{"_id":"5de7e6d38ebc3e5494744c66","slug":"death-penalty-awarded-to-perpetrators-of-rape-and-murder-pithoragarh-news-hld366616139","type":"story","status":"publish","title_hn":"- दुष्कर्म और हत्या के अपराधियों को मिले मृत्युदंड की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- दुष्कर्म और हत्या के अपराधियों को मिले मृत्युदंड की सजा
विज्ञापन
पिथौरागढ़ के मूनाकोट जीजीआईसी में शपथ दिलाती प्रभारी प्रधानाचार्य कनक गैड़ा। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
अमर उजाला ने अपराजिता 100-मिलियन स्माइल्स के बैनर तले (आखिर कब तक निर्भया ) पर आदर्श जीजीआईसी मूनाकोट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए और तेलंगाना की घटना को लेकर परिचर्चा भी की गई। इस अवसर पर बालिकाओं ने दुष्कर्म और हत्या जैसी जघन्य अपराध पर दोषियों को जल्द से जल्द मृत्युदंड की सजा देने की मांग उठाई।
बुधवार को जीजीआईसी मूनाकोट में आयोजित कार्यक्रम में ताइक्वांडो प्रशिक्षक आइशा विश्वकर्मा ने पहले छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि ताइक्वांडो बालिकाओं में आत्मविश्वास पैदा करेगा और बालिकाएं किसी भी मुश्किल में स्वयं को असहाय समझने के बजाय खुलकर मुकाबला कर सकेंगी।
प्रभारी प्रधानाचार्य कनक गैड़ा की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा में छात्राओं और शिक्षिकाओं ने तेलंगाना की घटना पर अपने विचार रखे। शिक्षिका मंजुला पांडेय ने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं के साथ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं वह विकृत मानसिकता की सोच है। पुरुष वर्ग को इस सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने नैतिक और चारित्रिक विकास पर जोर दिया। अक्षय भारती स्कूल के निदेशक केसी चंद राजन ने कहा कि वर्तमान समाज में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं वह मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने बालिकाओं से जागरूक बनने और अपने भीतर आत्मविश्वास पैदा करने को कहा।
विज्ञापन
कार्यक्रम में मौजूद सभी बालिकाओं ने महिलाओं पर हो रही हिंसा पर नाराजगी जताते हुए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठाई। छात्राओं ने यह भी कहा कि जघन्य अपराधों में नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजने के बजाय सख्त सजा का प्रावधान बनाने की पैरवी की। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्रधानाचार्य ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की शपथ दिलाई।
विज्ञापन
बुधवार को जीजीआईसी मूनाकोट में आयोजित कार्यक्रम में ताइक्वांडो प्रशिक्षक आइशा विश्वकर्मा ने पहले छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि ताइक्वांडो बालिकाओं में आत्मविश्वास पैदा करेगा और बालिकाएं किसी भी मुश्किल में स्वयं को असहाय समझने के बजाय खुलकर मुकाबला कर सकेंगी।
विज्ञापन
प्रभारी प्रधानाचार्य कनक गैड़ा की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा में छात्राओं और शिक्षिकाओं ने तेलंगाना की घटना पर अपने विचार रखे। शिक्षिका मंजुला पांडेय ने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं के साथ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं वह विकृत मानसिकता की सोच है। पुरुष वर्ग को इस सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने नैतिक और चारित्रिक विकास पर जोर दिया। अक्षय भारती स्कूल के निदेशक केसी चंद राजन ने कहा कि वर्तमान समाज में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं वह मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने बालिकाओं से जागरूक बनने और अपने भीतर आत्मविश्वास पैदा करने को कहा।
विज्ञापन
कार्यक्रम में मौजूद सभी बालिकाओं ने महिलाओं पर हो रही हिंसा पर नाराजगी जताते हुए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठाई। छात्राओं ने यह भी कहा कि जघन्य अपराधों में नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजने के बजाय सख्त सजा का प्रावधान बनाने की पैरवी की। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्रधानाचार्य ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की शपथ दिलाई।