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गांव में फंसे बच्चों और महिलाओं को ड्रम में बैठाकर निकाला
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चामी में फंसी एक महिला को दूसरी ओर भेजने के लिए ड्रम में बिठाते सेना के जवान।
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला/बंगापानी/मुनस्यारी। आपदा के कारण बंगापानी तहसील के लुम्ती गांव में सेना के जवान देवदूत बनकर पहुंचे। जवानों ने उफनती नदी के बीच तार बांधकर प्लास्टिक के ड्रम में बैठाकर गांव में फंसे बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित निकाला।
27 जुलाई की रात आई भीषण आपदा से चामी में बीआरओ का पुल बहने से लुम्ती गांव के लोग गांव में ही फंस गए थे। क्षेत्र में पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं होने से सेना के जवानों की मदद ली गई। कुमाऊं स्काउट के जवानों ने लगभग 100 मीटर डबल माउनटेयरिंग रोप वे से लोगों का रेस्क्यू किया। जवान 28 जुलाई से चामी में रेस्क्यू में लगे हैं। वे उफनती नदी पार करा रहे हैं।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि कुमाऊं स्काउट के मेजर मुकेश बिष्ट के नेतृत्व में 40 जवानों ने बृहस्पतिवार को 130 महिला, पुरुष और बच्चों को नदी पार कराई। अब तक 200 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। साथ ही कुमाऊं स्काउट की मेडिकल टीम स्वास्थ्य जांच भी कर रही है। एसडीएम ने मौके पर जाकर पीड़ितों से मुलाकात कर राहत दी। राहत शिविरों में राजस्व उपनिरीक्षक जीनत अंसारी भी राहत सामग्री बांट रही हैं।
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लगातार हो रही बारिश से धारचूला के ग्वाल वार्ड में देवकी गर्ब्याल के मकान का दुकान वाला हिस्सा टेड़ा हो गया है। इसके अलावा जगत सिंह रौंकली और मान सिंह सोनाल के घरों में दरार आने से मकान धंस गया है। तीनों परिवारों ने सामान शिफ्ट कर दिया है। सभी परिवार अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लिए हैं।
धारचूला-तवाघाट सड़क में पहाड़ी से भूस्खलन होने से धौलीगंगा पावर स्टेशन परियोजना के पावर हाउस गेट के पास भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क में जमा हो गया है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही चीन सीमा में जाने वाले जवानों को दिक्कतें हो रही हैं। इस स्थान पर पिछले तीन दिनों से भूस्खलन जारी है।
मुनस्यारी के गांवों में भी हालात बदतर
मुनस्यारी। तहसील के ग्राम सभा रिंगू में बुधवार की रात हुई भारी बारिश से गंगा देवी का मकान टूट गया। धापा, जोशा गांव सहित अन्य आपदा प्रभावित गांवों में अभी भी हालात बेहद खराब बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी भगत सिंह फोनिया ने जोशा गांव पहुंचकर आपदा पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने अपना दर्द एसडीएम को बताते हुए उनके पुनर्वास की मांग उठाई। जोशा और धापा गांव तबाह होने की कगार पर हैं। यहां के अधिकांश परिवार खेतों में कच्चे टैंट लगाकर रह रहे हैं। इससे तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुनस्यारी के धापा सड़क पर स्थित सेनरगाड़ पुल के पास मलबा गिराने से लोग नाराज हैं। गांव के सरपंच दिनेश धपवाल का कहना है कि धापा गांव पहले ही आपदा से जूझ रहा है। सेनरगाड़ में स्लाइडिंग होने से आवागमन पहले ही बाधित है। उसके बावजूद बीआरओ मलबा डाल रहा है। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विधायक चुफाल ने भी की पुल बनाने में मदद
पिथौरागढ़। डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल ने आपदा प्रभावित मेतली, तोली, चामी, हुड़की क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने बिजली के पोलों से अस्थायी पुल का निर्माण कर रहे युवाओं के साथ स्वयं जुटकर पुल निर्माण में मदद की। भ्रमण के दौरान बबीता चुफाल, जिला पंचायत सदस्य गंगोत्री दताल, भाजपा नेत्री लीला बनंग्याल, प्रधान कुलदीप धानिक, किशन सिंह, पंकज सामंत, हरेंद्र चुफाल, तारा राम, विशन राम, चंद्र राम सहित सिंचाई, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग और विकासखंड के अधिकारी मौजूद थे।
आपदा प्रभावित गांवों में रेस्क्यू में जुटे हैं 131 जवान
पिथौरागढ़। बृहस्पतिवार को विधायक धारचूला हरीश धामी, डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल, अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, उप जिलाधिकारी धारचूला एके शुक्ला, बीआरओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने तहसील बंगापानी के आपदा प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों का जायजा लिया।
फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू में सेना के 42, एसडीआरएफ के 27, एनडीआरएफ के 16, आईटीबीपी के 10, पुलिस के 11, पलआरडी के 10, एक होमगार्ड और 14 राजस्व पुलिस सहित कुल 131 जवानों ने रेस्क्यू किया। पूर्ति विभाग ने आपदा प्रभावित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 470 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए। 250 खाद्यान्न पैकेट अभी आरक्षित रखे गए हैं, जिनका वितरण शुक्रवार को किया जाएगा। विभाग ने चामी में 20 व लुमती, बुगैर पटाल में 30, मुनस्यारी के ग्राम धापा में 100, जोशा में 50, सेराघाट में 20 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए।
आपदा प्रभावित गांव, हुड़की, रोली, चामी, लुमती के कुल 65 व्यक्तियों को राजकीय इंटर कॉलेज बरम में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे थे। बृहस्पतिवार को क्षेत्र के विभिन्न गांवों के 62 प्रभावित लोग और पंहुचे। जिनके भोजन, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की ओर से ग्राम लुमती व मेतली में 13 तिरपाल तथा 3 बड़े टेंट उपलब्ध कराए गए हैं। मौसम खराब हो जाने के कारण हेलीकॉप्टर से राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाए। आपदा पीड़ितों को जिला प्रशासन अभी तक 51 लाख 82 हजार रुपये की राहत राशि वितरित कर चुका है।
मलबे में दफन महिलाओं का नहीं लगा सुराग
पिथौरागढ़। बृहस्पतिवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व पुलिस ने खोज बचाव कार्य जारी रखा। क्षेत्र के ग्राम जारा जिबली के तोक समालगांव की लापता हीरा देवी पत्नी कुशल सिंह, ग्राम धामी गांव की लापता महिला विशना देवी पत्नी हयात सिंह और ग्राम टांगा में लापता पार्वती देवी पत्नी जीतराम की खोजबीन का कार्य जारी रखा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
दर्जनों गांवों की बिजली अभी भी गुल
पिथौरागढ़। धारचूला, मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में 86 गांवों में बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिसमें से 68 गांवों में आपूर्ति बहाल कर ली गई है। ईई अमित कटारिया ने बताया कि इन गांवों के लिए बिजली उपकरण उपलब्ध हो गए हैं। जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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27 जुलाई की रात आई भीषण आपदा से चामी में बीआरओ का पुल बहने से लुम्ती गांव के लोग गांव में ही फंस गए थे। क्षेत्र में पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं होने से सेना के जवानों की मदद ली गई। कुमाऊं स्काउट के जवानों ने लगभग 100 मीटर डबल माउनटेयरिंग रोप वे से लोगों का रेस्क्यू किया। जवान 28 जुलाई से चामी में रेस्क्यू में लगे हैं। वे उफनती नदी पार करा रहे हैं।
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उपजिलाधिकारी ने बताया कि कुमाऊं स्काउट के मेजर मुकेश बिष्ट के नेतृत्व में 40 जवानों ने बृहस्पतिवार को 130 महिला, पुरुष और बच्चों को नदी पार कराई। अब तक 200 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। साथ ही कुमाऊं स्काउट की मेडिकल टीम स्वास्थ्य जांच भी कर रही है। एसडीएम ने मौके पर जाकर पीड़ितों से मुलाकात कर राहत दी। राहत शिविरों में राजस्व उपनिरीक्षक जीनत अंसारी भी राहत सामग्री बांट रही हैं।
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लगातार हो रही बारिश से धारचूला के ग्वाल वार्ड में देवकी गर्ब्याल के मकान का दुकान वाला हिस्सा टेड़ा हो गया है। इसके अलावा जगत सिंह रौंकली और मान सिंह सोनाल के घरों में दरार आने से मकान धंस गया है। तीनों परिवारों ने सामान शिफ्ट कर दिया है। सभी परिवार अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लिए हैं।
धारचूला-तवाघाट सड़क में पहाड़ी से भूस्खलन होने से धौलीगंगा पावर स्टेशन परियोजना के पावर हाउस गेट के पास भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क में जमा हो गया है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही चीन सीमा में जाने वाले जवानों को दिक्कतें हो रही हैं। इस स्थान पर पिछले तीन दिनों से भूस्खलन जारी है।
मुनस्यारी के गांवों में भी हालात बदतर
मुनस्यारी। तहसील के ग्राम सभा रिंगू में बुधवार की रात हुई भारी बारिश से गंगा देवी का मकान टूट गया। धापा, जोशा गांव सहित अन्य आपदा प्रभावित गांवों में अभी भी हालात बेहद खराब बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी भगत सिंह फोनिया ने जोशा गांव पहुंचकर आपदा पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने अपना दर्द एसडीएम को बताते हुए उनके पुनर्वास की मांग उठाई। जोशा और धापा गांव तबाह होने की कगार पर हैं। यहां के अधिकांश परिवार खेतों में कच्चे टैंट लगाकर रह रहे हैं। इससे तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुनस्यारी के धापा सड़क पर स्थित सेनरगाड़ पुल के पास मलबा गिराने से लोग नाराज हैं। गांव के सरपंच दिनेश धपवाल का कहना है कि धापा गांव पहले ही आपदा से जूझ रहा है। सेनरगाड़ में स्लाइडिंग होने से आवागमन पहले ही बाधित है। उसके बावजूद बीआरओ मलबा डाल रहा है। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विधायक चुफाल ने भी की पुल बनाने में मदद
पिथौरागढ़। डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल ने आपदा प्रभावित मेतली, तोली, चामी, हुड़की क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने बिजली के पोलों से अस्थायी पुल का निर्माण कर रहे युवाओं के साथ स्वयं जुटकर पुल निर्माण में मदद की। भ्रमण के दौरान बबीता चुफाल, जिला पंचायत सदस्य गंगोत्री दताल, भाजपा नेत्री लीला बनंग्याल, प्रधान कुलदीप धानिक, किशन सिंह, पंकज सामंत, हरेंद्र चुफाल, तारा राम, विशन राम, चंद्र राम सहित सिंचाई, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग और विकासखंड के अधिकारी मौजूद थे।
आपदा प्रभावित गांवों में रेस्क्यू में जुटे हैं 131 जवान
पिथौरागढ़। बृहस्पतिवार को विधायक धारचूला हरीश धामी, डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल, अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, उप जिलाधिकारी धारचूला एके शुक्ला, बीआरओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने तहसील बंगापानी के आपदा प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों का जायजा लिया।
फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू में सेना के 42, एसडीआरएफ के 27, एनडीआरएफ के 16, आईटीबीपी के 10, पुलिस के 11, पलआरडी के 10, एक होमगार्ड और 14 राजस्व पुलिस सहित कुल 131 जवानों ने रेस्क्यू किया। पूर्ति विभाग ने आपदा प्रभावित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 470 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए। 250 खाद्यान्न पैकेट अभी आरक्षित रखे गए हैं, जिनका वितरण शुक्रवार को किया जाएगा। विभाग ने चामी में 20 व लुमती, बुगैर पटाल में 30, मुनस्यारी के ग्राम धापा में 100, जोशा में 50, सेराघाट में 20 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए।
आपदा प्रभावित गांव, हुड़की, रोली, चामी, लुमती के कुल 65 व्यक्तियों को राजकीय इंटर कॉलेज बरम में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे थे। बृहस्पतिवार को क्षेत्र के विभिन्न गांवों के 62 प्रभावित लोग और पंहुचे। जिनके भोजन, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की ओर से ग्राम लुमती व मेतली में 13 तिरपाल तथा 3 बड़े टेंट उपलब्ध कराए गए हैं। मौसम खराब हो जाने के कारण हेलीकॉप्टर से राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाए। आपदा पीड़ितों को जिला प्रशासन अभी तक 51 लाख 82 हजार रुपये की राहत राशि वितरित कर चुका है।
मलबे में दफन महिलाओं का नहीं लगा सुराग
पिथौरागढ़। बृहस्पतिवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व पुलिस ने खोज बचाव कार्य जारी रखा। क्षेत्र के ग्राम जारा जिबली के तोक समालगांव की लापता हीरा देवी पत्नी कुशल सिंह, ग्राम धामी गांव की लापता महिला विशना देवी पत्नी हयात सिंह और ग्राम टांगा में लापता पार्वती देवी पत्नी जीतराम की खोजबीन का कार्य जारी रखा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
दर्जनों गांवों की बिजली अभी भी गुल
पिथौरागढ़। धारचूला, मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में 86 गांवों में बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिसमें से 68 गांवों में आपूर्ति बहाल कर ली गई है। ईई अमित कटारिया ने बताया कि इन गांवों के लिए बिजली उपकरण उपलब्ध हो गए हैं। जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

रेस्क्यू में जुटे सेना के जवान।- फोटो : PITHORAGARH

रेस्क्यू में जुटे सेना के जवान।- फोटो : PITHORAGARH