{"_id":"67e42f082dc29f1eff0be320","slug":"the-countrys-first-commercial-production-of-gucchi-mushroom-started-pauri-news-c-5-1-gkp1010-650017-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: देश की पहली व्यावसायिक गुच्ची मशरूम का उत्पादन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: देश की पहली व्यावसायिक गुच्ची मशरूम का उत्पादन शुरू
विज्ञापन
विज्ञापन
पौड़ी। जिस मशरूम को उगाने में वैज्ञानिकों को भी सफलता नहीं मिली, उसी मशरूम को पौड़ी के कोट ब्लॉक निवासी एक युवा ने उगाकर दिखाया है। इतना ही नहीं इस युवा ने मशरूम की पहली खेप भी तैयार कर बाजार में पहुंचा दी है। इसके लिए उन्होंने आईटी सेक्टर की प्रतिष्ठित जॉब छोड़कर मशरूम की खेती के लिए काम शुरू किया।
पेशे से आईटी प्रोफेशनल दंपती नवीन पटवाल व उनकी धर्मपत्नी आईआईटीयन पूनम शर्मा ने उस मशरूम को उगाने में सफलता अर्जित कर ली है, जिसे अभी तक वैज्ञानिक भी नहीं उगा पाए थे। जनपद मुख्यालय पौड़ी से सटे कोट ब्लॉक के फलदाकोट निवासी नवीन पटवाल ने बताया कि गुच्ची मशरूम के क्षेत्र में उन्होंने 2023 से कार्य शुरू किया। करीब डेढ़ साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने गुच्ची मशरूम का टिशू कल्चर विकसित कर इसका सफल स्पॉन (बीज) तैयार किया। बीते साल दिसंबर में उन्होंने गुच्ची के स्पॉन से इसकी खेती शुरू की। बताया कि करीब 90 दिनों की अवधि के बाद गुच्ची मशरूम का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ। नवीन ने बताया कि गुच्ची उत्पादन के लिए अधिकतम 15 व न्यूनतम 5 डिग्री का तापमान जरूरी है। इसके अलावा इसे 1200 से 1300 की ऊंचाई वाले स्थानों में ही उगाया जा सकता है। नवीन ने बताया कि फिलहाल गुच्ची को 6 गुणा 17 वर्ग मीटर के पॉली हाउस में ही उगाया जा रहा है। योजना सफल हुई तो गुच्ची का व्यावसायिक उत्पादन कर बाजार में इसे 30 से 35 हजार प्रति किग्रा की दर से बेचा जा सकता है।
कौन हैं नवीन पटवाल व पूनम शर्मा
फलदाकोट के अप्रवासी नवीन पटवाल ने फरीदाबाद हरियाणा से ही प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त की। वह 2003 में कंप्यूटर साइंस के बीटेक होल्डर हैं। नवीन देश की विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रतिष्ठित पदों पर नौकरी कर चुके हैं। जबकि धर्मपत्नी पूनम शर्मा आईआईटी खड़गपुर से पासआउट है और सरकारी आईटी सेक्टर में उच्च पदों पर तैनात रहीं। नवीन ने बताया कि वे 2007 से बटन मशरूम तैयार कर रहे हैं। महारथ होने के चलते वे प्रतिदिन तीन हजार किग्रा बटन मशरूम उत्पादन करते हैं।
विज्ञापन
देश में गुच्ची का पहला व्यावसायिक उत्पादन हुआ
वर्ल्ड सोसायटी ऑफ मशरूम बायोलॉजी एंड मशरूम प्रोडक्ट के उपाध्यक्ष और मशरूम रिसर्च निदेशालय सोलन के पूर्व निदेशक डॉ. मनजीत सिंह कोट ब्लॉक के फलदाकोट में उगाई गई गुच्ची मशरूम की खेती देखकर हैरान हैं। मशरूम वैज्ञानिक डॉ. मनजीत ने बीते दिनों फलदाकोट में उगाई जा रही गुच्ची मशरूम केंद्र का निरीक्षण। बताया कि युवा आईटी प्रोफेशनल नवीन पटवाल द्वारा उगाई गई गुच्ची मशरूम महंगी मशरूमों में से एक है। वर्ष 2009 में सोलन में इसकी व्यावसायिक खेती के लिए प्रोजेक्ट भी चलाए गए, लेकिन हर बार असफलता ही हाथ लगी। डॉ. मनजीत के मुताबिक यह देश की पहली गुच्ची मशरूम की व्यावसायिक खेती है। बताया कि केवल चीन में ही गुच्ची मशरूम को व्यावसायिक ताैर पर तैयार किया जाता है। बताया कि नवीन द्वारा तैयार की गई गुच्ची मशरूम की खेती से उत्तराखंड ही नहीं अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
प्राकृतिक रूप से उगने वाली गुच्ची मशरूम को तैयार करने के लिए अभी तक कोई प्रोजेक्ट तो नहीं चलाया गया, लेकिन अब लैब स्थापित हो गई है। जल्द ही इसको लेकर कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही गुच्ची मशरूम उत्पादक नवीन पटवाल से भी कुछ टिप्स लेकर इसके व्यावसायिक उत्पादन के लिए प्रयास करेंगे। - मनीष चौहान, सहायक प्रशिक्षण अधिकारी वनस्पति, उद्यान विभाग।
पेशे से आईटी प्रोफेशनल दंपती नवीन पटवाल व उनकी धर्मपत्नी आईआईटीयन पूनम शर्मा ने उस मशरूम को उगाने में सफलता अर्जित कर ली है, जिसे अभी तक वैज्ञानिक भी नहीं उगा पाए थे। जनपद मुख्यालय पौड़ी से सटे कोट ब्लॉक के फलदाकोट निवासी नवीन पटवाल ने बताया कि गुच्ची मशरूम के क्षेत्र में उन्होंने 2023 से कार्य शुरू किया। करीब डेढ़ साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने गुच्ची मशरूम का टिशू कल्चर विकसित कर इसका सफल स्पॉन (बीज) तैयार किया। बीते साल दिसंबर में उन्होंने गुच्ची के स्पॉन से इसकी खेती शुरू की। बताया कि करीब 90 दिनों की अवधि के बाद गुच्ची मशरूम का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ। नवीन ने बताया कि गुच्ची उत्पादन के लिए अधिकतम 15 व न्यूनतम 5 डिग्री का तापमान जरूरी है। इसके अलावा इसे 1200 से 1300 की ऊंचाई वाले स्थानों में ही उगाया जा सकता है। नवीन ने बताया कि फिलहाल गुच्ची को 6 गुणा 17 वर्ग मीटर के पॉली हाउस में ही उगाया जा रहा है। योजना सफल हुई तो गुच्ची का व्यावसायिक उत्पादन कर बाजार में इसे 30 से 35 हजार प्रति किग्रा की दर से बेचा जा सकता है।
विज्ञापन
कौन हैं नवीन पटवाल व पूनम शर्मा
फलदाकोट के अप्रवासी नवीन पटवाल ने फरीदाबाद हरियाणा से ही प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त की। वह 2003 में कंप्यूटर साइंस के बीटेक होल्डर हैं। नवीन देश की विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रतिष्ठित पदों पर नौकरी कर चुके हैं। जबकि धर्मपत्नी पूनम शर्मा आईआईटी खड़गपुर से पासआउट है और सरकारी आईटी सेक्टर में उच्च पदों पर तैनात रहीं। नवीन ने बताया कि वे 2007 से बटन मशरूम तैयार कर रहे हैं। महारथ होने के चलते वे प्रतिदिन तीन हजार किग्रा बटन मशरूम उत्पादन करते हैं।
विज्ञापन
देश में गुच्ची का पहला व्यावसायिक उत्पादन हुआ
वर्ल्ड सोसायटी ऑफ मशरूम बायोलॉजी एंड मशरूम प्रोडक्ट के उपाध्यक्ष और मशरूम रिसर्च निदेशालय सोलन के पूर्व निदेशक डॉ. मनजीत सिंह कोट ब्लॉक के फलदाकोट में उगाई गई गुच्ची मशरूम की खेती देखकर हैरान हैं। मशरूम वैज्ञानिक डॉ. मनजीत ने बीते दिनों फलदाकोट में उगाई जा रही गुच्ची मशरूम केंद्र का निरीक्षण। बताया कि युवा आईटी प्रोफेशनल नवीन पटवाल द्वारा उगाई गई गुच्ची मशरूम महंगी मशरूमों में से एक है। वर्ष 2009 में सोलन में इसकी व्यावसायिक खेती के लिए प्रोजेक्ट भी चलाए गए, लेकिन हर बार असफलता ही हाथ लगी। डॉ. मनजीत के मुताबिक यह देश की पहली गुच्ची मशरूम की व्यावसायिक खेती है। बताया कि केवल चीन में ही गुच्ची मशरूम को व्यावसायिक ताैर पर तैयार किया जाता है। बताया कि नवीन द्वारा तैयार की गई गुच्ची मशरूम की खेती से उत्तराखंड ही नहीं अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
प्राकृतिक रूप से उगने वाली गुच्ची मशरूम को तैयार करने के लिए अभी तक कोई प्रोजेक्ट तो नहीं चलाया गया, लेकिन अब लैब स्थापित हो गई है। जल्द ही इसको लेकर कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही गुच्ची मशरूम उत्पादक नवीन पटवाल से भी कुछ टिप्स लेकर इसके व्यावसायिक उत्पादन के लिए प्रयास करेंगे। - मनीष चौहान, सहायक प्रशिक्षण अधिकारी वनस्पति, उद्यान विभाग।