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वन पंचायत के जंगल को बना डाला कूड़ा निस्तारण स्थल

Sun, 15 Oct 2017 10:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट Updated Sun, 15 Oct 2017 10:20 PM IST
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Forest panchayat forest made waste disposal site
गंगोलीहाट में वन पंचायत में फेंका जा रहा नगर का कूड़ा - फोटो : अमर उजाला

एक तरफ सरकार और सरकार के नुमाइंदे पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण पर जोर देते हैं, करोड़ों रुपये का बजट इस पर खर्च किया जाता है, दूसरी तरफ यही महकमे पर्यावरण को खतरे में डालने में जरा भी नहीं हिचकते। गंगोलीहाट नगर पंचायत ऐसा नजारा आसानी से देखा जा सकता है। नगर पंचायत का कूड़ा पिछले चार साल से हाट गांव के वन पंचायत के जंगल में डाला जा रहा है। कूड़े से वन संपदा को जबरदस्त नुकसान पहुंच रहा है। ढाई हजार पौधों की नर्सरी खतरे में है। वहीं, विरोध के बाद भी कूड़ा जंगल में डालना बंद नहीं किया जा रहा है।

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गंगोलीहाट नगर पंचायत पर्यावरण संरक्षण, जंगलों के संवर्धन के लिए कितनी सजग है, इसकी बानगी नगर से आधा किमी दूर हाट वन पंचायत के जंगल में देखी जा सकती है। नगर के 7 वार्डों का कूड़ा वन पंचायत के जंगल में डाला जा रहा है। बेशकीमती पेड़ों से आच्छादित जंगल को कूड़े से पाट दिया गया है। कूड़े से पेड़ों को नुकसान पहुंच रहा है और पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। पास में ही लोक देवता गंगनाथ जी का मंदिर है। कूड़े से मंदिर परिसर में दुर्गंध फैली रहती है। गंगोलीहाट-बेड़ीनाग सड़क से सटे इस स्थान से लोगों को मुंह पर कपड़ा लगाकर गुजरना पड़ता है।
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वर्ष 2013 में नगर पंचायत के अस्तित्व में आने के बाद से वन पंचायत के जंगल में कूड़ा डाला जा रहा है। स्थानीय लोग और वन पंचायत कई बार इस पर विरोध दर्ज करा चुके हैं, लेकिन नगर पंचायत और स्थानीय प्रशासन कूड़ा निस्तारण स्थल चयनित नहीं कर पा रहा है। कूड़े से जंगल को पहुंच रहे नुकसान को लेकर हाट के लोगों के साथ ही नगरवासियों में नगर पंचायत के खिलाफ गुस्सा है।
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राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के पास ले जाएंगे मामला
हाट वन पंचायत के सरपंच शंकर लाल चौधरी नगर पंचायत पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहते हैं कि कूड़ा डालने के लिए वन पंचायत से अनापत्ति भी नहीं ली गई है। कूड़े से पेड़ों को नुकसान पहुंच रहा है। इसी स्थल के नीचे नर्सरी में बांज, फल्यांट, क्वेराल और भीमल के करीब ढाई हजार पौधे हैं। कूड़ा वहां तक पहुंचा तो पौधों को भी नुकसान पहुंचेगा। कूड़े से बंदरों का आतंक इलाके में बढ़ गया है। चौधरी कहते हैं कि मामले को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के सामने रखा जा रहा है। इस मुद्दे पर आंदोलन भी किया जाएगा।

कूड़ा निस्तारण के लिए स्थान चयन किया जा रहा
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी जीएस सुप्याल कहते हैं कि कूड़ा निस्तारण के लिए स्थान चयनित किया जा रहा है, लोगों से सुझाव लिया जा रहा है। जल्द ही दूसरा स्थान चयनित कर लिया जाएगा।


अस्थायी व्यवस्था के तहत डाला जा रहा कूड़ा
एसडीएम वैभव गुप्ता कहते हैं कि अस्थायी व्यवस्था के तहत वन पंचायत के जंगल में कूड़ा डाला जा रहा है। दो-तीन स्थान चयनित किए थे, वहां भी लोगों का विरोध है। जल्द ही कूड़ा निस्तारण स्थल बनवाया जाएगा।

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