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Pauri News: प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित पांच का स्पष्टीकरण तलब
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पौड़ी। मुख्य चिकित्साधिकारी पौड़ी डाॅ. प्रवीण कुमार ने प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी थलीसैंण सहित पांच अधिकारी-कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कहा, निर्धारित तिथि तक संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिलाधिकारी पौड़ी डॉ. आशीष चौहान ने बीते 30 सितंबर की रात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैण का औचक रात्रि निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पताल लावारिस हाल में मिला था। अस्पताल में रात्रि ड्यूटी पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। मेडिकल वेस्ट बेतरतीब फैला हुआ था और कमरों में ताला नहीं लगाया गया था। डाॅ. चौहान ने बताया कि थलीसैंण सीएचसी में सभी वार्ड व चिकित्साधिकारी कक्ष बंद पाए गए। वार्ड में उपयोग में लाए गए इंजेक्शन के साथ ही मेडिकल वेस्ट सामग्री कूड़ेदान में बेतरतीब ढंग से फेंकी हुई थी।
अस्पताल कार्मिकों द्वारा अस्पताल में सभी लेखन सामग्री, ओपीडी पंजिका, उपकरण खुले में छोड़े गए थे। अस्पताल में महत्वपूर्ण उपकरण, दवाइयां, दस्तावेज, सार्वजनिक व विभागीय परिसंपत्ति को लावारिस छोड़ा गया था। जिसके चोरी होने या उन्हें क्षति पहुंचाने की ऐसे में पूरी आशंका थी। कहा था कि अस्पताल में सुरक्षा कर्मी, वार्ड बॉय, फार्मासिस्ट व डाॅक्टर की तैनाती अनिवार्य है। डीएम डाॅ. आशीष चौहान ने सीएमओ पौड़ी को चिकित्सा सेवा के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जल्द ही कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाए जाने के निर्देश दिए थे।
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सीएमओ पौड़ी डाॅ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सीएचसी थलीसैंण के प्रभारी चिकित्साधिकारी, रात्रि ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय व सफाई कर्मचारी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। कहा दो दिन की निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिलाधिकारी पौड़ी डॉ. आशीष चौहान ने बीते 30 सितंबर की रात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैण का औचक रात्रि निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पताल लावारिस हाल में मिला था। अस्पताल में रात्रि ड्यूटी पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। मेडिकल वेस्ट बेतरतीब फैला हुआ था और कमरों में ताला नहीं लगाया गया था। डाॅ. चौहान ने बताया कि थलीसैंण सीएचसी में सभी वार्ड व चिकित्साधिकारी कक्ष बंद पाए गए। वार्ड में उपयोग में लाए गए इंजेक्शन के साथ ही मेडिकल वेस्ट सामग्री कूड़ेदान में बेतरतीब ढंग से फेंकी हुई थी।
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अस्पताल कार्मिकों द्वारा अस्पताल में सभी लेखन सामग्री, ओपीडी पंजिका, उपकरण खुले में छोड़े गए थे। अस्पताल में महत्वपूर्ण उपकरण, दवाइयां, दस्तावेज, सार्वजनिक व विभागीय परिसंपत्ति को लावारिस छोड़ा गया था। जिसके चोरी होने या उन्हें क्षति पहुंचाने की ऐसे में पूरी आशंका थी। कहा था कि अस्पताल में सुरक्षा कर्मी, वार्ड बॉय, फार्मासिस्ट व डाॅक्टर की तैनाती अनिवार्य है। डीएम डाॅ. आशीष चौहान ने सीएमओ पौड़ी को चिकित्सा सेवा के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जल्द ही कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाए जाने के निर्देश दिए थे।
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सीएमओ पौड़ी डाॅ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सीएचसी थलीसैंण के प्रभारी चिकित्साधिकारी, रात्रि ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय व सफाई कर्मचारी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। कहा दो दिन की निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।