{"_id":"6aca3d3356bf126c2f03288d","slug":"revision-of-the-evaluation-system-for-pg-courses-at-garhwal-university-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-127323-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: गढ़वाल विवि में पीजी पाठ्यक्रमों की मूल्यांकन व्यवस्था में संशोधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: गढ़वाल विवि में पीजी पाठ्यक्रमों की मूल्यांकन व्यवस्था में संशोधन
Sat, 10 Oct 2026 06:57 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 10 Oct 2026 06:57 PM IST
विज्ञापन
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल विवि ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की मूल्यांकन व्यवस्था में संशोधन करने के साथ ही आंतरिक एवं सत्रीय परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले छात्र-छात्राओं को पुनः परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने का निर्णय लिया है। विवि के परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है।
जारी अधिसूचना के अनुसार सक्षम प्राधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में ये प्रावधान लागू किए गए हैं। इसके तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अंतर्गत संचालित सभी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सतत मूल्यांकन एवं सत्रीय परीक्षा (आंतरिक मूल्यांकन) व सत्रांत मूल्यांकन (बाह्य परीक्षा) के अंकों का वितरण 30:70 के अनुपात में किया जाएगा। यह संशोधित मूल्यांकन व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 और उसके बाद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2025-26 या उससे पहले प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। ऐसे विद्यार्थियों के लिए प्रवेश के समय प्रभावी मूल्यांकन पद्धति ही लागू रहेगी। विवि के जनसंपर्क अधिकारी आशुतोष बहुगुणा को जारी अधिसूचना की जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
जारी अधिसूचना के अनुसार सक्षम प्राधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में ये प्रावधान लागू किए गए हैं। इसके तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अंतर्गत संचालित सभी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सतत मूल्यांकन एवं सत्रीय परीक्षा (आंतरिक मूल्यांकन) व सत्रांत मूल्यांकन (बाह्य परीक्षा) के अंकों का वितरण 30:70 के अनुपात में किया जाएगा। यह संशोधित मूल्यांकन व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 और उसके बाद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2025-26 या उससे पहले प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। ऐसे विद्यार्थियों के लिए प्रवेश के समय प्रभावी मूल्यांकन पद्धति ही लागू रहेगी। विवि के जनसंपर्क अधिकारी आशुतोष बहुगुणा को जारी अधिसूचना की जानकारी दी गई है।
विज्ञापन