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पौड़ी जिले में सशर्त खुलेंगे उद्यम, होंगे मनरेगा कार्य
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जिले में अब सशर्त प्रतिबंधों के साथ सोमवार (आज) से उद्यम खुल जाएंगे। मनरेगा, कृषि, पशुपालन, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण सहित कई कार्य भी होंगे। सोमवार से लॉकडाउन में मिलने वाली छूट के लिए डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। उन्होंने नियुक्त नोडल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
पौड़ी जिले में लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन ने 22 क्षेत्रों में सशर्त छूट दी है। नोडल अधिकारी इन कार्यों की अनुमति देने के साथ ही निगरानी भी करेंगे। मनरेगा के कार्यों की अनुमति व निगरानी का दायित्व संबंधित विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी संभालेंगे। इसके लिए लोगों को संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा कृषि, बागवानी निर्विवाद रूप से चलती रहेगी। उर्वरक, कीटनाशक, बीजों का वितरण, फसलों की कटाई, बुवाई सहित कार्य की अनुमति मुख्य कृषि अधिकारी व मुख्य उद्यान अधिकारी देंगे। सड़क राजमार्ग, रेलवे के कार्य के साथ ही नगर निकायों में सार्वजनिक निर्माण कार्य भी होंगे। जिले में मछली उत्पादन, चारा संयंत्र, मछली बीज व वाणिज्यक मछली उत्पादन, रख-रखाव, कटाई, बिक्री पैकेजिंग का कार्य जिला मत्स्य प्रभारी की देखरेख में होगा। दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद संग्रहण, वितरण व आपूर्ति सहित अन्य कार्यों की जिम्मेदारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की होगी। उद्यम के संचालन को लेकर संचालक को सामाजिक दूरी, कर्मचारियों के रहने, खाने व सैनिटाइजेशन का जिम्मा देखना होगा। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मिलने वाली छूट को लेकर नियमों के पालन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
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पौड़ी जिले में लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन ने 22 क्षेत्रों में सशर्त छूट दी है। नोडल अधिकारी इन कार्यों की अनुमति देने के साथ ही निगरानी भी करेंगे। मनरेगा के कार्यों की अनुमति व निगरानी का दायित्व संबंधित विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी संभालेंगे। इसके लिए लोगों को संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा कृषि, बागवानी निर्विवाद रूप से चलती रहेगी। उर्वरक, कीटनाशक, बीजों का वितरण, फसलों की कटाई, बुवाई सहित कार्य की अनुमति मुख्य कृषि अधिकारी व मुख्य उद्यान अधिकारी देंगे। सड़क राजमार्ग, रेलवे के कार्य के साथ ही नगर निकायों में सार्वजनिक निर्माण कार्य भी होंगे। जिले में मछली उत्पादन, चारा संयंत्र, मछली बीज व वाणिज्यक मछली उत्पादन, रख-रखाव, कटाई, बिक्री पैकेजिंग का कार्य जिला मत्स्य प्रभारी की देखरेख में होगा। दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद संग्रहण, वितरण व आपूर्ति सहित अन्य कार्यों की जिम्मेदारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की होगी। उद्यम के संचालन को लेकर संचालक को सामाजिक दूरी, कर्मचारियों के रहने, खाने व सैनिटाइजेशन का जिम्मा देखना होगा। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मिलने वाली छूट को लेकर नियमों के पालन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
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