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Pauri News: शास्त्रों के विजेताओं को किया गया सम्मानित
Wed, 19 Jun 2024 04:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 19 Jun 2024 04:38 PM IST
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देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के तीन परिसरों में आयोजित अखिल भारतीय स्तर के प्रशिक्षण वर्ग का समापन हो गया है। तीनों शास्त्रों की स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। एक माह तक चले शिविरों में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने छात्रों को प्रशिक्षित किया। शलाका परीक्षा में अव्वल रहे विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया।
केंद्रीय संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी की पहल पर विश्वविद्यालय में शास्त्र रक्षा अभियान चलाया गया है। इसके अंतर्गत इस साल विश्वविद्यालय के 12 में से तीन परिसरों में एक-एक महीने के विशेष शिविर आयोजित किए गए। जयपुर परिसर में व्याकरण, राजीव गांधी परिसर, शृंगेरी में अद्वैत वेदांत और श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर, देवप्रयाग में न्याय शास्त्र के प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए गए।
देवप्रयाग श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के प्रशिक्षण वर्ग में उदयनाचार्य के ग्रंथ ’न्यायकुसुमांजलि’ का अध्ययन कराया गया। विषय विशेषज्ञों में महामहोपाध्याय देवीदत्त पाटिल, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के न्याय विभाग के सहायक आचार्य कुंज बिहारी, केंद्रीय संस्कृत विवि, शृंगेरी परिसर के श्याम सुंदर, राघवेंद्र उर्ली, राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तिरुपति के आचार्य ओजीपी कल्याण शास्त्री, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. रामपूजन पांडेय तथा कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति केई देवनाथन, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने व्याख्यान दिया।
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बुधवार को तीनों परिसरों में आयोजित कार्यक्रमों के समापन पर विद्यार्थियों ने शास्त्रार्थ किया। श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में मुक्ता एस तथा सहाना जेएन ने शास्त्रार्थ में भाग लिया। शलाका परीक्षा में मुक्ता एस प्रथम रहीं। न्याय शास्त्र प्रशिक्षण वर्ग में मुक्ता एस प्रथम, सुधन्वा आर द्वितीय, सत्यप्रमोद एचवी तृतीय रहे। न्याय शास्त्र प्रतियोगिता की अध्यक्षता रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी. सुब्रह्मण्यम ने की। साथ ही बतौर मुख्य अतिथि साहित्य विभाग संयोजिका प्रो. चंद्रकला आर. कोंडी व विशिष्ट अतिथि साहित्य विभाग प्राध्यापक डॉ. शैलेंद्र नारायण कोटियाल ने प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
निदेशक प्रो. सुब्रह्मण्यम ने छात्रों से कार्यक्रम के संदर्भ में प्रश्न पूछे। स्थानीय स्तर पर समापन कार्यक्रम का संयोजन जनार्दन सुवेदी ने किया। अखिल भारतीय शास्त्र प्रशिक्षण वर्ग के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. कुलदीप शर्मा ने बताया कि वर्गों में भागीदारी के लिए अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षा और साक्षात्कार का आयोजन किया गया था। इस मौके पर ब्रह्मानंद मिश्रा, डॉ. अरविंद सिंह गौर, पंकज कोटियाल, डॉ. वीरेंद्र सिंह बर्त्वाल, डॉ अनिल कुमार, डॉ. श्रीओम शर्मा, डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. मनीष आर्या, डॉ. शैलेंद्र प्रसाद उनियाल आदि उपस्थित थे।
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केंद्रीय संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी की पहल पर विश्वविद्यालय में शास्त्र रक्षा अभियान चलाया गया है। इसके अंतर्गत इस साल विश्वविद्यालय के 12 में से तीन परिसरों में एक-एक महीने के विशेष शिविर आयोजित किए गए। जयपुर परिसर में व्याकरण, राजीव गांधी परिसर, शृंगेरी में अद्वैत वेदांत और श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर, देवप्रयाग में न्याय शास्त्र के प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए गए।
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देवप्रयाग श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के प्रशिक्षण वर्ग में उदयनाचार्य के ग्रंथ ’न्यायकुसुमांजलि’ का अध्ययन कराया गया। विषय विशेषज्ञों में महामहोपाध्याय देवीदत्त पाटिल, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के न्याय विभाग के सहायक आचार्य कुंज बिहारी, केंद्रीय संस्कृत विवि, शृंगेरी परिसर के श्याम सुंदर, राघवेंद्र उर्ली, राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तिरुपति के आचार्य ओजीपी कल्याण शास्त्री, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. रामपूजन पांडेय तथा कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति केई देवनाथन, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने व्याख्यान दिया।
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बुधवार को तीनों परिसरों में आयोजित कार्यक्रमों के समापन पर विद्यार्थियों ने शास्त्रार्थ किया। श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में मुक्ता एस तथा सहाना जेएन ने शास्त्रार्थ में भाग लिया। शलाका परीक्षा में मुक्ता एस प्रथम रहीं। न्याय शास्त्र प्रशिक्षण वर्ग में मुक्ता एस प्रथम, सुधन्वा आर द्वितीय, सत्यप्रमोद एचवी तृतीय रहे। न्याय शास्त्र प्रतियोगिता की अध्यक्षता रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी. सुब्रह्मण्यम ने की। साथ ही बतौर मुख्य अतिथि साहित्य विभाग संयोजिका प्रो. चंद्रकला आर. कोंडी व विशिष्ट अतिथि साहित्य विभाग प्राध्यापक डॉ. शैलेंद्र नारायण कोटियाल ने प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
निदेशक प्रो. सुब्रह्मण्यम ने छात्रों से कार्यक्रम के संदर्भ में प्रश्न पूछे। स्थानीय स्तर पर समापन कार्यक्रम का संयोजन जनार्दन सुवेदी ने किया। अखिल भारतीय शास्त्र प्रशिक्षण वर्ग के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. कुलदीप शर्मा ने बताया कि वर्गों में भागीदारी के लिए अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षा और साक्षात्कार का आयोजन किया गया था। इस मौके पर ब्रह्मानंद मिश्रा, डॉ. अरविंद सिंह गौर, पंकज कोटियाल, डॉ. वीरेंद्र सिंह बर्त्वाल, डॉ अनिल कुमार, डॉ. श्रीओम शर्मा, डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. मनीष आर्या, डॉ. शैलेंद्र प्रसाद उनियाल आदि उपस्थित थे।