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Pauri News: प्रतिबंध के बीच गुटखा-पान मसाला महंगा, दुकानदारों पर दोहरी मार
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श्रीनगर। उत्तराखंड में 13 अक्तूबर से तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा व पान मसाले पर एक साल के लिए प्रतिबंध के बाद श्रीनगर के बाजार में कीमतों को लेकर असमंजस बना हुआ है। प्रतिबंध के बीच कुछ उत्पादों के दाम बढ़ने से छोटे दुकानदार परेशान हैं। दुकानदारों का आरोप है कि थोक विक्रेता उन्हें पहले से जमा माल महंगे दामों पर बेच रहे हैं। ऐसे में ग्राहकों को भी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। वहीं, पुलिस की ओर से चालानी कार्रवाई भी की गई है।
दुकानदारों के मुताबिक, 15 रुपये में मिलने वाला पैकेट अब 20 रुपये में बेचना पड़ रहा है। वहीं, 10 रुपये वाले कुछ उत्पादों के लिए भी 20 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि जब उन्हें थोक में ही सामान महंगा मिल रहा है तो वे पुराने दामों पर बिक्री कैसे करें। इससे छोटे कारोबारियों का मुनाफा घट रहा है और ग्राहकों की जेब पर भी असर पड़ रहा है।
पहले स्टॉक जमा करने का आरोप-- -
दुकानदार राहुल का आरोप है कि कुछ थोक विक्रेताओं ने प्रतिबंध लागू होने से पहले ही माल जमा कर लिया था। अब उसी माल को महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। इससे छोटे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, थोक विक्रेताओं का कहना है कि उनके पास पहले का स्टॉक मौजूद है, जिसे बेचना है।
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कार्रवाई को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं
-- -प्रतिबंध के बाद दुकानदारों के बीच बिक्री और कार्रवाई को लेकर असमंजस बना हुआ है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि शासन से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश मिलने पर नियमानुसार चालानी कार्रवाई समेत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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दुकानदारों के मुताबिक, 15 रुपये में मिलने वाला पैकेट अब 20 रुपये में बेचना पड़ रहा है। वहीं, 10 रुपये वाले कुछ उत्पादों के लिए भी 20 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि जब उन्हें थोक में ही सामान महंगा मिल रहा है तो वे पुराने दामों पर बिक्री कैसे करें। इससे छोटे कारोबारियों का मुनाफा घट रहा है और ग्राहकों की जेब पर भी असर पड़ रहा है।
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पहले स्टॉक जमा करने का आरोप
दुकानदार राहुल का आरोप है कि कुछ थोक विक्रेताओं ने प्रतिबंध लागू होने से पहले ही माल जमा कर लिया था। अब उसी माल को महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। इससे छोटे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, थोक विक्रेताओं का कहना है कि उनके पास पहले का स्टॉक मौजूद है, जिसे बेचना है।
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कार्रवाई को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं