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Pithoragarh News: सिस्टम की अनदेखी से घायल महिला के लिए डोली ही सहारा

Sun, 07 Sep 2025 10:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 07 Sep 2025 10:35 PM IST
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Doli is the only support for the woman injured due to system's negligence
मुनस्यारी विकासखंड के सैमली गांव (क्वीटी) की घायल महिला को डोली के सहारे अस्पताल लाते ग्रामीण।
नाचनी (पिथौरागढ़)। सिस्टम की अनदेखी और लापरवाही से लोग किस तरह पिसते हैं, इसके उदाहरण हमें आए दिन देखने को मिलते हैं। एक तरफ सरकारें और नीति नियंता गांवों से लगातार हो रहे पलायन पर चिंता जताते हैं दूसरी ओर पलायन की ठोस वजहों को कभी समय रहते दूर करने की पहल नहीं करते हैं। यही कारण है कि सैमली जैसे गांवों में लोग आज भी घायल या बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली का सहारा लेने के लिए विवश हैं।
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धारचूला विधानसभा क्षेत्र की तेजम तहसील के सैमली गांव की 86 साल की बुजुर्ग महिला भागीरथी देवी को रविवार तड़के घर पर ही गहरी चोट लग गई, जिस कारण उन्हें खून की उल्टी हुई और काफी देर बेहोश पड़ी रहीं। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिलोचन द्विवेदी की मां का हाल लेने सुबह जब परिवार वाले गए तो वह बेहोश मिलीं। ग्रामीण सड़क के अभाव में उन्हें डोली से पैदल निजी अस्पताल क्वीटी लाए लेकिन वहां भी उपचार की उचित व्यवस्था नहीं होने पर उन्हें जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर कर दिया गया।
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सैमली की ग्राम प्रधान मीना द्विवेदी कहती हैं कि अगर सैमली में मोटर मार्ग की सुविधा होती तो बुजुर्ग महिला को इतना कष्ट नहीं झेलना पड़ता। ऐसी समस्या क्षेत्रवासियों को सालों से भुगतनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि दूरस्थ क्षेत्र सैमली की तरफ भी ध्यान दे।
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इन हालातों पर पूर्व प्रधान जीवन चंद्र द्विवेदी कहते हैं कि शायद वर्ष 2027 तक सैमली पूरी तरह पलायन कर जाएगा। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क के लिए जल्द कार्रवाई नहीं करते हैं तो लोगों को धरना-प्रदर्शन के लिए विवश होना पड़ेगा।
कोट
सैमली सड़क पूर्व में लोनिवि डीडीहाट के पास थी। अब हमारे पास आ गई है। सड़क के सर्वे के टेंडर लगाने की कार्रवाई चल रही है।
- किशन सिंह ऐरी, ईई, पीएमजीएसवाई, धारचूला
पैकेज
बाइक, स्कूटी को डंडों पर बांधकर ले जाने की मजबूरी
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। व्यवस्था की अनदेखी से लोगों की तकलीफें अलग-अलग रूप सामने आती हैं। कहीं बीमार-बुजुर्गों को डोली से अस्पताल ले जाने के उदाहरण हैं तो कहीं दोपहिया वाहनों को डंडों से बांधकर दूसरी जगह ले जाने के वाकये। तहसील क्षेत्र मुनस्यारी में यही देखने को मिला।
यहां जिमीघाट से बुई मोटर मार्ग जगह-जगह पहाड़ियां दरकने से पिछले तीन माह से बंद है। जिसके चलते कई टैक्सी वाहन, बाइक, स्कूटी फंसे हुए हैं। जिला पंचायत सदस्य भावना दानू ने बताया कि इस मोटर मार्ग को खोलने के लिए जिला, तहसील प्रशासन और संबंधित विभाग से बार-बार मांग की गई। बावजूद इसके भी अब तक मार्ग नहीं खोला गया है। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर अपने दोपहिया वाहनों को लकड़ी पर बांधकर कंधों में उठाकर ले जा रहे हैं। उन्होंने शासन प्रशासन से तत्काल मोटर मार्ग खोलने की मांग की है। कहा कि मोटर मार्ग जल्द नहीं खोला तो तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

इस संबंध में पीएमजीएसवाई के ईई किशन सिंह ऐरी का कहना है कि मुनस्यारी विकासखंड में धापा बैंड मिलम मोटर मार्ग ( जिमिघाट) से बुई मोटर मार्ग चट्टान टूटकर गिरने से ध्वस्त हो गया है। जेसीबी मशीन से मार्ग सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार पत्थर गिरने से कठिनाई आ रही है। पोकलेन मशीन की आवश्यकता है। सुरक्षा की दृष्टि से कार्य रोका गया है। पत्थरों का गिरना बंद होते ही मार्ग को सुचारु कर लिया जाएगा।
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