{"_id":"572632494f1c1bfa525ccf04","slug":"dry-pumping-plan-people-trse","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूखी पंपिंग योजना, तरसे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूखी पंपिंग योजना, तरसे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 01 May 2016 10:14 PM IST
विज्ञापन
पेयजल संकट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठुलीगाड़ पेयजल पंपिंग योजना का पानी सूखने का असर सामने आने लगा है। नगर के तिलढुकरी मोहल्ला, ऐंचोली, टकाना में पेयजल की गंभीर किल्लत हो गई है। अन्य हिस्सों में भी नाममात्र का पानी मिल रहा है। जल संस्थान अपने सभी संसाधनों का प्रयोग कर चुका है, लेकिन समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय में इस समय घाट पंपिंग योजना के सहारे ही काम चल रहा है। ज्यादा संकट वाले इलाकों में जल संस्थान ने पेयजल का वितरण शुरू कर दिया है। रविवार को टैंकरों से पानी भरने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ गई। जैसे-जैसे प्रचंड गर्मी का असर हो रहा है, वैसे ही पानी की किल्लत भी बढ़ती जा रही है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि नगर क्षेत्र में टैंकरों से पानी बांटा जा रहा है। सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट पर लगातार पानी दिया जा रहा है।
विज्ञापन
डीडीहाट में 75 प्रतिशत कम हुआ पानी
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नगर में पेयजल को लेकर हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई है। इस समय नौ प्राकृतिक स्रोतों से मात्र 25 फीसदी पानी ही रिचार्ज हो पा रहा है। गंभीर संकट से निपटने के लिए नगर में जल संस्थान टैंकर और पिकअप से पानी का वितरण कर रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि अब पेयजल लाइनों में पानी आ पाने की संभावना बहुत कम हो गई है। दो दिन छोड़कर पानी बांटने के बाद भी टंकियों में पानी एकत्र नहीं हो पा रहा है। नगर में वेलफेयर सोसायटी के सुरेश मेहरा के नेतृत्व में तहसील वार्ड में रविवार को पानी बांटा गया। एसएसबी और आईटीबीपी भी अपने टैंकरों से नगर में पानी बांट रही है।
विज्ञापन
रामगंगा का जलस्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंचा
थल (पिथौरागढ़)। नामिक ग्लेशियर से निकलने वाली रामगंगा का जलस्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। इस बार शीतकाल में कम हिमपात होने के कारण नदी का प्रवाह नहीं बढ़ पाया है। अन्य वर्षों में अप्रैल में ग्लेशियरों के पिघलते ही रामगंगा का जलस्तर बढ़ जाता था। रामगंगा की सभी सहायक नदियां सूखने लगी हैं। कोकिला नदी में पानी लगभग सूखने की स्थिति में है। यह नदी रामगंगा में मिलती है। इसी तरह बकुला नदी का पानी भी बहुत कम हो गया है। रामगंगा में मिलने वाली भुडगड़ समेत अन्य नदियों का पानी मार्च में ही कम हो गया था। लोगों का कहना है कि रामगंगा की ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई।
बेड़ीनाग में स्थिति और बिगड़ी
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। बेड़ीनाग में पेयजल संकट की स्थिति और बिगड़ गई है। अब लोगों को न तो जल संस्थान की योजना से पानी मिल पा रहा है और न प्राकृतिक स्रोतों में ही पानी उपलब्ध है। बेड़ीनाग नगर के साथ-साथ गांवों की हालत और खराब है। बेड़ीनाग नगर के आसपास के सभी गांवों में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जल संस्थान टैंकर और वाहनों से पानी बांट तो रहा है, लेकिन इससे लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।