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देवलथल-कनालीछीना सड़क बदहाल
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:12 PM IST
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पिथौरागढ़। देवलथल-कनालीछीना मार्ग की बदहाली से ग्रामीणों में आक्रोश है। सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। सड़क पर पड़े बड़े-बड़े गड्ढों और क्षतिग्रस्त कॉजवे से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पूर्व में इस सड़क पर तहसीलदार समेत पांच लोगों की जान जा चुकी है।
दिगरा मुवानी के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने बताया कि देवलथल-कनालीछीना सड़क की लंबाई 16 किमी है। सड़क कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है। उक्त सड़क पर छह कॉजवे हैं, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके चलते बरसात में गधेरों का पानी सड़क पर बहता है। वर्ष 2004 में जिनगाल वैष्णो मंदिर के पास कॉजवे क्षतिग्रस्त होने के कारण राजस्व विभाग का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
हादसे में तहसीलदार समेत पांच लोगों की जान गई थी। उन्होंने बताया कि उक्त सड़क से चैपाता, जिनगाल, पुखरौड़ा, बिसौनाखान, लमतड़ी, कापड़ीगांव, गोयता, ख्वांतड़ी, सिरोली आदि गांवों के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन जिलाधिकारी को भी सौंपा है। इसमें सड़क की दशा और क्षतिग्रस्त कॉजवे ठीक नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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दिगरा मुवानी के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने बताया कि देवलथल-कनालीछीना सड़क की लंबाई 16 किमी है। सड़क कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है। उक्त सड़क पर छह कॉजवे हैं, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके चलते बरसात में गधेरों का पानी सड़क पर बहता है। वर्ष 2004 में जिनगाल वैष्णो मंदिर के पास कॉजवे क्षतिग्रस्त होने के कारण राजस्व विभाग का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
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हादसे में तहसीलदार समेत पांच लोगों की जान गई थी। उन्होंने बताया कि उक्त सड़क से चैपाता, जिनगाल, पुखरौड़ा, बिसौनाखान, लमतड़ी, कापड़ीगांव, गोयता, ख्वांतड़ी, सिरोली आदि गांवों के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन जिलाधिकारी को भी सौंपा है। इसमें सड़क की दशा और क्षतिग्रस्त कॉजवे ठीक नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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