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टॉर्च की रोशनी में हो रहा उपचार
श्रीनगर
Updated Sun, 15 Nov 2015 07:54 PM IST
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राजकीय मेेडिकल कॉलेज में वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है। ईंधन न होने की वजह से जनरेटर काम नहीं कर रहा है। इससे अस्पताल में आए दिन विद्युत आपूर्ति बाधित होने से काम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में घायलों का इलाज टॉर्च की रोशनी में करना पड़ रहा है। न ही समय पर अस्पताल में मरीजों के रक्त और अन्य जांच हो पा रही है और न ही एक्सरे। बदहाल विद्युत व्यवस्था से अस्पताल के प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
गत अक्तूबर माह से अस्पताल में विद्युत आपूर्ति लड़खड़ा गई है। ऊर्जा निगम की नियमित आपूर्ति में व्यवधान आने पर अस्पताल का एकमात्र जनरेटर नहीं चल रहा है। अस्पताल के आकस्मिक विभाग में 20 अक्तूबर से स्थिति खराब हो गई है। पहले जनरेटर खराब होने और अब जनरेटर में तेल न होने के कारण यहां दिन के वक्त भी अंधेरा छाया रहता है। वार्ड में आए घायलों का उपचार स्टाफ टार्च की रोशनी में कर रहा है। दिन में विद्युत आपूर्ति ठप होने से अस्पताल में एक्सरे भी नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, पैथोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री और माइक्रोबायलॉजी की प्रयोगशालाओं में परीक्षण समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
रक्त खराब होने की आशंका
श्रीनगर। बेस अस्पताल में ब्लड बैंक स्थापित है। यहां रक्त संग्रहण के लिए रेफ्रीजरेटर को हर समय बिजली की आवश्यकता होती है। अन्य दिनों मेें निगम की बिजली गुल होने पर जनरेटर से रेफ्रीजरेटर चलाए जाते हैं। लेकिन इन दिनों रेफ्रीजरेटर बिजली गुल होने पर बंद हो रहे हैं। यदि ज्यादा देर तक विद्युत आपूर्ति ठप रहेगी, रक्त के खराब होने की आशंका है।
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पेट्रोल पंप संचालक के डीजल के बिल का भुगतान नहीं किया गया था। इस वजह से जनरेटर के लिए तेल नहीं मिल पाया था। अब भुगतान हो गया है। जल्द जनरेटर के लिए तेल की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. सुरेश जैन, चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल
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गत अक्तूबर माह से अस्पताल में विद्युत आपूर्ति लड़खड़ा गई है। ऊर्जा निगम की नियमित आपूर्ति में व्यवधान आने पर अस्पताल का एकमात्र जनरेटर नहीं चल रहा है। अस्पताल के आकस्मिक विभाग में 20 अक्तूबर से स्थिति खराब हो गई है। पहले जनरेटर खराब होने और अब जनरेटर में तेल न होने के कारण यहां दिन के वक्त भी अंधेरा छाया रहता है। वार्ड में आए घायलों का उपचार स्टाफ टार्च की रोशनी में कर रहा है। दिन में विद्युत आपूर्ति ठप होने से अस्पताल में एक्सरे भी नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, पैथोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री और माइक्रोबायलॉजी की प्रयोगशालाओं में परीक्षण समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
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रक्त खराब होने की आशंका
श्रीनगर। बेस अस्पताल में ब्लड बैंक स्थापित है। यहां रक्त संग्रहण के लिए रेफ्रीजरेटर को हर समय बिजली की आवश्यकता होती है। अन्य दिनों मेें निगम की बिजली गुल होने पर जनरेटर से रेफ्रीजरेटर चलाए जाते हैं। लेकिन इन दिनों रेफ्रीजरेटर बिजली गुल होने पर बंद हो रहे हैं। यदि ज्यादा देर तक विद्युत आपूर्ति ठप रहेगी, रक्त के खराब होने की आशंका है।
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पेट्रोल पंप संचालक के डीजल के बिल का भुगतान नहीं किया गया था। इस वजह से जनरेटर के लिए तेल नहीं मिल पाया था। अब भुगतान हो गया है। जल्द जनरेटर के लिए तेल की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. सुरेश जैन, चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल