{"_id":"6ad3bd6f3dc97761c6096729","slug":"i-left-behind-the-kingdom-of-lanka-for-your-sake-o-lakhan-lal-pithoragarh-news-c-230-1-pth1022-148019-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: मैं तो छोड़ आयी लंका का राज लखन लाल तेरे लिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: मैं तो छोड़ आयी लंका का राज लखन लाल तेरे लिए
Sat, 17 Oct 2026 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 17 Oct 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नगर में चल रही रामलीला में कैकेयी-भरत संवाद से लेकर खर-दूषण के मारे जाने तक की लीला का मंचन किया गया। भरत नैनीहाल से अयोध्या लौटे। उनको माता कैकेयी ने दशरथ की मृत्यु और राम के वनवास दिए जाने के बारे में बताया। यह समाचार सुनकर भरत व्यथित हो गए और माता कैकेयी को भला-बुरा कहने लगे।
इधर शत्रुघ्न मंथरा पर क्रोधित हुए और उन्होंने मंथरा को लात मारी। इसके बाद भरत का राम को मनाने वन जाना और राम की खड़ाऊ लेकर अयोध्या लौटना जैसे दृश्यों का भावुक मंचन किया गया।
पंचवटी में सूर्पनखा राम और लक्ष्मण को देखकर मोहित हो गई। सूर्पनखा ने दोनों राजकुमारों को खूब रिझाने का प्रयास किया। अंत में सीता पर हमला करने के दौरान लक्ष्मण ने सूर्पनखा की नाक काट दी। सूर्पनखा अपने भाई खर-दूषण के पास पहुंची और खर-दूषण ने राम के साथ युद्ध किया। युद्ध में दोनों ही असुर परलोक सिधार गए।
विज्ञापन
खर-दूषण का वध होने पर सूर्पनखा रोते हुए रावण के पास लंका पहुंची और सारा दुखड़ा भाई को कह सुनाया। श्रीराम के जयघोष के साथ शुक्रवार की रामलीला का समापन हुआ। सूर्पनखा रितिका बिष्ट, भरत यश पाठक और शत्रुघ्न वंशज बिष्ट बने। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आनंद रावत रहे।
विज्ञापन
इधर शत्रुघ्न मंथरा पर क्रोधित हुए और उन्होंने मंथरा को लात मारी। इसके बाद भरत का राम को मनाने वन जाना और राम की खड़ाऊ लेकर अयोध्या लौटना जैसे दृश्यों का भावुक मंचन किया गया।
विज्ञापन
पंचवटी में सूर्पनखा राम और लक्ष्मण को देखकर मोहित हो गई। सूर्पनखा ने दोनों राजकुमारों को खूब रिझाने का प्रयास किया। अंत में सीता पर हमला करने के दौरान लक्ष्मण ने सूर्पनखा की नाक काट दी। सूर्पनखा अपने भाई खर-दूषण के पास पहुंची और खर-दूषण ने राम के साथ युद्ध किया। युद्ध में दोनों ही असुर परलोक सिधार गए।
विज्ञापन
खर-दूषण का वध होने पर सूर्पनखा रोते हुए रावण के पास लंका पहुंची और सारा दुखड़ा भाई को कह सुनाया। श्रीराम के जयघोष के साथ शुक्रवार की रामलीला का समापन हुआ। सूर्पनखा रितिका बिष्ट, भरत यश पाठक और शत्रुघ्न वंशज बिष्ट बने। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आनंद रावत रहे।