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Pauri News: बहरीन में नौकरी, गांव में मनरेगा कुशल श्रमिक बनकर लिया भुगतान
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पौड़ी/थलीसैंण। विकास खंड थलीसैंण के ग्राम पंचायत कपरोली में विकास कार्यों में अनियमितता सामने आई है। इसका खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हुआ है। पंचायत के ग्राम प्रधान के पति का भाई बहरीन में नौकरी करता है, लेकिन उसे मनरेगा के तहत कुशल श्रमिक दर्शाया गया है। जिसका उसे भुगतान भी हुआ है। ऐसे ही देश के अन्य राज्यों में नौकरी करने वाले कुछ प्रवासी ग्रामीणों को भी मनरेगा मजदूर दर्शाकर उन्हें मजदूरी का भुगतान किया गया है। ग्रामीणों ने प्रकरण की शिकायत डीएम व सीडीओ पौड़ी की है। डीएम के निर्देश पर सीडीओ पौड़ी ने पीडी को प्रकरण की जांच सौंपकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत कपरोली निवासी भगत सिंह ने डीएम व सीडीओ पौड़ी को एक शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम सभा कपरोली में वर्ष 2019-2024 तक हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी गई थी। जिसमें सामने आया कि पंचायत में अनेक कार्य ऐसे हैं, जो धरातल पर नहीं हुए हैं, लेकिन कागजों में दर्शाकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि तेजपत्ता पौधरोपण (2020-21) में हुआ था। जिसकी लागत 84823 रुपये दिखाया गया है। जबकि वह कार्य नहीं हुआ है। कोल्ड स्टोर के भवन की मरम्मत कर उसे घी ग्रोथ सेंटर बना दिया। इस पर 13 लाख भी व्यय दिखाया गया है। जबकि घी ग्रोथ सेंटर बनकर तैयार ही नहीं हुआ है। कहा, कागजों में मिलन केंद्र के सामने शौचालय दर्शाया गया है, लेकिन धरातल पर शौचालय नहीं बना है। भगत सिंह ने बताया कि चौंकाने वाला प्रकरण यह सामने आया है कि ग्राम प्रधान के पति का भाई बहरीन में नौकरी करता है। उसे मनरेगा में कुशल श्रमिक दिखाया गया है। साथ ही भुगतान भी किया गया है। बताया कि विकास कार्यों के लिए जिस हार्डवेयर दुकान को कैन्यूर गांव में बताकर बिल लगाए गए हैं। वास्तव में इस नाम की दुकान कैन्यूर में नहीं है। इसके साथ ही ग्राम प्रधान ने मनरेगा में मजदूरी की है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
- विकास कार्यों में अनियमितता किए जाने के सारे आरोप निराधार हैं। प्रकरण की जांच के बाद स्वत: ही सारे आरोप झूठे साबित हो जाएंगे। -विमला देवी, ग्राम प्रधान कपरोली
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- थलीसैंण के ग्राम पंचायत कपरोली में विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत मिली है। प्रकरण की जांच पीडी को सौंपकर जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। -गिरीश गुणवंत, सीडीओ पौड़ी।
ग्राम पंचायत कपरोली निवासी भगत सिंह ने डीएम व सीडीओ पौड़ी को एक शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम सभा कपरोली में वर्ष 2019-2024 तक हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी गई थी। जिसमें सामने आया कि पंचायत में अनेक कार्य ऐसे हैं, जो धरातल पर नहीं हुए हैं, लेकिन कागजों में दर्शाकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि तेजपत्ता पौधरोपण (2020-21) में हुआ था। जिसकी लागत 84823 रुपये दिखाया गया है। जबकि वह कार्य नहीं हुआ है। कोल्ड स्टोर के भवन की मरम्मत कर उसे घी ग्रोथ सेंटर बना दिया। इस पर 13 लाख भी व्यय दिखाया गया है। जबकि घी ग्रोथ सेंटर बनकर तैयार ही नहीं हुआ है। कहा, कागजों में मिलन केंद्र के सामने शौचालय दर्शाया गया है, लेकिन धरातल पर शौचालय नहीं बना है। भगत सिंह ने बताया कि चौंकाने वाला प्रकरण यह सामने आया है कि ग्राम प्रधान के पति का भाई बहरीन में नौकरी करता है। उसे मनरेगा में कुशल श्रमिक दिखाया गया है। साथ ही भुगतान भी किया गया है। बताया कि विकास कार्यों के लिए जिस हार्डवेयर दुकान को कैन्यूर गांव में बताकर बिल लगाए गए हैं। वास्तव में इस नाम की दुकान कैन्यूर में नहीं है। इसके साथ ही ग्राम प्रधान ने मनरेगा में मजदूरी की है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
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- विकास कार्यों में अनियमितता किए जाने के सारे आरोप निराधार हैं। प्रकरण की जांच के बाद स्वत: ही सारे आरोप झूठे साबित हो जाएंगे। -विमला देवी, ग्राम प्रधान कपरोली
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- थलीसैंण के ग्राम पंचायत कपरोली में विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत मिली है। प्रकरण की जांच पीडी को सौंपकर जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। -गिरीश गुणवंत, सीडीओ पौड़ी।