{"_id":"66b376833fc22eb1f50a4d30","slug":"iti-devprayag-will-get-its-own-building-shrinagar-news-c-53-1-sri1003-107327-2024-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: आईटीआई देवप्रयाग मिलेगा अपना भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: आईटीआई देवप्रयाग मिलेगा अपना भवन
Wed, 07 Aug 2024 06:58 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 07 Aug 2024 06:58 PM IST
विज्ञापन
देवप्रयाग। आईटीआई को 32 साल बाद अपना भवन मिलने की उम्मीद जगी है। कौशल एवं सेवा योजन मंत्री सौरभ बहुगुणा की ओर से आईटीआई देवप्रयाग के नए भवन निर्माण को मंजूरी दे दी गई है।
विधायक विनोद कंडारी ने बताया कि उनके द्वारा देवप्रयाग आईटीआई के नए भवन निर्माण का प्रस्ताव मंत्री को दिया गया था। मंत्री की ओर से नए भवन के निर्माण की स्वीकृति देते हुए इसके वित्तीय पोषण का प्रस्ताव नाबार्ड को भेज दिया है। दरअसल 1992 में देवप्रयाग में आईटीआई की शुरुआत की गई थी।
2002 में इसको किराये के भवन से पालिका के बहुउद्देशीय भवन में शिफ्ट किया गया था। 11 मई 2021 को शांता नदी में आए सैलाब में तीन मंजिला भवन आईटीआई सहित जमींदोज हो गया था। तत्कालीन सीएम तीरथ सिंह रावत ने मौके पर पहुंचकर आईटीआई के लिए भूमि चयन कर नए भवन बनाने की घोषणा की थी, लेकिन सीएम की घोषणा परवान नही चढ़ पाई और आईटीआई को स्टाफ सहित मुनिकीरेती शिफ्ट किया गया। क्षेत्रीय जनता के विरोध के बाद इसको मुनिकीरेती से वापस देवप्रयाग स्थित नगर पालिका सभागार में शिफ्ट किया गया, जहां फिलहाल संचालित हो रहा है। अधर में लटके आईटीआई भूमि चयन के मामले में भवन निर्माण की स्वीकृति के बाद तेजी आने के आसार है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विधायक विनोद कंडारी ने बताया कि उनके द्वारा देवप्रयाग आईटीआई के नए भवन निर्माण का प्रस्ताव मंत्री को दिया गया था। मंत्री की ओर से नए भवन के निर्माण की स्वीकृति देते हुए इसके वित्तीय पोषण का प्रस्ताव नाबार्ड को भेज दिया है। दरअसल 1992 में देवप्रयाग में आईटीआई की शुरुआत की गई थी।
विज्ञापन
2002 में इसको किराये के भवन से पालिका के बहुउद्देशीय भवन में शिफ्ट किया गया था। 11 मई 2021 को शांता नदी में आए सैलाब में तीन मंजिला भवन आईटीआई सहित जमींदोज हो गया था। तत्कालीन सीएम तीरथ सिंह रावत ने मौके पर पहुंचकर आईटीआई के लिए भूमि चयन कर नए भवन बनाने की घोषणा की थी, लेकिन सीएम की घोषणा परवान नही चढ़ पाई और आईटीआई को स्टाफ सहित मुनिकीरेती शिफ्ट किया गया। क्षेत्रीय जनता के विरोध के बाद इसको मुनिकीरेती से वापस देवप्रयाग स्थित नगर पालिका सभागार में शिफ्ट किया गया, जहां फिलहाल संचालित हो रहा है। अधर में लटके आईटीआई भूमि चयन के मामले में भवन निर्माण की स्वीकृति के बाद तेजी आने के आसार है। संवाद
विज्ञापन