को देखते हुए यात्रियों को पैदल पड़ाव के छंकन, लामारी में स्थानीय लोगों के यहां ठहराया गया था। रविवार रात क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते मालपा और थक्ती गधेरों में बने अस्थायी लकड़ी के पुल बह गए। साथ ही लामारी, मालपा, पैलसिती में पहाड़ियों से लगातार भूस्खलन हो रहा है।
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खतरे को देखते हुए यात्रा का संचालन कर रहे केएमवीएन ने दल के सभी यात्रियों को धारचूला लौटाने का निर्णय लिया। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने बताया कि छंकन और लामारी में रुके यात्रियों को सोमवार को आधार शिविर धारचूला वापस बुला लिया गया है। यात्री मंगलवार को भी धारचूला आधार शिविर में ही रुकेंगे। यात्री आगे की यात्रा पर कब रवाना होंगे। इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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14वें दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर गुंजी लौटे
कैलाश मानसरोवर यात्रा के 14वें दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर गुंजी लौट आए हैं। 15वां दल डेरापुक से जुनजुई-पू, 16वां दल नाभीढांग से तकलाकोट पहुंच गया है। 14वें दल के 58 यात्रियों को सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने लिपुपास में आईटीबीपी सुरक्षा दस्ते के सुपुर्द किया। 15वें दल के 52 यात्री जुनजुई-पू में कैलाश परिक्रमा में जुटे हैं। 16 वें दल के 55 यात्री सोमवार तड़के दो बजे नाभीढांग से लिपुपास को रवाना हुए। सुबह 8.35 बजे आईटीबीपी महिला कमांडो, मेडिकल और संचार टीम ने यात्रियों को चीनी सैनिकों के सुपुर्द किया। यात्री 11 बजे लिपुपास से तकलाकोट पहुंच गए हैं।
एक मजदूर घायल, बाल-बाल बचे अधिकारी
बूंदी से मालपा के बीच में पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। सीएम के कार्यक्रम को देखते हुए गुंजी गए अधिकारी और मेले में शामिल होने गए लोग जान जोखिम में डालकर लौट रहे हैं। रविवार शाम को लोक निर्माण विभाग का एक मजदूर गोपाल सिंह पत्थर लगने से घायल हो गया। गुंजी से लौट रहे लोनिवि के एई जीसी भट्ट सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी बाल-बाल बचे। एई ने बताया कि कैलाश यात्रा मार्ग पर ध्वस्त पुल को बनाने के लिए 35 मजदूर भेजे जा रहे हैं।