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उल्लास से मनाया गया हरेला पर्व
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:03 PM IST
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पिथौरागढ़। हरियाली का पर्व हरेला उल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के सिर पर हरेला चढ़ाया। वहीं, मंदिरों में हरेला चढ़ाने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
हरेला पर्व की शुरुआत सुबह घर के मंदिर में पूजा से हुई। देवताओं को स्नान कराकर पूजन कर हरेला चढ़ाया गया। उसके बाद सपरिवार मंदिरों में पहुंचकर लोगों ने अपने ईष्ट का पूजन किया। हरेला अर्पित किया। बहनों ने हरेला से भाइयों का सिर पूजन किया। हरेला भाई-बहनों के मिलन का भी पर्व है।
भाइयों को हरेला चढ़ाने के लिए विवाहिता बहनें ससुराल पहुंचती हैं। भाई बहनों को उपहार देते हैं। हरेला पर्व पर खेत में नए पैदा हुए अनाज को मंदिर में चढ़ाने का भी रिवाज है। लोगों ने सब्जियों के साथ ही अनाज भी मंदिरों में चढ़ाए। पहाड़ पर अनाज देवी-देवताओं को चढ़ाने के बाद ही अपने उपयोग में लाने की परंपरा है।
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हरेला पर्व की शुरुआत सुबह घर के मंदिर में पूजा से हुई। देवताओं को स्नान कराकर पूजन कर हरेला चढ़ाया गया। उसके बाद सपरिवार मंदिरों में पहुंचकर लोगों ने अपने ईष्ट का पूजन किया। हरेला अर्पित किया। बहनों ने हरेला से भाइयों का सिर पूजन किया। हरेला भाई-बहनों के मिलन का भी पर्व है।
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भाइयों को हरेला चढ़ाने के लिए विवाहिता बहनें ससुराल पहुंचती हैं। भाई बहनों को उपहार देते हैं। हरेला पर्व पर खेत में नए पैदा हुए अनाज को मंदिर में चढ़ाने का भी रिवाज है। लोगों ने सब्जियों के साथ ही अनाज भी मंदिरों में चढ़ाए। पहाड़ पर अनाज देवी-देवताओं को चढ़ाने के बाद ही अपने उपयोग में लाने की परंपरा है।
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