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हेलीकॉप्टर ने मोरी गांव में फंसे 55 लोग राहत शिविर पहुंचाए
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सोसा सिर्खा सड़क बंद होने के कारण लोग इस तरह आवाजाही कर रहे हैं। संवाद न्यूज न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। बंगापानी तहसील के आपदा प्रभावित गांवों में रेस्क्यू अभियान जारी रहा। रविवार को भी गांवों में फंसे लोग हेलीकॉप्टर से राहत शिविर पहुंचाए गए। मोरी गांव से 55 लोग हेली से निकाले गए। इसके अलावा आपदा पीड़ितों के लिए खाद्यान्न के पैकेट भेजे गए। टांगा, जारा जिबली और धामीगांव में लापता तीन महिलाओं की खोजबीन का काम जारी रहा।
रविवार को सुबह हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। हेलीकॉप्टर ने जाराबिजली गांव में राहत सामग्री पहुंचाई। देवलेक गांव में आर्मी के जवानों द्वारा बनाएं हेलीपैड पर रविवार को हेलीकॉप्टर उतरा। देवलेक और मेतली में मदद पहुंचाने के साथ ही एक बीमार व्यक्ति को भी मदकोट पहुंचाया गया। आपदा प्रभावित मोरी गांव के लिए सात सोर्टी की। इसमें 26 परिवारों के 55 लोगों को बरम जीआईसी में बनाए गए राहत शिविर में लाया गया।
इधर बंगापानी तहसील के जारा जिबली में लापता महिला हीरा देवी की खोजबीन के लिए पुलिस, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमों ने डॉग स्क्वायड के साथ रेस्क्यू किया लेकिन कोई पता नहीं चल सका। टांगा गांव में पार्वती देवी और मेतली गांव में मलबे में दबी राधा देवी का भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शनी ने भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर रेस्क्यू कार्य का जायजा लिया। डीएम डा.विजय कुमार जोगदंडे और धारचूला के विधायक हरीश धामी भी क्षेत्र में ही बने हुए हैं।
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जोशा और धापा गांवों में जन जीवन अस्त व्यस्त
मुनस्यारी। मुनस्यारी के धापा और जोशा गांवों में अभी भी जनजीवन अस्त व्यस्त बना हुआ है। ग्रामीण घरों को छोड़कर जंगलों और खेतों में टेंटों में रह रहे हैं। अधिकांश ग्रामीणों ने घर खाली कर दिए हैं। हल्की बारिश होने पर ही मकान जमींदोज हो रहे हैं। इन गांवों के निचले और ऊपरी हिस्से में गहरी दरारें पड़ी हैं। इसके चलते भविष्य में यह मकान रहने लायक नहीं रह गए हैं। संवाद
टांगा के 18 परिवार सेरा में बिता रहे दिन
बंगापानी। आपदा में अपना सबकुछ खोने वाले टांगा गांव के लोगों को प्राथमिक स्कूल और माध्यमिक स्कूल सेरा के भवनों में रखा गया है। इन परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं लेकिन शिविर में ग्रामीण तमाम दिक्कतों के साथ दिन गुजार रहे हैं। ग्रामीणों को अपने और अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। आपदा पीड़ितों ने सरकार से शीघ्र सुरक्षित स्थान ढूंढकर विस्थापित करने की मांग की है। संवाद
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रविवार को सुबह हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। हेलीकॉप्टर ने जाराबिजली गांव में राहत सामग्री पहुंचाई। देवलेक गांव में आर्मी के जवानों द्वारा बनाएं हेलीपैड पर रविवार को हेलीकॉप्टर उतरा। देवलेक और मेतली में मदद पहुंचाने के साथ ही एक बीमार व्यक्ति को भी मदकोट पहुंचाया गया। आपदा प्रभावित मोरी गांव के लिए सात सोर्टी की। इसमें 26 परिवारों के 55 लोगों को बरम जीआईसी में बनाए गए राहत शिविर में लाया गया।
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इधर बंगापानी तहसील के जारा जिबली में लापता महिला हीरा देवी की खोजबीन के लिए पुलिस, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमों ने डॉग स्क्वायड के साथ रेस्क्यू किया लेकिन कोई पता नहीं चल सका। टांगा गांव में पार्वती देवी और मेतली गांव में मलबे में दबी राधा देवी का भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शनी ने भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर रेस्क्यू कार्य का जायजा लिया। डीएम डा.विजय कुमार जोगदंडे और धारचूला के विधायक हरीश धामी भी क्षेत्र में ही बने हुए हैं।
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जोशा और धापा गांवों में जन जीवन अस्त व्यस्त
मुनस्यारी। मुनस्यारी के धापा और जोशा गांवों में अभी भी जनजीवन अस्त व्यस्त बना हुआ है। ग्रामीण घरों को छोड़कर जंगलों और खेतों में टेंटों में रह रहे हैं। अधिकांश ग्रामीणों ने घर खाली कर दिए हैं। हल्की बारिश होने पर ही मकान जमींदोज हो रहे हैं। इन गांवों के निचले और ऊपरी हिस्से में गहरी दरारें पड़ी हैं। इसके चलते भविष्य में यह मकान रहने लायक नहीं रह गए हैं। संवाद
टांगा के 18 परिवार सेरा में बिता रहे दिन
बंगापानी। आपदा में अपना सबकुछ खोने वाले टांगा गांव के लोगों को प्राथमिक स्कूल और माध्यमिक स्कूल सेरा के भवनों में रखा गया है। इन परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं लेकिन शिविर में ग्रामीण तमाम दिक्कतों के साथ दिन गुजार रहे हैं। ग्रामीणों को अपने और अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। आपदा पीड़ितों ने सरकार से शीघ्र सुरक्षित स्थान ढूंढकर विस्थापित करने की मांग की है। संवाद