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बाहर चलती हैं कक्षाएं, बारिश में स्कूल हो जाता है बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
Updated Thu, 13 Jul 2017 10:41 PM IST
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इसी जर्जर भवन में संचालित होता है कुनल्ता का हाईस्कूल
- फोटो : अमर उजाला
इसी साल खुला राजकीय इंटर कॉलेज कुनल्ता प्राथमिक स्कूल के भवन में चल रहा है। 41 साल पुराने इस प्राथमिक स्कूल का भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। उसमें कक्षाओं का संचालन नहीं हो सकता। विद्यार्थियों को बाहर जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। बारिश हुई तो स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती है।
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पिछले साल शासन ने कुनल्ता में हाइस्कूल खोलने का शासनादेश जारी किया। इसी सत्र से 9वीं की कक्षाएं शुरू हुई हैं। 14 विद्यार्थियों ने कक्षा 9 में प्रवेश किया है। स्कूल के लोगों को उम्मीद थी कि हाइस्कूल की कक्षाएं को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। प्रधानाचार्य और अन्य स्टाफ की तैनाती होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्कूल में कक्षा 9 की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए केवल एक शिक्षक तैनात है।
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हाइस्कूल वर्ष 1976 में बने प्राथमिक स्कूल के भवन में संचालित हो रहा है, जो बुरी तरह जर्जर स्थिति में है। भवन काम लायक न होने से कक्षा 9 की कक्षाएं खुले आसमान के नीचे चलानी पड़ती है। मौसम खराब हुआ तो पढ़ाई का संकट खड़ा हो जाता है। बारिश में स्कूल को बंद करना पड़ता है। अभिभावक हाइस्कूल की अव्यवस्था से परेशान हो गए हैं। विधायक मीना गंगोला ने माना कि राजकीय हाइस्कूल कुनल्ता में शिक्षण कार्य में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा हाइस्कूल का अलग से भवन बनवाया जाएगा। शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
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धामीगांव इंटर कॉलेज में एक भी प्रवक्ता नहीं
नाचनी। 2016-17 में हाइस्कूल से इंटर बने राजकीय इंटर कॉलेज धामीगांव में प्रधानाचार्य के साथ ही प्रवक्ताओं के सभी 9 पद रिक्त हैं। इस स्कूल में कक्षा 11 में 20 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, लेकिन हिंदी, भूगोल, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित विषय के सभी पद रिक्त हैं। एलटी में हिंदी और विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। दो लिपिक और एक अनुसेवक का पद भी खाली है। 110 छात्रसंख्या वाले स्कूल की व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी से उतर गई हैं। एसएमसी अध्यक्ष दीवान सिंह, पीटीए अध्यक्ष दुर्गा सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश चंद्र जोशी ने सचिव विद्यालय शिक्षा को भेजे ज्ञापन में स्कूल के हालात पर चिंता जताई है। इन लोगों ने स्कूल में शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है।
मुनस्यारी डिग्री, मवानीदवानी इंटर कॉलेज में भी शिक्षकों का टोटा
पिथौरागढ़। राजकीय महाविद्यालय मुनस्यारी और राजकीय इंटर कॉलेज मवानीदवानी में भी शिक्षकों की कमी से पढ़ाई बाधित हो रही है। वर्ष 2001 में खुले मुनस्यारी महाविद्यालय में बीए में अर्थशास्त्र, अंग्रेजी और एमए में राजनीति शास्त्र, विज्ञान, इतिहास, हिंदी के प्राध्यापकों के पद रिक्त हैं। राजकीय इंटर कॉलेज मवानीदवानी में शिक्षकों के कई पद रिक्त होने से पढ़ाई प्रभावित हो गई है। छात्र नेता प्रकाश गिरी गोस्वामी, उमेश धामी, विक्रम दानू, बहादुर कोरंगा, हुकुम धामी, देवेंद्र महर ने उच्च शिक्षा मंत्री, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, जिलाधिकारी, मुख्य शिक्षाधिकारी को भेजे ज्ञापन में शिक्षकों की तैनाती की मांग की है।
जजौली के स्कूलों की सुरक्षा नहीं
गंगोलीहाट। गंगोलीहाट विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जजौली और जूनियर स्कूल जलौली की सुरक्षा व्यवस्था लचर है। विद्यालय के पीछे की पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरते हैं। अभिभावक और स्कूल प्रबंधन लगातार सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि वर्ष 2008 से विद्यालय की सुरक्षा का मामला शिक्षाधिकारियों के सामने उठाया जा रहा है, लेकिन कोई अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। कहा कि भय के साये में स्कूलों का संचालन होता है। कभी भी स्कूल में कोई हादसा हो सकता है।