{"_id":"66366e0167cb77e51700b405","slug":"itbp-jawans-will-be-able-to-taste-trout-fish-in-high-himalayas-pithoragarh-news-c-230-1-shld1025-112932-2024-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: उच्च हिमालय में आईटीबीपी जवान ले सकेंगे ट्राउट मछली का स्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: उच्च हिमालय में आईटीबीपी जवान ले सकेंगे ट्राउट मछली का स्वाद
Sat, 04 May 2024 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 04 May 2024 10:48 PM IST
विज्ञापन
ट्राउट मछली। संवाद
पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चीन सीमा पर सरहदों की रक्षा कर रहे आईटीबीपी के जवान अब नाॅर्थ अमेरिकन ट्राउट मछली का आनंद उठाएंगे। इसके लिए आईटीबीपी की दो बटालियन और मत्स्य विभाग के बीच जैम पोर्टल के माध्यम से अनुबंध हो गया है। जल्द ही मछली की सप्लाई का कार्य शुरू हो जाएगा।
पिथौरागढ़ जिले के कई गांवों में नाॅर्थ अमेरिकन ट्राउट मछली का आठ टन से अधिक उत्पादन किया जाता है। वर्तमान में मछली उत्पादन कर रहे काश्तकारों को बाजार मिल सके इसके लिए पिथौरागढ़ में ट्राउट और मछली की अन्य प्रजातियों की वैक्यूम पैकेजिंग कर दिल्ली, देहरादून सहित कई अन्य क्षेत्रों में भेजा जाता है।
इधर लगातार बढ़ रहे ट्राउट के उत्पादन और काश्तकारों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए मत्स्य विभाग और आईटीबीपी की गोचर और गढ़वाल बटालियन के बीच अनुबंध किया गया है। जल्द ही मछली की पैकेजिंग कर इन स्थानों पर सप्लाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। अनुबंध के हिसाब पिथौरागढ़ मत्स्य विभाग 499.50 रुपये प्रति किलो के हिसाब ट्राउट मछली आईटीबीपी को भेजेगा। संवाद
विज्ञापन
--
आर्मी और एसएसबी से भी अनुबंध करने की तैयारी
पिथौरागढ़। मछली उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए मत्स्य विभाग आर्मी, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से अनुबंध करने की तैयारी कर रहा है। अगर आर्मी, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ अनुबंध हो गया तो मछली उत्पादकों को बेहतर दाम मिल सकेंगे। संवाद
--
छोटे टैंक बनाकर बढ़ाया जाएगा मछली उत्पादन
पिथौरागढ़। मत्स्य विभाग मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। धारचूला और मुनस्यारी में जिला योजना से बने छोटे-छोटे टैंक बनाकर मछली का उत्पादन किया जाएगा। इसमें ट्राउट, पंगास सहित कई अन्य प्रजातियों की मछली का उत्पादन किया जाएगा। संवाद
कोट
आईटीबीपी की दो बटालियन के साथ ट्राउट मछली भेजने के लिए जैम पोर्टल के माध्यम से अनुबंध हो गया है। इसके अलावा एसएसबी, आर्मी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से अनुबंध करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. रमेश चलाल, जिला प्रभारी मत्स्य विभाग।
विज्ञापन
पिथौरागढ़ जिले के कई गांवों में नाॅर्थ अमेरिकन ट्राउट मछली का आठ टन से अधिक उत्पादन किया जाता है। वर्तमान में मछली उत्पादन कर रहे काश्तकारों को बाजार मिल सके इसके लिए पिथौरागढ़ में ट्राउट और मछली की अन्य प्रजातियों की वैक्यूम पैकेजिंग कर दिल्ली, देहरादून सहित कई अन्य क्षेत्रों में भेजा जाता है।
विज्ञापन
इधर लगातार बढ़ रहे ट्राउट के उत्पादन और काश्तकारों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए मत्स्य विभाग और आईटीबीपी की गोचर और गढ़वाल बटालियन के बीच अनुबंध किया गया है। जल्द ही मछली की पैकेजिंग कर इन स्थानों पर सप्लाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। अनुबंध के हिसाब पिथौरागढ़ मत्स्य विभाग 499.50 रुपये प्रति किलो के हिसाब ट्राउट मछली आईटीबीपी को भेजेगा। संवाद
विज्ञापन
आर्मी और एसएसबी से भी अनुबंध करने की तैयारी
पिथौरागढ़। मछली उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए मत्स्य विभाग आर्मी, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से अनुबंध करने की तैयारी कर रहा है। अगर आर्मी, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ अनुबंध हो गया तो मछली उत्पादकों को बेहतर दाम मिल सकेंगे। संवाद
छोटे टैंक बनाकर बढ़ाया जाएगा मछली उत्पादन
पिथौरागढ़। मत्स्य विभाग मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। धारचूला और मुनस्यारी में जिला योजना से बने छोटे-छोटे टैंक बनाकर मछली का उत्पादन किया जाएगा। इसमें ट्राउट, पंगास सहित कई अन्य प्रजातियों की मछली का उत्पादन किया जाएगा। संवाद
कोट
आईटीबीपी की दो बटालियन के साथ ट्राउट मछली भेजने के लिए जैम पोर्टल के माध्यम से अनुबंध हो गया है। इसके अलावा एसएसबी, आर्मी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से अनुबंध करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. रमेश चलाल, जिला प्रभारी मत्स्य विभाग।