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क्लाइंबिंग बियौंड द समीट्स की टीम ने माउंट अन्नपूर्णा पर किया सफल आरोहण
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सीबीटीएस टीम के सदस्य अन्नापूर्ण चोटी पर भारत का झंडा फहराते हुए।
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। क्लाइंबिंग बियोंड द समिट्स (सीबीटीएस) की टीम ने नेपाल स्थित 8091 मीटर ऊंची माउंट अन्नपूर्णा चोटी पर सफल आरोहण किया है। टीम के सदस्यों ने एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल के नेतृत्व में गत 16 अप्रैल को यह सफलता हासिल की है। कुल 29 सदस्यीय दल में आठ भारतीय थे, जिसमें दो महिलाएं शीतल और प्रियंका भी शामिल थीं। पहली बार भारतीय महिलाओं ने चोटी पर सफल आरोहण किया है।
टीम ने 16 अप्रैल को दोपहर दो बजे अन्नपूर्णा चोटी पर तिरंगा फहराया और अगले दिन बेस कैंप पहुंचे। इससे पूर्व भी टीम के सदस्य एवरेस्ट और कंचनजंगा हिमालय की कई चोटियों का सफलता पूर्वक आरोहण कर चुके हैं।
सीबीटीएस के संस्थापक और उत्तराखंड के पर्वतारोही योगेश ने बताया कि बीते साल कोविड के चलते इस आरोहण अभियान को स्थगित करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि इस अभियान को हंस फाउंडेशन, क्लांइबिंग बियोंड द समिट्स, हिमालयन गोट्स ने स्पांसर किया था। दल में गिप्रिमी संस्था पुणे के तीन सदस्यों समेत भारतीय महिला प्रियंका भी शामिल थी। इससे पहले छह भारतीय पुरुष इस चोटी को फतह कर चुके हैं। योगेश ने बताया कि इससे पहले भी एवरेस्ट विजेता शीतल कंचनजंघा चोटी का सफल आरोहण कर दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला होने का रिकॉर्ड अपने नाम द कर चुकी है। एवरेस्ट विजेता शीतल ने बताया कि उनका सपना भविष्य में दुनिया की आठ हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित 14 चोटियों पर देश का झंडा फहराना है।
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टीम ने 16 अप्रैल को दोपहर दो बजे अन्नपूर्णा चोटी पर तिरंगा फहराया और अगले दिन बेस कैंप पहुंचे। इससे पूर्व भी टीम के सदस्य एवरेस्ट और कंचनजंगा हिमालय की कई चोटियों का सफलता पूर्वक आरोहण कर चुके हैं।
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सीबीटीएस के संस्थापक और उत्तराखंड के पर्वतारोही योगेश ने बताया कि बीते साल कोविड के चलते इस आरोहण अभियान को स्थगित करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि इस अभियान को हंस फाउंडेशन, क्लांइबिंग बियोंड द समिट्स, हिमालयन गोट्स ने स्पांसर किया था। दल में गिप्रिमी संस्था पुणे के तीन सदस्यों समेत भारतीय महिला प्रियंका भी शामिल थी। इससे पहले छह भारतीय पुरुष इस चोटी को फतह कर चुके हैं। योगेश ने बताया कि इससे पहले भी एवरेस्ट विजेता शीतल कंचनजंघा चोटी का सफल आरोहण कर दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला होने का रिकॉर्ड अपने नाम द कर चुकी है। एवरेस्ट विजेता शीतल ने बताया कि उनका सपना भविष्य में दुनिया की आठ हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित 14 चोटियों पर देश का झंडा फहराना है।
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