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Pithoragarh News: तीन यु़द्धों के गवाह रहे हवलदार दिल बहादुर चंद का निधन
Tue, 27 Oct 2026 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 27 Oct 2026 10:55 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। भजनपुर निवासी हवलदार दिल बहादुर चंद का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध और वर्ष 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध में हिस्सा लेकर देश की रक्षा में योगदान दिया था। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। वह गौरव सेनानी कल्याण समिति के संरक्षक भी थे। उनके निधन पर पूर्व सैनिकों और क्षेत्र के लोगों ने शोक व्यक्त किया है। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा।
दिवंगत दिल बहादुर चंद भारतीय सेना के आर्मी सर्विस कोर (एएससी) में 24 वर्ष तक सेवाएं देने के बाद हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। तीन युद्धों में भाग लेने के अलावा उन्होंने मिजोरम और नागालैंड में विद्रोह विरोधी अभियानों व जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक में भी योगदान दिया था। उनका परिवार भी देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके बड़े पुत्र सार्जेंट ईश्वर चंद भारतीय वायु सेना में सेवाएं देते हुए शहीद हो गए थे। छोटे पुत्र कैप्टन गगन चंद रजवार भारतीय सेना के इंटेलिजेंस कोर से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में राममूर्ति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
गौरव सेनानी कल्याण समिति के सदस्यों ने दिवंगत हवलदार को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा। समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद, कैप्टन हरीश कापड़ी, कैप्टन अमर सिंह, कैप्टन गोविंद बल्लभ भट्ट और पूर्व जिला पंचायत सदस्य व पूर्व सैनिक पुष्कर दत्त कापड़ी सहित कई पूर्व सैनिकों ने शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
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दिवंगत दिल बहादुर चंद भारतीय सेना के आर्मी सर्विस कोर (एएससी) में 24 वर्ष तक सेवाएं देने के बाद हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। तीन युद्धों में भाग लेने के अलावा उन्होंने मिजोरम और नागालैंड में विद्रोह विरोधी अभियानों व जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक में भी योगदान दिया था। उनका परिवार भी देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके बड़े पुत्र सार्जेंट ईश्वर चंद भारतीय वायु सेना में सेवाएं देते हुए शहीद हो गए थे। छोटे पुत्र कैप्टन गगन चंद रजवार भारतीय सेना के इंटेलिजेंस कोर से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में राममूर्ति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
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गौरव सेनानी कल्याण समिति के सदस्यों ने दिवंगत हवलदार को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा। समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद, कैप्टन हरीश कापड़ी, कैप्टन अमर सिंह, कैप्टन गोविंद बल्लभ भट्ट और पूर्व जिला पंचायत सदस्य व पूर्व सैनिक पुष्कर दत्त कापड़ी सहित कई पूर्व सैनिकों ने शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
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