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Pithoragarh News: चौमू देवता का आशीर्वाद लेने उमड़े श्रद्धालु
Mon, 23 Oct 2023 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 23 Oct 2023 10:54 PM IST
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मूनाकोट (पिथौरागढ़)। नवमी पर्व पर सौनपट्टी का प्रसिद्ध चौपखिया मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। मेले में हजारों लोगों ने चौमू देवता का आशीर्वाद लिया। मेले का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक बिशन सिंह चुफाल ने किया।
दोपहर बाद तल्ली रियांसी से चोमू देवता का डोला उठा। डोले में बैठे डंगरिया त्रिलोक सिंह ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। मेले में मढ़ेगांव, मूनाकोट, तल्ली और मल्ली रियांसी से भक्त सुबह से ही जुटने लगे थे। मेले में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था पास के मैदान में की गई थी जिससे जाम की समस्या नहीं रही।
जाजरदेवल थाना प्रभारी प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में तीन दर्जन से अधिक जवान मेले में लगाए गए थे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर, मेला कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह खड़ायत, सचिव नरेंद्र बिष्ट, उमेश खड़ायत, प्रेम सिंह, ब्लॉक प्रमुख नीमा वल्दिया, प्रधान राधिका देवी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। चौपखिया में मेले के चलते वड्डा बाजार में भी दिन भर चहल पहल रही।
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अब नहीं आते कृषि यंत्रों के खरीदार
पिथौरागढ़। चौपखिया मेले की पहचान धार्मिक के साथ-साथ कृषि मेले के रूप में भी हुआ करती थी। इस मेले में पहले लकड़ी से बने परंपरागत कृषि यंत्र खरीदने आते थे। इससे काष्ठकला में निपुण ग्रामीणों की आजीविका भी चलती थी। इसके अलावा लोहे के बर्तनों की भी खरीदारी की जाती थी। अब लोग कृषि यंत्र और बर्तनों की खरीदारी नहीं करते हैं। मेले में क्वीतड़ से कृषि यंत्र लेकर आए पदम और मघी राम ने बताया कि अब लकड़ी के यंत्र आधुनिकता में गुम हो गए हैं।
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दोपहर बाद तल्ली रियांसी से चोमू देवता का डोला उठा। डोले में बैठे डंगरिया त्रिलोक सिंह ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। मेले में मढ़ेगांव, मूनाकोट, तल्ली और मल्ली रियांसी से भक्त सुबह से ही जुटने लगे थे। मेले में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था पास के मैदान में की गई थी जिससे जाम की समस्या नहीं रही।
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जाजरदेवल थाना प्रभारी प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में तीन दर्जन से अधिक जवान मेले में लगाए गए थे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर, मेला कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह खड़ायत, सचिव नरेंद्र बिष्ट, उमेश खड़ायत, प्रेम सिंह, ब्लॉक प्रमुख नीमा वल्दिया, प्रधान राधिका देवी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। चौपखिया में मेले के चलते वड्डा बाजार में भी दिन भर चहल पहल रही।
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अब नहीं आते कृषि यंत्रों के खरीदार
पिथौरागढ़। चौपखिया मेले की पहचान धार्मिक के साथ-साथ कृषि मेले के रूप में भी हुआ करती थी। इस मेले में पहले लकड़ी से बने परंपरागत कृषि यंत्र खरीदने आते थे। इससे काष्ठकला में निपुण ग्रामीणों की आजीविका भी चलती थी। इसके अलावा लोहे के बर्तनों की भी खरीदारी की जाती थी। अब लोग कृषि यंत्र और बर्तनों की खरीदारी नहीं करते हैं। मेले में क्वीतड़ से कृषि यंत्र लेकर आए पदम और मघी राम ने बताया कि अब लकड़ी के यंत्र आधुनिकता में गुम हो गए हैं।