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तहसीलदार और पटवारी की तैनाती करो
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:51 PM IST
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पिथौरागढ़। नवसृजित देवलथल तहसील में तहसीलदार और पटवारियों के रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने प्रदर्शन किया। देवलथल तहसील के अंतर्गत आने वाली आठ पट्टियों में से छह में पटवारी नहीं हैं।
अब तक प्रमाणपत्र बनाने संबंधी काम डीडीहाट से हो रहे थे, लेकिन डीडीहाट में भी एसडीएम का पद रिक्त हो गया है। युवाओं को स्थायी निवास, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा पटवारियों के पद रिक्त होने से आपदा संबंधी नुकसान का आकलन नहीं हो पा रहा है।
जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार के नेतृत्व में एकत्र लोगों ने कहा कि तहसील खोलने के बाद भी स्टाफ की तैनाती न करना गंभीर चिंता का विषय है। कहा गया कि यदि तत्काल तहसीलदार और पटवारियों की तैनाती नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन में युवराज सिंह, रघुवीर सिंह, होशियार सिंह, गौरव, धीरू, भगवान सिंह आदि थे।
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डीडीहाट में एसडीएम नहीं
डीडीहाट। डीडीहाट से पिछले महीने एसडीएम मनुज गोयल का स्थानांतरण हो गया। तब से यहां नई तैनाती नहीं हो पाई है। इसी तरह तहसीलदार का काम नायब तहसीलदार को सौंपा गया है। इस तहसील में भी पटवारियों के आधे से अधिक पद रिक्त हैं। स्थानीय लोगों को स्टाफ की कमी से भारी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।
मुनस्यारी में एक साल से एसडीएम नहीं
मुनस्यारी। सीमांत तहसील मुनस्यारी में एक वर्ष से एसडीएम का पद रिक्त है। यहां के एसडीएम का काम कभी धारचूला के एसडीएम को तो कभी बेड़ीनाग के एसडीएम को सौंपा जा रहा है। तहसीलदार का पद भी पिछले चार महीने से रिक्त है। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील इस तहसील में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी है।
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अब तक प्रमाणपत्र बनाने संबंधी काम डीडीहाट से हो रहे थे, लेकिन डीडीहाट में भी एसडीएम का पद रिक्त हो गया है। युवाओं को स्थायी निवास, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा पटवारियों के पद रिक्त होने से आपदा संबंधी नुकसान का आकलन नहीं हो पा रहा है।
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जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार के नेतृत्व में एकत्र लोगों ने कहा कि तहसील खोलने के बाद भी स्टाफ की तैनाती न करना गंभीर चिंता का विषय है। कहा गया कि यदि तत्काल तहसीलदार और पटवारियों की तैनाती नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन में युवराज सिंह, रघुवीर सिंह, होशियार सिंह, गौरव, धीरू, भगवान सिंह आदि थे।
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डीडीहाट में एसडीएम नहीं
डीडीहाट। डीडीहाट से पिछले महीने एसडीएम मनुज गोयल का स्थानांतरण हो गया। तब से यहां नई तैनाती नहीं हो पाई है। इसी तरह तहसीलदार का काम नायब तहसीलदार को सौंपा गया है। इस तहसील में भी पटवारियों के आधे से अधिक पद रिक्त हैं। स्थानीय लोगों को स्टाफ की कमी से भारी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।
मुनस्यारी में एक साल से एसडीएम नहीं
मुनस्यारी। सीमांत तहसील मुनस्यारी में एक वर्ष से एसडीएम का पद रिक्त है। यहां के एसडीएम का काम कभी धारचूला के एसडीएम को तो कभी बेड़ीनाग के एसडीएम को सौंपा जा रहा है। तहसीलदार का पद भी पिछले चार महीने से रिक्त है। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील इस तहसील में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी है।