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Pithoragarh News: जिले में राज्य गठन के बाद पहली बार आज होगी कैबिनेट की बैठक
Sat, 03 Oct 2026 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:05 PM IST
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चंपावत। चंपावत जिले में प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एनएचपीसी परिसर में होने वाली बैठक को लेकर जिले के लोगों में उत्साह है। बैठक में शामिल होने वाले मंत्रियों और अधिकारियों को पहाड़ की संस्कृति और पारंपरिक खानपान की झलक भी देखने को मिलेगी।
(4 अक्तूबर) रविवार को होने वाले एक दिवसीय कैबिनेट बैठक के लिए एनएचपीसी परिसर को ऐंपण कला और लोक संस्कृति की थीम पर सजाया गया है। बैठक में मंत्रियों के सिर पर पहाड़ी टोपी नजर आएगी। इसके अलावा मंत्रियों का मां वाराही के प्रसाद और पूर्णागिरि मैया के पटके से स्वागत किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से बैठक स्थल की दीवारों और प्रांगण में ऐंपण कला उकेरी गई है। बैठक कक्ष में चंपावत जिले के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। इसके माध्यम से बैठक में शामिल होने वाले मंत्रियों और अधिकारियों को जिले की समृद्ध संस्कृति, विरासत और पर्यटन स्थलों से परिचित होंगे। बैठक हॉल को फूलों से रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है।
सुबह 11 बजे से शुरू होगी कैबिनेट बैठक
राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक रविवार सुबह 11 बजे से बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में शुरू होगी। बैठक में प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। बैठक को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी की गईं हैं।
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स्थानीय कलाकार और बच्चे देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति
जिला प्रशासन ने तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अतिथियों के स्वागत में स्थानीय कलाकार, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं और बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। स्थानीय लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इसके माध्यम से अतिथियों को चंपावत की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराया जाएगा।
परोसे जाएंगे पारंपरिक व्यंजन
खानपान में भी पहाड़ी स्वाद को प्राथमिकता दी गई है। मेहमानों को भट्ट की चुड़कानी, गहत की दाल, मड़ुवे की रोटी, पहाड़ी खीरे का रायता और झंगोरे की खीर समेत कई पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके माध्यम से अतिथियों को चंपावत के पारंपरिक खानपान और पहाड़ी स्वाद से परिचित कराया जाएगा।
सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े प्रस्तावों पर मंथन की उम्मीद
कैबिनेट बैठक में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा और रोजगार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सीमांत क्षेत्रों की जरूरतों और विकास से जुड़े विषयों पर भी सरकार निर्णय ले सकती है। बैठक में जिले के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर मंथन होने की उम्मीद है।
कुछ मंत्री एक दिन पहले पहुंचे चंपावत, कई आज पहुंचेंगे
कैबिनेट बैठक को लेकर मंत्रियों के चंपावत पहुंचने का सिलसिला शनिवार को शुरू हो गया था। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज शनिवार को चंपावत पहुंच गए। उनके अलावा कुछ शासन के सचिव भी एक दिन पहले जिले में पहुंच चुके हैं। वहीं, अन्य मंत्री के रविवार को पहुंचेंगे। कैबिनेट बैठक को लेकर जिला प्रशासन के सभी अधिकारी भी एक दिन पहले बनबसा पहुंच गए हैं। बैठक में शामिल होने के लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने का क्रम भी जारी है।
कैबिनेट बैठकों के सफर में अब चंपावत की बारी
देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठक कराने की करीब डेढ़ दशक पुरानी परंपरा अब चंपावत तक पहुंच गई है। राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले में मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। इसके साथ ही देहरादून से बाहर होने वाली कैबिनेट बैठकों की सूची में चंपावत का नाम भी जुड़ जाएगा। देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठक कराने का सिलसिला हरिद्वार की हरकी पैड़ी से शुरू हुआ था। इसके बाद गैरसैंण, अल्मोड़ा, केदारनाथ, टिहरी और पौड़ी में भी मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की गईं।
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बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में होने वाली कैबिनेट बैठक को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। - मनीष कुमार, जिलाधिकारी, चंपावत
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(4 अक्तूबर) रविवार को होने वाले एक दिवसीय कैबिनेट बैठक के लिए एनएचपीसी परिसर को ऐंपण कला और लोक संस्कृति की थीम पर सजाया गया है। बैठक में मंत्रियों के सिर पर पहाड़ी टोपी नजर आएगी। इसके अलावा मंत्रियों का मां वाराही के प्रसाद और पूर्णागिरि मैया के पटके से स्वागत किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से बैठक स्थल की दीवारों और प्रांगण में ऐंपण कला उकेरी गई है। बैठक कक्ष में चंपावत जिले के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। इसके माध्यम से बैठक में शामिल होने वाले मंत्रियों और अधिकारियों को जिले की समृद्ध संस्कृति, विरासत और पर्यटन स्थलों से परिचित होंगे। बैठक हॉल को फूलों से रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है।
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सुबह 11 बजे से शुरू होगी कैबिनेट बैठक
राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक रविवार सुबह 11 बजे से बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में शुरू होगी। बैठक में प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। बैठक को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी की गईं हैं।
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स्थानीय कलाकार और बच्चे देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति
जिला प्रशासन ने तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अतिथियों के स्वागत में स्थानीय कलाकार, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं और बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। स्थानीय लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इसके माध्यम से अतिथियों को चंपावत की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराया जाएगा।
परोसे जाएंगे पारंपरिक व्यंजन
खानपान में भी पहाड़ी स्वाद को प्राथमिकता दी गई है। मेहमानों को भट्ट की चुड़कानी, गहत की दाल, मड़ुवे की रोटी, पहाड़ी खीरे का रायता और झंगोरे की खीर समेत कई पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके माध्यम से अतिथियों को चंपावत के पारंपरिक खानपान और पहाड़ी स्वाद से परिचित कराया जाएगा।
सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े प्रस्तावों पर मंथन की उम्मीद
कैबिनेट बैठक में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा और रोजगार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सीमांत क्षेत्रों की जरूरतों और विकास से जुड़े विषयों पर भी सरकार निर्णय ले सकती है। बैठक में जिले के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर मंथन होने की उम्मीद है।
कुछ मंत्री एक दिन पहले पहुंचे चंपावत, कई आज पहुंचेंगे
कैबिनेट बैठक को लेकर मंत्रियों के चंपावत पहुंचने का सिलसिला शनिवार को शुरू हो गया था। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज शनिवार को चंपावत पहुंच गए। उनके अलावा कुछ शासन के सचिव भी एक दिन पहले जिले में पहुंच चुके हैं। वहीं, अन्य मंत्री के रविवार को पहुंचेंगे। कैबिनेट बैठक को लेकर जिला प्रशासन के सभी अधिकारी भी एक दिन पहले बनबसा पहुंच गए हैं। बैठक में शामिल होने के लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने का क्रम भी जारी है।
कैबिनेट बैठकों के सफर में अब चंपावत की बारी
देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठक कराने की करीब डेढ़ दशक पुरानी परंपरा अब चंपावत तक पहुंच गई है। राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले में मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। इसके साथ ही देहरादून से बाहर होने वाली कैबिनेट बैठकों की सूची में चंपावत का नाम भी जुड़ जाएगा। देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठक कराने का सिलसिला हरिद्वार की हरकी पैड़ी से शुरू हुआ था। इसके बाद गैरसैंण, अल्मोड़ा, केदारनाथ, टिहरी और पौड़ी में भी मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की गईं।
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बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में होने वाली कैबिनेट बैठक को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। - मनीष कुमार, जिलाधिकारी, चंपावत