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दूसरों का हाथ पकड़कर करना पड़ रहा पैदल रास्ता पार
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:52 PM IST
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सेराघाट से बोना जाने वाले पैदल रास्ते में इस तरह होता है सफर
- फोटो : अमर उजाला
सेराघाट से गोल्फा होते हुए बोना, निरतोली तक बना पैदल मार्ग इस तरह टूट गया है कि कुछ स्थानों पर लोग दूसरों का हाथ पकड़कर आवागमन करते हैं। कम से कम अकेले तो कोई व्यक्ति इस पैदल रास्ते पर नहीं जा सकता। करीब चार किलोमीटर लंबे इस पैदल रास्ते की मरम्मत के लिए अब तक मजदूर तैनात नहीं किए गए हैं। रास्ते की देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के पास है।
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बोना, गोल्फा, निरतोली गांवों के लोग इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं। यह लोग जरूरी सामान के लिए पहले पैदल सेराघाट तक आते हैं। वहां से मदकोट, मुनस्यारी बाजार से सामान खरीदकर घरों को जाते हैं। रास्ता टूटने के कारण इसमें घोड़ों का चल पाना संभव नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मानसून की पहली बारिश में ही यह रास्ता कई जगह बह गया था। तब से अब तक रास्ते की मरम्मत नहीं हो पाई है। बताया गया कि रास्ता टूटने की जानकारी मिलने के बाद एक बार लोक निर्माण विभाग के मजदूर मरम्मत के लिए भेजे गए, लेकिन वह बुरी तरह टूटे रास्ते की मरम्मत नहीं कर पाए।
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गोल्फा निवासी केदार सिंह पांगती ने बताया कि रास्ता टूटने की जानकारी लोनिवि को दी गई है। यदि रास्ते की जल्दी मरम्मत नहीं हुई तो इलाके में जरूरी चीजों का संकट हो जाएगा। समाजसेवी हीरा सिंह चिराल ने बताया कि यदि रास्ते की जल्द मरम्मत नहीं की गई तो वर्ष 2013 की आपदा के जैसे हालात हो जाएंगे। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर रास्ते की मरम्मत करवाने की मांग की है।
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