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Pauri News: राजा दशरथ ने की राज्याभिषेक की घोषणा, कैकयी ने मांगा राम के लिए वनवास
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पौड़ी। पौड़ी की ऐतिहासिक रामलीला के 124वें मंचन के चौथे दिन अयोध्या के राजा दशरथ ने राम के राज्याभिषेक की घोषणा की। लेकिन नाराज कैकयी ने राजा से राम के लिए वनवास और भरत के राजगद्दी मांगी। इस दौरान पात्रों ने बेहतरीन अभिनय कर मंचन को जीवंत बनाए रखकर दर्शकों के तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।
रामलीला मंचन में मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधान सभा के पूर्व सचिव जगदीश चंद्रा रहे। उन्होंने कहा कि पौड़ी की रामलीला ने पूरे उत्तराखंड में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। कहा कि धीरे-धीरे रामलीला के मंचन में अब काफी सकारात्मक बदलाव आ गए हैं। मंचन की श्रीराम स्तुति श्रीराम चंद्र कृपालु भजमन से शुरुआत हुई। इसमें निधि, अदिति रावत, पावनी बहुगुणा व पीहू ने बेहतरीन भावनृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद अयोध्या के राजा दशरथ ने राम के राज्याभिषेक की घोषणा की। जिसे सुन जन-जन खुशी से झूम उठा। लेकिन इधर महल में रानी कैकयी इसे सुनकर कोप भवन में चली गई।
उन्होंने राज दशरथ से तीन बचन मांगे। जिसमें भरत को राजगद्दी व राम को वनवास मांगा। जिसके बाद अयोध्या नगरी की खुशियां मौन चेतना में चली गई। रामलीला में दशरथ-सुमंत संवाद, सुमंत- मंथरा संवाद, मंथरा-कैकयी संवाद, कैकयी-सुमंत संवाद, राम-कैकयी संवाद, राम-कौशल्या संवाद के साथ सीता द्वारा राम के साथ वनवास जाने की बात पर मंचन संपन्न हुआ।
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कैकई की पात्र मोनिका वेदवाल, सीता आयुषी नेगी, दशरथ सुदर्शन बिष्ट, मंथरा खुशी सैलानी, कौशल्या सोनम डोभाल के अभिनय की दर्शकों ने खूब सराहना की। सर्वेंद्र रावत, मनोज रावत अंजुल, प्रीती, कविता ममगाईं ने पार्श्व गायन किया। तबले पर प्रमेंद्र नेगी, ढोलक पर तपेश्वर प्रसाद व समृद्धि, की बोर्ड पर नवांश बहुगुणा, साइड रिदम व ऑक्टोपैड पर शुभम बिष्ट ने संगत दी। वीडियोग्राफी व छायांकन अनुराग रावत व मंच संचालन वीरेंद्र खंकरियाल ने किया। इस अवसर पर छात्रसंघ सचिव अमन नेगी, जसपाल रावत, विमल बहुगुणा और देवेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
तेजी से चल रहा है पुतले का निर्माण
पौड़ी में रावण के पुतले का निर्माण तेजी से चल रहा है। पुतला करीब 32 फीट ऊंचा होगा। पुतले के सिर का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। जबकि धड़ का निर्माण कार्य शुरू कर लिया गया है। विजय दशमी पर्व पर रावण के पुतले दहन होगा। पुतला निर्माण में प्रदीप रावत, मंगल सिंह, गिरीश बड़वाल व राहुल नेगी अहम योगदान दे रहे हैं।
रामलीला मंचन में मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधान सभा के पूर्व सचिव जगदीश चंद्रा रहे। उन्होंने कहा कि पौड़ी की रामलीला ने पूरे उत्तराखंड में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। कहा कि धीरे-धीरे रामलीला के मंचन में अब काफी सकारात्मक बदलाव आ गए हैं। मंचन की श्रीराम स्तुति श्रीराम चंद्र कृपालु भजमन से शुरुआत हुई। इसमें निधि, अदिति रावत, पावनी बहुगुणा व पीहू ने बेहतरीन भावनृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद अयोध्या के राजा दशरथ ने राम के राज्याभिषेक की घोषणा की। जिसे सुन जन-जन खुशी से झूम उठा। लेकिन इधर महल में रानी कैकयी इसे सुनकर कोप भवन में चली गई।
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उन्होंने राज दशरथ से तीन बचन मांगे। जिसमें भरत को राजगद्दी व राम को वनवास मांगा। जिसके बाद अयोध्या नगरी की खुशियां मौन चेतना में चली गई। रामलीला में दशरथ-सुमंत संवाद, सुमंत- मंथरा संवाद, मंथरा-कैकयी संवाद, कैकयी-सुमंत संवाद, राम-कैकयी संवाद, राम-कौशल्या संवाद के साथ सीता द्वारा राम के साथ वनवास जाने की बात पर मंचन संपन्न हुआ।
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कैकई की पात्र मोनिका वेदवाल, सीता आयुषी नेगी, दशरथ सुदर्शन बिष्ट, मंथरा खुशी सैलानी, कौशल्या सोनम डोभाल के अभिनय की दर्शकों ने खूब सराहना की। सर्वेंद्र रावत, मनोज रावत अंजुल, प्रीती, कविता ममगाईं ने पार्श्व गायन किया। तबले पर प्रमेंद्र नेगी, ढोलक पर तपेश्वर प्रसाद व समृद्धि, की बोर्ड पर नवांश बहुगुणा, साइड रिदम व ऑक्टोपैड पर शुभम बिष्ट ने संगत दी। वीडियोग्राफी व छायांकन अनुराग रावत व मंच संचालन वीरेंद्र खंकरियाल ने किया। इस अवसर पर छात्रसंघ सचिव अमन नेगी, जसपाल रावत, विमल बहुगुणा और देवेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
तेजी से चल रहा है पुतले का निर्माण
पौड़ी में रावण के पुतले का निर्माण तेजी से चल रहा है। पुतला करीब 32 फीट ऊंचा होगा। पुतले के सिर का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। जबकि धड़ का निर्माण कार्य शुरू कर लिया गया है। विजय दशमी पर्व पर रावण के पुतले दहन होगा। पुतला निर्माण में प्रदीप रावत, मंगल सिंह, गिरीश बड़वाल व राहुल नेगी अहम योगदान दे रहे हैं।