फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   20 kids named from Adarsh Vidyalaya

आदर्श विद्यालय से 20 बच्चों ने नाम कटाया

Fri, 14 Jul 2017 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Fri, 14 Jul 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
20 kids named from Adarsh Vidyalaya
धारचूला का आदर्श राजकीय इंटर कालेज - फोटो : अमर उजाला

पिछली सरकार की आदर्श विद्यालय योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज धारचूला में शिक्षकों की कमी के कारण हाइस्कूल और इंटर के 20 विद्यार्थियों ने नाम कटा लिया है। यह सभी विद्यार्थी अन्य विद्यालयों में चले गए हैं। दस वर्ष पहले इस विद्यालय में छात्रसंख्या 1800 तक पहुंच चुकी थी, लेकिन इस समय मात्र 480 विद्यार्थियों ने प्रवेश ले रखा है। विद्यालय प्रशासन इस चिंता में है कि यदि शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए तो छात्रसंख्या और कम हो जाएगी।

विज्ञापन


धारचूला के राजकीय इंटर कॉलेज का एक समय में काफी नाम हुआ करता था। इसमें अच्छी शिक्षा के स्तर को देखते हुए बालिकाएं भी विज्ञान विषय में प्रवेश लेती थीं। राज्य गठन के बाद इस विद्यालय में छात्रसंख्या में गिरावट का दौर शुरू होने लगा। पिछली सरकार के मुख्यमंत्री हरीश रावत धारचूला क्षेत्र से ही विधायक रहे, लेकिन वह भी शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने और शिक्षकों के रिक्त पद भरने की दिशा में कुछ नहीं कर पाए। वर्ष 2015 में इस विद्यालय को आदर्श विद्यालय का दर्जा दिया गया। आदर्श विद्यालय के नाम पर विद्यालय भवन में रंगाई-पुताई तो कर दी, लेकिन शिक्षकों की तैनाती के प्रयास नहीं हुए, जो शिक्षक यहां से स्थानांतरण हुए उनकी जगह नई तैनाती नहीं की गई। इस समय विद्यालय में इंटर स्तर पर विज्ञान विषय पढ़ाने वाला एक भी शिक्षक नहीं है। इंटर में गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान के शिक्षक नहीं है। हाइस्कूल में गणित, विज्ञान, संगीत, हिंदी, संस्कृत को पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है।
विज्ञापन


आदर्श विद्यालय का दर्जा मिलने के बाद अभिभावकों को उम्मीद थी कि शायद शिक्षकों के रिक्त पद भर जाएंगे, लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। नई सरकार ने भी विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया है। प्रभारी प्रधानाचार्य एसएस दरियाल ने बताया कि मुख्य विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त होने से विद्यार्थी विद्यालय छोड़ते जा रहे हैं। शिक्षकों की कमी का मामला हर बार मुख्य शिक्षा अधिकारी के सामने उठाया जा रहा है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि आदर्श विद्यालय में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हुई तो अभिभावक आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed